न्यूजीलैंड के इंटरनेशनल प्लयेर ने इंडियन टीम के खिलाफ भी मैच खेला है।

सरप्रीत सिंह भारतीय मूल के पहले ऐसे प्लेयर हैं जिन्हें दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल क्लबों में से एक बायर्न म्यूनिख के लिए खेलने का मौका मिला है। इंडिया में उनका नाम सबसे पहले 2018 में चर्चा में आया था जब वह न्यूजीलैंड की नेशनल टीम के साथ इंटरकॉन्टिनेंटल कप खेलने के लिए यहां आए थे।

इंडियन टीम के खिलाफ मिडफील्डर सरप्रीत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक असिस्ट भी दिया था। न्यूजीलैंड टूर्नामेंट में इंडिया को मात देने वाली एकमात्र टीम थी।

सरप्रीत का जन्म न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में हुआ और उनके माता-पिता इंडिया से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने बचपन में वनह्यंगा स्पोर्ट्स अकैडमी में ट्रेनिंग ली। उनमें इंग्लैंड के क्लब एवर्टन ने इंटरेस्ट दिखाया, लेकिन 2015 में वह वेलिंटन फीनिक्स अकैडमी से जुड़े और दमदार प्रदर्शन करने के बाद न्यूजीलैंड की अंडर-17 टीम में भी शामिल हो गए।

अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए सरप्रीत बताते हैं, “मेरे माता-पिता पंजाब में मलपुर के पास स्थित एक छोटे से गांव सरदारकोट से ताल्लुक रखते हैं। इंडियन परिवार में बड़ा होना मेरे लिए बिल्कुल भी अलग नहीं था। मैं तीन बार इंडिया आ चुका हूं और मुझे वहां जाकर अच्छा लगता है। मुझे अभी भी अपनी मां के हाथ का खाना अच्छा लगता है और मैं पंजाबी भी बोल सकता हूं।”

19 साल के सरप्रीत ने मुंबई में हुए इंटरकॉन्टिनेंटल कप में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने इंडिया के खिलाफ असिस्ट देने के अलावा, केन्या के खिलाफ हुए मुकाबले में गोल भी किया था।

उन्होंने कहा, “मैं न्यूजीलैंड की टीम के साथ इंडिया में खेलने आया था जो बहुत स्पेशल था क्योंकि मैं दोनों देशों से जुड़ा हुआ हूं। वह मैच अच्छा था, इंडिया ने टूर्नामेंट जीता क्योंकि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। मुझे जब भी मौका मिलता है मैं इंडिया के प्लेयर्स से बात करने की कोशिश करता हूं।”

“इंडिया में कुछ ऐसे प्लेयर हैं जिन्हें मैं जानता हूं और उनके साथ खेला भी हूं। मैं उनके टच में रहता हूं और वे मुझे लीग के बारे में बताते रहते हैं। मुझे इंडियन फुटबॉल को लगातार आगे बढ़ते हुए देखकर अच्छा महसूस हो रहा है।”

वह एटीके में खेलने वाले रॉय कृष्णा और डेविड विलियम्स को अच्छे से जानते हैं। यह दोनों खिलाड़ी पिछले सीजन उनके साथ फीनिक्स के लिए खेले थे और फिलहाल, आईएसएल में दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरप्रीत ने कहा, “रॉय पिछले साल ए-लीग के बेस्ट प्लेयर थे और विलियम्स उनके स्ट्राइक पार्टनर थे। वे गोल के सामने बेहद खतरनाक हैं। मैं समझता हूं कि विदेशी खिलाड़ी के रूप में वे दोनों इंडिया की लीग को एक लेवल ऊपर लेकर ही गए हैं और यह लोकल प्लेयर्स के लिए बहुत अच्छा है।”

“वे दोनों बड़े प्लेयर्स हैं और उससे भी बढ़िया प्रोफेशनल हैं। वेलिंगटन में रॉय मेरे भाई बड़े जैसे थे और उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मैं आज भी उन दोनों के कॉनटेक्ट में हूं और वे मुझे बताते हैं कि आईएसएल एक बढ़िया लीग है। लीग में काफी प्रोफेशनलिज्म है और यह सब सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगता है।”

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके बायर्न म्यूनिख में शामिल होने से इंडिया और न्यूजीलैंड के युवाओं को फुटबॉल को एक करियर के रूप मे चुनने का मोटिवेशन मिलेगा। उन्होंने कहा, “जाहिर तौर पर इससे उन्हें आगे जाने के रास्ते के बारे में पता चलेगा। अंत में बात यह होती है कि आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। कई ऐसे इंडियन प्लेयर्स हैं जो फुटबॉल में अच्छे हैं और उन्हें मौका मिल सकता है।”

“आपको कई वर्षों तक रुटीन फॉलो करना होता है और यह संभव भी है। कृष्णा और विलियम्स मुझे बता रहे हैं कि इंडिया में फैसिलिटी बेहतर होती जा रही है और वे वहां भी वैसी ही ट्रेनिंग कर रहे हैं जैसा कि वे यूरोप में करते थे। आशा करता हूं कि मैं इंडिया और न्यूजीलैंड में बच्चों के लिए अच्छा उदाहरण साबित हूंगा।”

सरप्रीत ने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी बातचीत की और बताया कि वह पंजाबी गाने सुनते हैं और जैजी-बी के बड़े फैन हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने न्यूजीलैंड में रहते समय बहुत पंजाबी गाने सुने हैं। जैजी-बी मेरे पसंदीदा सिंगर हैं, मैं उन्हें काफी सुनता हूं और मैं उनकी काफी इज्जत भी करता हूंं। मैंने उन्हें न्यूजीलैंड में परफॉर्म करते हुए भी देखा था।”

क्रिकेट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “इंडियन क्रिकेट में विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। वे बेहतरीन स्पोर्ट्समेन हैं और उन्होंने कई वर्षों तक देश के लिए खेला है इसलिए जब मैं क्रिकेट देखता हूं तो इन दोनों को पसंद करता हूं।”