इंडिया के दो सबसे बड़े क्लब मोहन बागान और एटीके ने हाथ मिला लिया है और अब वे अगले सीजन से नए नाम के साथ इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में खेलेंगे।
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एटीके के मालिकाना हक वाली कंपनी आरपीएसजी ग्रुप ने मोहन बागान में मेजोरटी शेयर हासिल कर लिए हैं। नए
क्लब के नाम की घोषणा अभीतक नहीं की गई है, लेकिन यह बताया गया है कि इसमें दोनों क्लबों के ब्रैंड नेम का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्लब में आरपीएसजी ग्रुप के 80 परसेंट शेयर होंगे जबकि मोहन बागान के मालिकाना हक वाली कंपनी मोहन बागान फुटबॉल क्लब (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के पास 20 परसेंट शेयर होंगे। साल 1889 में अस्तित्व में आया मोहन बागान दुनिया के सबसे पुराने फुटबॉल क्लबों में एक है और फिलहाल यह आई-लीग में खेलता है।
आरपीएसजी ग्रुप के चेयरमैन संजीव गोयनका ने इस डील के बाद कहा, "आरपीएस ग्रुप का इतिहास 200 साल पुराना है और हम हमारे परिवार में मोहन बागान का स्वागत करते हैं। व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए यह एक भावुक क्षण है क्योंकि मेरे पिता मोहन बागान के सदस्य थे।"
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मोहन बागान के चेयरमैन स्वपन साधना बोस ने भी खुशी जताते हुए कहा कि नए फुटबॉल के एक नए युग में आगे बढ़ने के लिए यह डील बहुत महत्वपूर्ण है।
बोस ने कहा, "हम मोहन बागान के 130 साल पुराने ट्रेडिशन को जारी रखना चाहते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी आता है जब आपको एक पार्टनर की जरूरत पड़ती है। नए युग में आगे बढ़ने के लिए आपको बड़े निवेश और कॉर्पोरेट फोर्स चाहिए और यह बहुत बड़ा सच है।"
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"मैं आरपीएसजी के जरिए निवेश करने के लिए संजीव गोयनका को धन्यवाद देना चाहता हूं। इंडियन फुटबॉल को लेकर उनका विजन हमारी फिलॉशफी से मेल खाता है और हम एकसाथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि क्लब नई उंचाईयों को छूए।"
नया क्लब इस साल जून में बनेगा और 2020-21 सीजन से आईएसएल और अन्य बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा।