अपने पहले दो सीजन में मेन ऑफ स्टील ने पांचवें स्थान पर फिनिश किया था।

मशहूर टाटा फुटबॉल अकादमी (टीएफए ) के होम जमेशदपुर में जब 2017 में जमशेदपुर एफसी की टीम का जन्म हुआ तो यह शहर के लिए नई उपलब्धि थी। सालों से टॉप इंडियन टैलेंट्स को तैयार करने के बाद शहर के फुटबॉल फैंस को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में सपोर्ट करने के लिए अपना खुद का एक क्लब मिला। कई सुविधाओं के साथ अपना खुद का स्टेडियम रखने वाली इकलौती क्लब होने के बावजूद पिछले तीन सीजन में क्लब प्ले-ऑफ में जगह नहीं बना सकी है।

पहले दो सीजन में पांचवें स्थान पर रहने वाली क्लब ने टॉप-4 फिनिश करने की क्षमता दिखाई थी। हालांकि, पिछले सीजन वे केवल चार जीत ही हासिल कर सके और अंक तालिका में आठवें स्थान पर रहे। प्रदर्शन को दिमाग में रखते हुए हम मेन ऑफ स्टील की ऑल टाइम इलवेन बना रहे हैं।

गोलकीपर: सुब्रता पॉल

क्लब की स्थापना से ही सुब्रता पॉल इससे जुड़े रहे हैं और गोलकीपर की भूमिका निभाने के लिए प्रमुख नाम हैं। 33 वर्षीय दिग्गज गोलकीपर ने मेन ऑफ स्टील के लिए 49 मैच खेले हैं और सालों से फैंस के फेवरेट रहे हैं। पहले दो सीजन में वह क्लब के सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। हाल ही में उन्होंने जमशेदपुर एफसी छोड़कर हैदराबाद एफसी ज्वाइन किया है।

राइट-बैक: रॉबिन गुरुंग

नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के साथ बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद डिफेंडर गुरुंग ने जमशेदपुर एफसी के लिए भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने डिफेंस में कई पोजीशन पर खेला है और हर पोजीशन पर अच्छा दमदार फुटबॉल खेली है। 27 वर्षीय इस अनुभवी प्लेयर ने जमशेदपुर के लिए प्रेशर को सही तरीके से हैंडल किया है। 2017 में क्लब ज्वाइन करने के बाद उन्होंने 26 मैच खेले हैं।

सेंटर-बैक: टिरी

एटीके के साथ 2016 में आईएसएल जीतने के बाद टिरी ने इंडिया में खुद को साबित कर दिया था। 2017 में जमशेदपुर एफसी ने उन्हें खरीदा और तीन सालों तक वह टीम के सबसे अहम खिलाड़ी रहे। उन्होंने क्लब के लिए 49 मैच खेले हैं और कई मौकों पर उन्हें कप्तानी करते भी देखा गया है। पिछले सीजन की समाप्ति पर उन्होंने क्लब छोड़ दिया, लेकिन वह आईएसएल इतिहास के बेस्ट विदेशी डिफेंडर्स में से एक हैं।

सेंटर-बैक: मेमो मोउरा

ब्राजीलियन खिलाड़ी मोउरा भारत में खेलने वाले सबसे ईमानदार और लंबे समय से खेलने वाले विदेशी प्लेयर्स में से एक हैं। मेन ऑफ स्टील के लिए मेमो सालों से अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं। उन्होंने डिफेंसिव मिडफील्डर के रूप में शुरुआत की और पिछले सीजन सेंटर-बैक पोजीशन में खेले। 32 वर्षीय इस प्लेयर ने क्लब के लिए 57 मैच खेले हैं।

लेफ्ट-बैक: बिकास जैरू

बिकास भी एक ऐसे प्लेयर हैं जो किसी भी पोजीशन पर खेल सकते हैं। वह एक ऐसे मिडफील्डर हैं जो फुल-बैक पोजीशन पर भी खेल सकते हैं भी और जमशेदपुर एफसी के कोर सेटअप के प्लेयर हैं। 2017 में क्लब ज्वाइन करने के बाद से जैरू अब तक 37 मैच खेल चुके हैं और उन्होंने मिडफील्ड से लेकर डिफेंस तक कई पोजीशन पर खेला है। हालांकि, उन्होंने क्लब छोड़ दिया हैं और अगले सीजन ईस्ट-बंगाल के लिए खेलते हुए नजर आएंगे।

सेंटर डिफेंसिव-मिडफील्डर: एइतोर मोनरॉय

स्पैनिश मिडफील्डर ने 2019 में क्लब ज्वाइन किया था। भले ही क्लब का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा, लेकिन मिडफील्ड में प्रभाव डालने वाले वह इकलौते विदेशी प्लेयर रहे, उन्होंने मैच के दौरान कई मौकों पर अपने क्लब के लिए पोजेशन भी हासिल किया। यदि उन्हें अन्य प्लेयर्स का साथ मिला होता तो कहानी कुछ और हो सकती थी। सीजन के अंत में उन्होंने तीसरे सबसे ज्यादा 1,129 पास और दूसरे सबसे ज्यादा 114 टैकल किए।

सेंटर डिफेंसिव-मिडफील्डर: मारियो आर्क्वेस

2018 में क्लब से जुड़ने वाले 28 वर्षीय स्पैनिश प्लेयर मारियो उस सीजन टीम के अहम सदस्य बन गए। वाइड पासिंग रेंज और मिडफील्ड से बिल्डअप करने की उनकी कला ने अन्य प्लेयर्स को खुलकर खेलने की आजादी दी। उन्होंने केरला ब्लास्टर्स ज्वाइन किया था, लेकिन चोट के कारण पिछले सीजन केवल छह ही मैच खेल सके।

राइट विंगर: जेरी माविहमिंगथांगा

इस इंडियन विंगर ने लगातार अपने खेल से सभी को प्रभावित किया। वह 2018 में जमशेदपुर एफसी से जुड़े थे और क्लब के लिए कुल 30 मैच खेले। जेरी ने राइट फ्लैंक पर खूब दौड़ लगाई और टीम के लिए कई मौके बनाए। 2019 में उन्होंने ओडिशा एफसी ज्वाइन किया था।

सेंटर अटैकिंग मिडफील्डर: फारुख चौधरी

क्लब की स्थापना से ही क्लब के साथ रहने वाले खिलाड़ियों में फारुख भी एक हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ी के रूप में क्लब ज्वाइन किया था और अब परिपक्व होकर क्लब छोड़ेंगे। 23 वर्षीय फारवर्ड किसी भी प्रकार के सिस्टम में फिट बैठ सकते हैं। वह क्लब के लिए 47 मैच खेलने के बाद इस सीजन मुंबई सिटी एफसी से जुड़ने वाले हैं।

लेफ्ट विंगर: माइकल सुसाइराज

2018-19 सीजन के शानदार प्रदर्शन की बदौलत माइकल इंडियन फुटबॉल फैंस के फेवरेट खिलाड़ी बन गए थे। जमशेदपुर एफसी के साथ उन्होंने आईएसएल में पहली बार अपनी चमक दिखाई। उनका बॉल कंट्रोल और स्किल्स उन्हें एक बेतरीन फुटबॉल प्लेयर बनाती है। भले ही उन्होंने क्लब के लिए केवल 14 मैच खेले, लेकिन उनमें चार गोल दागे। एक सीजन के बाद ही वह एटीके चले गए।

स्ट्राइकर: सर्जियो कैस्टेल

कैस्टेल 2019 में क्लब ज्वाइन करने के साथ ही टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक बन गए। उन्होंने पिटी के साथ अच्छी जोड़ी बनाई और विपक्षी डिफेंडर्स के लिए मुसीबतें पैदा की। पिछले सीजन केवल 11 मैच खेलने के बावजूद कैस्टेल ने सात गोल दागे थे।