इस लिस्ट में पहले ट्रेंट एलेक्जेंडर आर्नल्ड और मार्टिन ओ​डेगार्ड जैसे खिलाड़ी शामिल हो चुके हैं।


मिर्नवा फुटबॉल अकेडमी और पंजाब एफसी के उभरते हुए खिलाड़ी बिकाश युमनाम ‘द गार्जियन’ की नेक्सट जेनरेशन टॉप-60 लिस्ट में शामिल होने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। साल 2014 से गार्जियन यह लिस्ट जारी कर रही है लेकिन यह पहला मौका है जब कोई भारतीय इसमें अपनी जगह बना पाया है।

इस सम्मानित सूची को प्रतिष्ठित ब्रिटिश डेली ‘द गार्जियन’ प्रकाशित करती है, जिसमें इससे पहले जेडोन सांचो, इर्लिंग हालैंड, एल्फोंसो डेविस, मैथिज्स डी लिट, अंसु फाती, ताकेफूसा कूबो और मेसन ग्रीनवुड जैसे ग्लोबल स्टार खिलाड़ियों का नाम शुमार किया जा चुका है।

इतिहास रचने वाले बिकाश युमनाम ने 2018 में हुए एएफसी अंडर-16 एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने वाली इंडिया की टीम का हिस्सा बने जो इस चैंपियनशिप के क्वार्टर-फाइनल में पहुंची थी। इस टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में वियतनाम, ईरान और इंडोनेशिया जैसी टीमों के खिलाफ भारत एक भी गोल नहीं खाया जिसमें सेंटर-बैक के तौर पर खेलने वाले बिकाश का बड़ा योगदान रहा।

अपने शुरुआती सीनियर सीजन के दौरान बिकाश काफी लम्बे समय तक सोशल मीडिया पर सनसनी बने रहे, जिसके चलते उनकी तुलना स्टोक सिटी के पूर्व खिलाड़ी रोरी डेलाप से की जाने लगी और लिवरपूल के थ्रो-इन कोच थॉमस ग्रोनमार्क ने भी उनकी प्रशंसा की। वह मौजूदा समय में पंजाब एफसी से जुड़े हुए हैं, हालांकि पिछले साल वह लोन पर इंडियन एरोज से जुड़े थे और उन्होंने नौ मैच खेले थे। इसी साल एक फरवरी को ईस्ट बंगाल के खिलाफ हुए मुकाबले में उन्होंने 1-0 से मिली जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

अब वह पंजाब में वापस आ चुके है। बिकाश फिलहाल किसी और क्लब की ओर से नहीं खेलना चाहते यही कारण हैं कि वो आई-लीग और दो आईएसएल टीमों के ऑफर को नकार चुके हैं। गार्जियन के एशियन फुटबॉल विशेषज्ञ जॉन ड्युस्टन ने कहा, “बॉल पर कंट्रोल करने वाला, खेल को समझने वाला, प्रतिभा में उत्कृष्ट, तेज और लंबे थ्रो करने में सक्षम यह युवा पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुका है।”