अर्जेंटीना के 59 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी अपने देश में एक क्लब के हेड कोच हैं।

दुनिया के सबसे महान फुटबॉल खिला​ड़ियों में से एक डिएगो मैराडोना ने शनिवार को कहा कि वह फिर से मैदान पर लौटने को लिए तैयार हैं। वह ​अपने देश की फर्स्ट डिविजन फुटबॉल लीग (सुपरलीगा अर्जेंटीना) में खेलने वाली टीम गिमनासिया वाई ईसग्रिमा ला प्लाटा के हेड कोच हैं।

डिएगो मैराडोना ने कहा कि उनकी क्लब के फैन्स के साथ अच्छी दोस्ती है। दुनियाभर की तरह अर्जेंटीना में भी कोरोनावायरस महामारी का असर देखने को मिल रहा है और वहां की फुटबॉल 16 मार्च से ही स्थगित है। अधिकारियों ने भी अबत तक देश में दोबारा फुटबॉल शुरू होने से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी है।

उन्होंने अर्जेंटीना के क्लब के समर्थकों की तुलना 1984 से 1991 के बीचे के इटली के क्लब नेपोली के समर्थकों से की। वह नेपोली के लिए लंबे समय तक खेले और फुटबॉल की दुनिया में अपनी एक अलग छाप छोड़ी।

डिएगो मैराडोना ने ‘इल डिया डे ला प्लाता’ अखबार को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “यह एक बहुत ही अजीब स्थिति है, जिसमें कि हम और पूरी दुनिया है। मैं गिमनासिया मैदान पर फिर से अपने खिलाड़ियों के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं। यह कुछ ऐसा होगा, जैसा कि आप छुटिटयों के बाद फिर से अपनी गर्लफ्रेंड को देखते हो। “

वर्ष 1986 में हुए फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अर्जेंटीना को दिलाने में उनका बहुत बड़ा हाथ था। उन्होंने कहा,” गिमनासिया के सभी फैन्स के साथ मेरी बहुत ही अच्छी दोस्ती है। उन्होंने अपने जुनून और ईमानदारी से मुझे नपोली क्लब की याद दिला दी है।”

डिएगो मैराडोना पिछले साल सितंबर में गिमनासिया क्लब के हेड कोच बने थे। क्लब ने उनके मार्गदर्शन में अबतक छह जीते दर्ज की है जबकि छह मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। टीमों को 12 मैचों में हार भी झेलनी पड़ी है।

वर्ष 2010 में हुए फीफा वर्ल्ड कप के दौरान मैराडोना अर्जेंटीना की नेशनल टीम के कोच थे। हालां​कि, टीम टूर्नामेंट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई।