16 जूलाई को इंडियन टीम चार देशों के इंटरकॉन्टिनेंटल कप में सीरिया का सामना कर रही थी। यंग सेंटर-बैक नरेंद्र गहलोत इंडिया के लिए पहले ही इंटरनेशनल फुटबॉल में डेब्यू कर चुके थे और इस मैच के 52वें मिनट में उन्होंने अपना पहला गोल भी कर दिया। इसी के साथ वह 21वीं सदी में पैदा हुए इंडिया के पहले गोल स्कोरर भी बन गए।

इस गोल के बाद से 18 साल के गहलोत की लाइफ काफी चेंज हो गई है। वह आई-लीग में खेलने वाली टीम इंडियन एरोज से इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की बड़ी टीम जमशेदपुर एफसी में शामिल हो गए हैं जहां विदेशी एवं सीनियर प्लेयर्स के साथ खेलकर वह अपने गेम को लगातार बेहतर कर रहे हैं।

गहलोत ने इस सीजन आईएसएल में 10 दिसंबर तक केवल तीन मैच खेले हैं, लेकिन वह बेहद खुश है कि उन्हें इस लेवल पर खेलने का मौका मिल रहा है।

गहलोत ने कहा,”हम सभी यंग प्लेयर्स पिछले साल इंडियन एरोज के ​लिए खेल रहे थे। हम लोग अच्छा खेल रहे थे और बॉल पोजेशन भी रख रहे थे, लेकिन हममें मैच्योरिटी की कमी थी। इस साल हम आईएसएल में विदेशी एवं इंडिया के सीनियर प्लेयर्स के साथ खेल रहे हैं और इससे बड़ा अंतर आया है।”

उन्होंने कहा,”सीनियर हमेशा अपने साथ के जूनियर प्लेयर्स को गाइड करता है और उसे बताता है कि कैसे खेलना चाहिए। मुझे पिछले सीजन यह नॉलेज भी नहीं थी कि कब गेम को स्लो या फास्ट करना है। मैं यह सब चीजें इस सीजन धीरे-धीरे सीख रहा हूं।”

हेड कोच इगोर स्टीमाक के अंडर में गहलोत ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह इंडियन टीम के लिए एक सेंटर-बैक के रूप में खेले थे, लेकिन आईएसएल में एंटोनियो इरिओन्दो ने जमशेदपुर के लिए उनका इस्तेमाल एक लेफ्ट बैक के तौर पर किया है।

gehlot

गहलोत कहते हैं,”इंडिया की अंडर-19 टीम के​ लिए जब हम एक्सपोजर टूर पर बाहर गए थे तब मैं लेफ्ट-बैक, राइट-बैक और सेंटर-बैक तीनों पोजिशन पर खेला था। इसके बाद से कोच ने मुझे सेंटर-बैक की पोजिशन पर खिलाना शुरू किया।”

गहलोत ने बताया,”जमशेदपुर के कोच को मैं पसंद हूं क्योंकि मैं लेफ्ट बैक की पोजिशन पर भी खेल सकता हूं और इससे उनके पास भी ऑप्शन बढ़ जाते हैं। वह मुझे डिफेंस में कहीं भी खिला सकते हैं। अगर कोई प्लेयर चोटिल होता है तो मैं कोच और टीम की मदद कर सकता हूं और वह मुझे लेफ्ट-बैक से राइट-बैक किसी भी पोजिशन पर डाल सकते हैं।”

स्टीमाक का गाइडेंस गहलोत के लिए बहुत मायने रखता है और उन्होंने माना कि नए हेड कोच के बाने के बाद से टीम लगातार बेहतर हुई है।

गहलोत ने कहा,”सबसे पहले तो मैं स्टीमाक को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने मेरे बारे में अच्छी बातें की हैं। उनके मार्गदर्शन में खेलकर मुझे बहुत मदद मिली है क्योंकि वह अपने देश के लिए भी एक सेंटर-बैक के तौर पर खेले थे। मुझे लग रहा है कि उनके ट्रेनिंग मेथड़ से भी इंडिया को फायदा पहुंचा है क्योंकि पहले इंडियन टीम का बॉल पाजेशन अच्छा नहीं था, लेकिन अब शायद टीम का बॉल पोजेशन बेहतर हुआ है।”

उन्होंने कहा,”आज की जेनरेशन स्टीमाक के प्लेइंग स्टाइल को अच्छे से समझ रही है। स्टीमाक चाहते हैं कि हम ब्राजील और स्पेन की टीम की तरह खेलें। मुझे लग रहा है कि हम पिछले जेनरेश के मुकाबले बेहतर खेल रहे हैं और आने वाली जेनरेशन और भी बेहतर खेलेगी।”

Igor Stimac on Narender Gahlot

🗣️ | "He's got mindset, composure, and character!" Huge praise from Igor Stimac for Jamshedpur FC's rising defender Narender Gahlot 😎 Watch the full interview 👉 bit.ly/2sTMQgl #HeroISL #LetsFootball #TrueLove

ISL- Indian Super League यांनी वर पोस्ट केले रविवार, ८ डिसेंबर, २०१९

 

स्टीमाक ने कुछ दिनों पहले फेसबुक लाइव के एक सेशन में गहलोत की तारीफ करते हुए उन्हें भारत का भविष्य बताया था।

उन्होंने कहा था,”मैं गहलोत को भारत का भविष्य मानता हूं क्यों​कि उनके पास बहुत क्वॉलिटी है। उनका माइन्डसेट और कैरेक्टर बहुत पॉजिटिव है, वह मेहनत करना पसंद करते हैं और पि​च पर संयम से खेल पाते हैं।”

स्टीमाक ने कहा, “वह डिफेंस में बहुत अच्छे हैं। वह हेडर जीतते हैं जो डिफेंड करते समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। हमें उनकी पासिंग पर थोड़ा-बहुत काम करने की जरूरत है, उनके लेफ्ट फुट पर भी काम करना होगा क्यों​कि हम लेफ्ट साइड में उनका इस्तेमाल ज्यादा करना चाहते हैं। हालांकि, वह दोनों फुट का इस्तेमाल बहुत अच्छे से कर सकते हैं। वह हमारे लिए बहुमूल्य हैं और बहुत ही जल्द वह इंडियन टीम की प्लेइंग-11 का हिस्सा बन जाएंगे।”