यूरोपियन टीमों के बीच खेला जाने वाला यह टूर्नामेंट 12 जून से शुरू होगा।

यूएफा यूरो 2020 में यूरोप की दिग्गज टीमें खुद को महाद्वीप का चैंपियन साबित करने के लिए एक दूसरे से भिड़ेंगी। यूरो में जिस स्तर का कॉम्पटिशन होता है, उसके चलते इसे फुटबॉल जगत के सबसे कड़े मुकाबलों में गिना जाता है।

इस टूर्नामेंट में यूरोप के एक से एक दिग्गज देश हिस्सा लेते हैं और शुरुआत से ही ट्रॉफी पर खुद का दावा करने के इरादे से मैदान में उतरते हैं। यूरो में दुनिया के टॉप रैंकिंग वाले देश खेलने वाले हैं, ऐसे में उनपर दुनियाभर के दर्शकों की नजर होगी। उन्ही में से टॉप पांच देशों के बारे हम आपको बता रहे हैं, जो ट्रॉफी के अहम दावेदार और टूर्नामेंट में पसंदीदा माने जा रहे हैं।

5. इटली

युवा और अनुभवी, दोनों ही तरह के खिलाड़ियों से इटली की टीम सजी हुई है। सीरी ए सीजन में कई ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी नजर आए जो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। इटली ग्रुप ए से नॉकआउट्स में क्वालिफाई करने वाली सबसे पसंदीदा टीम है। इस ग्रुप में वेल्स, तुर्की और स्विट्जरलैंड भी शामिल हैं। एक और चीज जो इटली को पसंदीदा बनाती है, वो है उनकी विनिंग और अनबीटन स्ट्रीक। इटली सितंबर 2018 से एक भी मैच नहीं हारी है। उसकी ये स्ट्रीक 27 मुकाबलों से बरकरार है।

4. बेल्जियम

फीफा वर्ल्ड रैंकिंग में बेल्जियम सबसे ऊपर है। बेल्जियम के स्क्वॉड में वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों की भरमार है, जो कि इसे टाइटल का दावेदार बना देते हैं। बेल्जियम की गोल्डन जनरेशन को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी की जरूरत है, जो कि यूरो 2020 पूरी कर सकती है। बेल्जियम के साथ ग्रुप बी में डेनमार्क, फिनलैंड और रूस शामिल हैं, लेकिन इन देशों में से सबसे ज्यादा पसंदीदा टीम बेल्जियम ही मानी जा रही है।

3. इंग्लैंड

यूरो 2020 में इंग्लैंड एक मजबूत स्क्वॉड के साथ उतर रही है, जिसमें शानदार खिलाड़ी शामिल हैं, जो कि प्रीमियर लीग में बेहतरीन प्रदर्शन कर टूर्नामेंट में आ रहे हैं। इंग्लैंड की टीम रूस में हुए 2018 फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंची थी। अब टीम काफी परिपक्व हो चुकी है और ट्रॉफी की अहम दावेदार बन गई है। ऐसे में इंग्लैंड से काफी उम्मीदें हैं।

2. पुर्तगाल

पुर्तगाल मौजूदा यूरो चैंपियन है और उन्होंने यूरो 2016 में एक कड़े मुकाबले में फ्रांस को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा किया था। पुर्तगाल ने 2019 में यूएफा नेशन्स लीग भी जीती थी। हालांकि पुर्तगाल के लिए प्लेऑफ्स में क्वालिफाई करना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि वो ग्रुप एफ में हैं, जिसे ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जा रहा है। हालांकि पुर्तगाल फिर भी अपने अटैकिंग खिलाड़ियों के चलते दावेदारी ठोक सकता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे सुपरस्टार के अलावा ब्रूनो फर्नांडिस, डियागो जोटा और आंद्रे सिल्वा जैसे मैच विनर खिलाड़ी भी इस टीम में शामिल हैं।

1. फ्रांस

फ्रांस मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन है, ऐसे में यूरो 2020 में उसकी दावेदारी सबसे ज्यादा मानी जा रही है। 2016 के फाइनल मुकाबले में कड़ी टक्कर के बाद भी फ्रांस के हाथ से ट्रॉफी छूट गई थी, ऐसे में अब वो उसे जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगा। 2018 फीफा वर्ल्ड कप विजेता के स्क्वॉड में इस बार बेहतरीन अटैकिंग खेमा है, जो विरोधी डिफेंडर्स को अच्छा खासा परेशानी पहुंचा सकता है।

वह टाइटल के लिए सबसे पसंदीदा टीमों में से एक है, लेकिन उन्हें अपने पहले मुकाबले से ही कड़ी टक्कर मिलने वाली है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि फ्रांस भी ग्रुप एफ में ही है और इस ग्रुप में उसका मुकाबला जर्मनी, पुर्तगाल और हंगरी जैसे मजबूद देशों से होगा। हालांकि टीम के पास कायलिन एमबाप्पे, करीम बेंजेमा और पॉल पोग्बा जैसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो किसी भी मुश्किल से टीम को निकाल सकते हैं और टीम को ट्रॉफी तक पहुंचा सकते हैं।