31 वर्षीय खिलाड़ी इस वक्त स्कॉटलैंड में रेंजर्स एफसी के लिए खेल रही है।

जिस देश में 100 करोड़ से ज्यादा की आबादी हो, वहां पर प्रोफेशनल फुटबॉल कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनना और यूरोपियन लीग में स्कोर करना आसान काम नहीं होता है। ऐसा करने के लिए कुछ स्पेशल स्किल्स की जरुरत होती है जो बाला देवी में है।

वह इस वक्त स्कॉटलैंड में प्रोफेशनल फुटबॉल खेल रही हैं। उनके मुताबिक स्कॉटिश वुमेंस प्रीमियर लीग में एकमात्र इंडियन प्लेयर के तौर पर वो जितनी मेहनत कर रही हैं उसका फायदा आने वाले समय में दूसरे प्लेयर्स को मिलेगा। उनके लिए आगे के रास्ते खुल सकेंगे।

बाला देवी ने कहा, “जब मैं आई तो उस वक्त लॉकडाउन था, इसकी वजह से मैं काफी इमोशनल हो गई थी। क्या करना है, क्या नहीं करना है इन सब चीजों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद मैंने पॉजिटिव तरीके से सोचना शुरु किया और कहा कि मैं यहां क्यूं आई हूं, मुझे इंडिया को गौरवान्वित करना है। मैंने सोचा कि जितनी कड़ी मेहनत मैं करुंगी उससे दूसरे प्लेयर्स के लिए रास्ता खुलेगा। मैं अपनी फैमिली के साथ भी लगातार टच में रहती थी। इससे भी मुझे काफी मदद मिली।”

रेंजर्स वुमेंन एफसी की तरफ से खेलते हुए बाला देवी ने हाल ही में अपने लॉन्ग रेंज स्क्रीमर से काफी सुर्खियां बटोरी। ये क्लब के लिए उनका दूसरा स्कोर था। उनकी टीम के साथी खिलाड़ी ने इस गोल को देखकर केवल एक ही वर्ड कहा “वॉव”।

उन्होंने कहा, “जो लड़की मेरे पास से गुजरी वो काफी खुश थी कि उसने मुझे असिस्ट दिया था। उसने कभी भी इस तरह का शॉट पहले नहीं देखा था, इसलिए वो काफी खुश थी और इसकी काफी तारीफ की।”

बाला देवी ने बताया कि एक स्ट्राइकर के लिए तेजी से सोचना कितना अहम होता है। उन्होंने कहा, “एक स्ट्राइकर के तौर पर ये काफी अहम होता है कि वो काफी तेजी से सोचे। जब गेंद मेरे पास आई तो मैंने सोचा कि ये मुझसे आगे है लेकिन वो थोड़ी पीछे थी। लेकिन मैं रुक गई और कुछ ही सेकेंड के अंदर शॉट लेने का फैसला किया। स्कोर करने के बाद मुझे फोन पर काफी मैसेज आए और इंटरनेट पर भी काफी पॉजिटिव रिएक्शन देखने को मिले। इसलिए शुक्रिया।”

नेशनल वुमेंस टीम की टॉप स्कोरर और तीन बार की सैफ चैंपियनशिप विनर ने ये भी बताया कि हाल के सालों में इंडियन टीम ने किस तरह से प्रोग्रेस किया है।

बाला देवी ने कहा, “मैंने जो कुछ भी सीखा है उसे निश्चित तौर पर नेशनल टीम के प्लेयर्स के साथ शेयर करुंगी और उन्हें सपोर्ट करुंगी। लेकिन जिस स्तर की प्लेयर इस वक्त इंडियन टीम की तरफ से अभी खेल रही हैं उनके गेम में काफी सुधार आ गया है। फिटनेस से लेकर कॉन्फिडेंस तक में उनके अंदर काफी सुधार हुआ है और मेरे हिसाब से इंडियन टीम काफी आगे तक जाएगी।”

उनके मुताबिक 2022 में फीफा अंडर-17 वुमेंस वर्ल्ड कप का आयोजन होने से भी काफी फायदा मिलेगा। इससे पता चलता है कि इंडियन फुटबॉल काफी बेहतरीन तरीके से प्रोग्रेस कर रही है।

बाला ने बताया, “मैं 2005 से ही इंडियन टीम की तरफ से खेल रही हूं और इस तरह का इवेंट (फीफा अंडर-17 वुमेंस वर्ल्ड कप 2022) पहले कभी नहीं हुआ था। लेकिन 2017 से लेकर अभी तक हमने काफी डेवलप किया है। फेडरेशन भी अंडर-17 से लेकर सीनियर टीम को एक्सपोजर देने के लिए काफी काम कर रही है। इसके अलावा स्पेन में बैक टू बैक मैच खेलने की वजह से हमें यूरोप में भी एक्सपोजर मिला। मैंने देखा है कि हमारी महिला प्लेयर और ज्यादा बेहतर हुई हैं और उनके अंदर काफी कॉन्फिडेंस आ गया है और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं।”