फीफा के प्रेसिडेंट ने खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे प्रोटेस्ट की सराहना की।

अमेरिका में पुलिस द्वारा मारे गए अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के विरोध में दुनियाभर में प्रोटेस्ट हो रहे हैं और इसमें बुन्डेसलीगा के खिलाड़ी भी पीछे नहीं है। वे मैच के दौरान अपने ही तरीके से प्रोटेस्ट कर रहे हैं और इसपर फीफा के प्रेसिडेंट गियानी इन्फेंटिनो का कहना है कि इन खिलाड़ियों को सजा नहीं दी जानी चाहिए बल्कि इनकी तारीफ होनी चाहिए।

मिनियोप्लिस में रहने वाले 46 साल के जॉर्ज फ्लॉयड की पिछले सप्ताह पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो गई थी। डेरेक चोविन नाम के श्वेत पुलिस अधिकारी ने फ्लॉयड के गले पर अपना घुटना रखा हुआ था जिसके कारण उनकी सांसें रुक गई और उनकी मौत हो गई।

गियानी इन्फेंटिनो ने कहा, “संदेह से बचने के लिए, हाल में बुन्डेसलीगा मैचों में खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शनों को फीफा द्वारा सराहा जाएगा, न कि उन्हें दंडित किया जाएगा। हम सभी को जातिवाद और भेदभाव के किसी भी रूप में नहीं स्वीकार नहीं करना चाहिए। हम सभी को हिंसा को स्वीकार नहीं करना चाहिए। हिंसा का कोई भी रूप बर्दाश्त नहीं।”

“कानूनों का पालन कराना प्रतिस्पर्धा आयोजकों की जिम्मेदारी है लेकिन उन्हें इस मामले से जुड़े घटनाक्रम को ध्यान में रखकर अपनी समझदारी दिखानी चाहिए।”

बुन्डेसलीगा में खेलने वाले युवा खिलाड़ी जेडन सांचो, अखरफ हकीमी और मार्कस थुरम ने रविवार को मैदान पर अपने तरीके से प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया। बोरुशिया डॉर्टमंड की ओर से खेलने वाले सांचो ने शानदार हैट्रिक लगाई और मैच के पहले गोल के बाद जर्सी उतारी। उनकी टी शर्ट पर लिखा था जस्टिस फोर जॉर्ज फ्लॉयड।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “पहली पेशेवर हैट्रिक। खट्टा मीठा अनुभव क्योंकि दुनिया में और भी महत्वपूर्ण चीजें हो रही है। हमें उन पर अपनी राय रखनी होगी। सभी को एक होकर इंसाफ के लिये लड़ना होगा।”

डॉर्टमंड ने उस मैच में 6-0 से जीत दर्ज की और प्वॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया। डिफेंडिंग चैम्पियन बायर्न म्यूनिख टॉप पर मौजूद है और उसके कुल 67 अंक हैं।