इंडियन टीम की कैप्टन ने देश में महिला फुटबॉल की स्थिति पर चर्चा की।

इंडिया की महिला फुटबॉल टीम की कैप्टन अदिति चौहान का मानना है कि अगले साल होने वाले फीफा अंडर-17 वुमेन्स फुटबॉल वर्ल्ड कप के कारण देश को कई बेहतरीन खिलाड़ी मिलेंगे जो एशियन कप में सीनियर टीम के लिए खेल सकते हैं।

वर्ष 2022 में होने वाले एएफसी वुमेन्स एशियन कप की मेजबानी भी भारत को दी गई है और कैप्टन को उम्मीद है कि उनकी टीम टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करने में कामयाब हो पाएंगी।

अदिति चौहान ने एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान कहा, “सभी टूर्नामेंट को लेकर बहुत ही उत्साहित हैं। यह हम सभी के लिए यह बहुत बड़ा मौका है। मुझे यकीन है कि अंडर-17 वर्ल्ड कप से हमें एशियन कप के लिए भी दमदार प्लेयर्स मिल पाएंगे। यह हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा खासकर तब जब हम एएफसी एशियन कप की भी मेजबानी कर रहे हैं।”

“देश में हो रहे वर्ल्ड कप का काफी बड़ा प्रभाव भी पड़ेगा। टूर्नामेंट देखकर कई लोगों को यह लगेगा कि लड़कियां फुटबॉल खेल सकती हैं और उन्हें खेलना भी चाहिए। यह देश में इंडियन वुमेन्स फुटबॉल के ​डेवलपमेंट और लोगों के बीच उसकी जागरुकता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”

अदिति चौहान ने यह भी कहा है कि फिलहाल, इंडिया की सीनियर टीम में विविधता में एकता है और देश के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी निकलर आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जब मैंने पहली बार इंडियन फुटबॉल टीम में खेलना शुरू किया था तो उस समय मणिपुर के खिलाड़ियों का काफी दबदबा था। लेकिन अब यह काफी विविधता वाली टीम बन गई है। टीम में बहुत सारे पात्र हैं। एक अखिल भारतीय प्रतिनिधित्व जो टीम को एकजुट करने में मदद करता है।”

“विविधता में एकता हमारी ताकत है। हम सभी एक साथ एक मिशन पर हैं- देश का प्रतिनिधित्व करना। यही हमें परिभाषित करता है। हमें बहुत सारे किरदारों के साथ बातचीत करनी है जिनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हर किसी के पास बताने के लिए एक अलग कहानी है, जैसे कि उनकी यात्रा, संघर्ष, घर की परिस्थितियां और भी बहुत कुछ।”

अदिति चौहान का मानना है कि लड़कियां मणिपुरी स्ट्राइकर बाला देवी के नक्शेकदम पर चलेंगी। बाला देवी विदेशी क्लब से करार करने वाली भारत की पहली महिला फुटबॉलर हैं, उन्होंने स्काटलैंड के फुटबाल क्लब रेंजर्स के साथ करार है।

उन्होंने कहा, “बाला एक शानदार खिलाड़ी हैं और रेंजर्स में जाना उनके लिए एक अद्भुत है। उनके खेल का स्तर, संस्कृति काफी अलग है। उनका अनुभव न केवल हमारे लिए बल्कि भारतीय फुटबाल के लिए काफी अहम है।”