2017 फीफा वर्ल्ड कप के बाद इस खिलाड़ी ने इंडियन फुटबॉल में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

अमरजीत सिंह कियाम 19 साल के हैं और इंडियन फुटबॉल के सबसे उभरते हुए सितारों में से एक हैं। एक बेहतरीन खिलाड़ी होने के अलावा वह एक जबरदस्त कप्तान भी हैं। 2017 के अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए बेहतरीन लीडरशिप का नमूना पेश किया था। उसके बाद से वह लगातार आगे बढ़ते गए हैं और इस वक्त भारतीय फुटबॉल के यंग स्टार्स में से एक हैं।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में जमशेदपुर एफसी के लिए खेलने वाले मिडफील्डर ने इंडियन फुटबॉल टीम के कोच इगोर स्टीमाक की काफी तारीफ की। उन्होंने पिछले साल स्टीमाक के अंडर ही अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था।

अमरजीत सिंह कियाम ने कहा, “इगोर स्टीमाक उन प्लेयर्स को ज्यादा पसंद करते हैं जो अपना बेस्ट देते हैं। उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता है कि आप जूनियर हैं या सीनियर, वो सबके साथ बराबरी का व्यवहार करते हैं। स्टीमाक को गेम में ट्रांजिशन काफी पसंद हैं, जब अपोजिशन के पास बॉल चली जाती है तो एक टीम के तौर पर हमें डिफेंड करना होता है। जब हमें गेंद मिलती है, खासकर डिफेंसिव मिडफील्डर के रूप में मेरे एरिया में तो मुझे उसे अनिरुद्ध थापा, उदांता सिंह, सहल अब्दुल समद या लालियानजुआला को पास करना होता है। मुझे बॉल को ड्रिबल नहीं करना होता है बल्कि उसे जल्द से जल्द दूसरे प्लेयर को पास करना होता है।”

उन्होंने स्टीमाक की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से ही उन्हें अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका मिला था। अगर स्टीमाक कोच नहीं होते तो शायद वह भारत के लिए अभी तक नहीं खेल पाते।

अमरजीत सिंह कियाम ने कहा, “स्टीमाक एक बहुत ही शानदार कोच हैं। मुझे अपना डेब्यू कोच की वजह से करने को मिला। अगर वो वहां नहीं होते तो शायद मुझे डेब्यू का मौका ही नहीं मिलता। जब भी मैं कोई गलती करता था तो वो मुझे कहते थे कि कोई दिक्कत नहीं, अभी तुम यंग हो ये तुम्हारा सीखने का समय है। एक यंग प्लेयर के तौर पर हम काफी लकी थे कि उनके जैसा कोच मिला।”

उन्होंने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) की काफी तारीफ की और कहा कि युवाओं को जितने मौके एआईएफएफ देती है उतना किसी और टीम को नहीं मिलता है। अमरजीत सिंह के मुताबिक एआईएफएफ टॉप टीमों के खिलाफ टूर्नामेंट रखती है जिससे यंग प्लेयर्स को काफी एक्सपोजर मिलता है।

अमरजीत सिंह ने कहा, “हम काफी लकी हैं, क्योंकि जितना एक्सपोजर टूर हमें करने को मिलता है उतना शायद किसी और नेशनल टीम को नहीं मिलता है। हम लोगों ने ब्राजील, साउथ अफ्रीका, जर्मनी, स्पेन, नॉर्वे और इटली जैसे कई देशों का दौरा किया और कई बेहतरीन टीमों और क्लबों के खिलाफ खेले। इन एक्सपोजर टूर की वजह से हमें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। हमने उन खिलाड़ियों के खिलाफ मैच खेले जो अब दुनिया की बेहतरीन टीमों का हिस्सा हैं।”

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बड़ी टीमों के खिलाफ मैच खेले तो उस दौरान कई बेहतरीन प्लेयर्स का सामना किया। उन दिग्गज खिलाड़ियों के खिलाफ खेलकर उनकी स्किल में और सुधार हुआ। उन्होंने इन टूर्स के लिए एआईएफएफ का आभार प्रकट किया।

अमरजीत ने बताया, “जब नॉर्वे के खिलाफ हमारा मैच था तो हम इरलिंग हालैंड के खिलाफ खेले। मोहम्मद नवाज ने उस मैच में जबरदस्त सेव किया था। इसके अलावा ब्रिक्स टूर्नामेंट में ब्राजील के खिलाफ भी हम खेले। विनिसिअस जूनियर उस टीम में थे और अब वो रियाल मैड्रिड का हिस्सा हैं। अब हमें लगता है कि कितने बेहतरीन प्लेयर्स के खिलाफ हम खेल चुके हैं। हमने उनके खिलाफ और उनको खेलते हुए देखकर काफी कुछ सीखा। इस एक्सोजर टूर के लिए मैं एआईएफएफ को धन्यवाद देना चाहता हूं।”