इंडियन फॉरवर्ड ने स्पेन में अपनी ट्रेनिंग को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।

भारतीय फुटबॉल टीम और बेंगलुरु एफसी के दिग्गज प्लेयर आशिक कुरुनियन केरल से ताल्लुक रखते हैं और हाल ही में इंस्टाग्राम पर लेट्स फुटबॉल लाइव इवेंट में उन्होंने बताया कि राज्य में फुटबॉल को लेकर सबसे ज्यादा पैशन है।

उन्होंने राज्य में फुटबॉल के प्रति लोगों के दीवानगी के बारे में बताया और कहा कि केरल के लोग फुटबॉल सीखना चाहते हैं। आशिक कुरुनियन ने कहा, “फुटबॉल के लिए केरल में काफी पैशन है। मेरी फैमिली भी फुटबॉल को काफी पसंद करती थी और मुझे उसी वजह से काफी सपोर्ट मिला। केरल में कई सारी एकेडमी हैं जहां बचपन से ही बच्चों को फुटबॉल की बारीकियां सिखाई जाती हैं। कई सारे पैरेंट्स होते हैं जो अपने बच्चों का करियर फुटबॉल में बनाना चाहते हैं।”

आशिक कुरुनियन ने अपने करियर की शुरुआत में ही केरला सेवन एस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और वहां पर उन्हें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। उनके मुताबिक यह टूर्नामेंट उनके लिए लाइफ चेजिंग रहा।

उन्होंने कहा, “केरला सेवन एस काफी जबरदस्त टूर्नामेंट है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस आते हैं लेकिन मैच के दौरान इंजरी का खतरा भी काफी ज्यादा होता है। हालांकि मैंने इस टूर्नामेंट में खेलकर काफी कुछ सीखा और ये एक शानदार लीग है।”

स्टार फॉरवर्ड खिलाड़ी ने स्पेन में अपने ट्रेनिंग के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें एक नए माहौल में खुद को ढालना पड़ा और उनके सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन फैमिली ने उन्हें काफी मोटिवेट किया।

उन्होंने कहा, “स्पेन में ट्रेनिंग काफी अलग थी। मेरे साथ जितने भी प्लेयर थे वो सारे काफी युवा थे लेकिन वो फिजिकली और मेंटली मुझसे ज्यादा मैच्योर थे। मैंने वहां पर काफी कुछ सीखा, लेकिन मेरे लिए चुनौतियां भी काफी थीं। जब मैं यहां पर था तो मेरी फैमिली मेरे पास थी। वहां पर मैं काफी अकेला था और नए देश में एडजस्ट करने में काफी दिक्कत हो रही थी।”

“मैं अपनी फैमिली को इसके बारे में बताता था लेकिन वो मुझसे कहते थे कि उन्हें मुझ पर गर्व है और मैं उस जगह की शिकायत कर रहा हूं। उन्होंने मुझे कड़ी मेहनत करने के लिए मोटिवेट किया। हालांकि, उसके बाद मैं चोटिल हो गया और मुझे वापस लौटना पड़ा।”

अपने लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से आशिक कुरुनियन अब बेंगलुरु एफसी की टीम का नियमित हिस्सा बन गए हैं। उनके मुताबिक वो बेंगलुरु एफसी के लिए शुरु से ही खेलना चाहते थे और जब उन्हें इसका मौका मिला तो उन्होंने बिल्कुल भी देर नहीं लगाई।

उन्होंने कहा, “मैं बेंगलुरु एफसी के लिए हमेशा से ही खेलना चाहता था। जब वो आईएसएल में आए और मुझे मूव करने का ऑप्शन मिला तो मैंने बिल्कुल भी नहीं सोचा। मेरे पास अभी भी कॉन्ट्रैक्ट है और जब तक मैं यहां हूं टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करुंगा। अगर मैनेजमेंट फैसला लेती है कि मुझे टीम के साथ बने रहना है तो फिर मैं आने वाले सालों में भी इसी टीम के साथ रहुंगा और मैच जिताने की कोशिश करुंगा।”