2018 वर्ल्ड कप से ही चार बार की चैंपियन टीम का खराब प्रदर्शन लगातार जारी है।

वर्ल्ड फुटबॉल में जर्मनी सबसे सफल टीमों में से एक है, फिर चाहे वो कॉन्टिनेंटल स्टेज हो या फिर इंटरनेशनल स्टेज। इस देश ने कई बड़े और महान खिलाड़ी फुटबॉल जगत को दिए हैं जिन्होंने अपनी टीम और क्लब का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।

जर्मनी ने अभी तक चार बार वर्ल्ड कप का टाइटल (दो बार वेस्ट जर्मनी के तौर पर) और तीन यूरोपियन चैंपियनशिप (दो बार वेस्ट जर्मनी के तौर पर) का खिताब जीता है। इसके अलावा 2017 में उन्होंने फीफा कन्फेडरेशन्स कप का खिताब भी जीता था। वहीं कई बार वे प्रमुख टूर्नामेंट में रनर-अप और तीसरे स्थान पर रहे हैं। इससे पता चलता है कि टीम कितनी मजबूत रही है।

हालांकि, हर देश की तरह जर्मनी को भी फुटबॉल इतिहास में कुछ बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। हम आपको इस आर्टिकल में टीम को अब तक मिली पांच सबसे बड़ी हार के बारे में बताएंगे:

5. जर्मनी 1-5 इंग्लैंड (2001)

जर्मनी और इंग्लैंड के बीच ये मुकाबला 2002 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफायर के तौर पर खेला गया था। इस मैच से पहले इंग्लैंड की टीम ने 35 साल के इतिहास में जर्मनी को केवल दो ही बार हराया था। हालांकि, बर्लिन में उस दिन जर्मनी को एक करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और इंग्लैंड ने उन्हें 5-1 से बुरी तरह हरा दिया।

इस मुकाबले में जर्मनी की शुरुआत काफी बेहतरीन हुई थी और उन्होंने छठे मिनट में ही गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लगा था कि हर बार की तरह इस बार भी जर्मनी ही जीत हासिल करेगी, लेकिन उसके बाद इंग्लैंड ने जबरदस्त वापसी की और पूरे मैच में डोमिनेट किया। माइकल ओवेन ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई। हालांकि जर्मनी ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई जरुर कर लिया था और फाइनल में भी जगह बनाई थी लेकिन ये उनके फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी हार में से एक थी।

4. फ्रांस 6-3 वेस्ट जर्मनी (1958)

1958 के वर्ल्ड कप में फ्रांस और जर्मनी (वेस्ट जर्मनी) के बीच तीसरे स्थान के लिए प्लेऑफ मुकाबला हुआ, जिसमें जर्मनी को एक बुरी हार का सामना करना पड़ा। फ्रांस ने उन्हें 6-3 से हरा दिया।

फ्रांस के लिए जुस्ट फोंटेन ने शुरुआती गोल कर टीम को बढ़त दिलाई लेकिन जल्द ही जर्मनी ने बराबरी का गोल दाग दिया। हालांकि, इसके बाद फ्रांस ने ताबड़तोड़ चार गोल कर दिए और जर्मनी को वापसी का मौका ही नहीं मिला। बाकी गोल जो इस मैच में हुए वो बस औपचारिकता मात्र थे। फोंटेन ने इस मुकाबले में चार गोल दागे और पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल उन्होंने किए थे जोकि एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड है।

3. हंगरी 8-3 वेस्ट जर्मनी (1954)

वेस्ट जर्मनी की टीम को 1954 के वर्ल्ड कप में भी एक बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ा था। हंगरी ने उन्हें एकतरफा मुकाबले में 8-3 से हरा दिया था। सैंडोर कॉकसिस और रियाल मैड्रिड के दिग्गज खिलाड़ी फ्रेंक पुस्कस जैसे खिलाड़ियों से सजी हंगरी की टीम ने जर्मनी को कोई मौका ही नहीं दिया। इससे पहले उन्होंने साउथ कोरिया को भी 9-0 से हराया था। ये हार जर्मनी को झकझोरने वाली थी और इसके बाद उन्होंने अपनी टीम को और बेहतर किया और टूर्नामेंट के फाइनल में भी पहुंचे।

फाइनल मुकाबले में उन्होंने टूर्नामेंट की फेवरिट हंगरी को हराकर ना केवल बड़ा उलटफेर किया, बल्कि लीग स्टेज में मिली हार का बदला भी ले लिया। जर्मनी 10 मिनट के अंदर ही 2-0 से पीछे हो गई और ऐसा लगा की हंगरी की टीम एक बार फिर उन्हें आसानी से हरा देगी। हालांकि, इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 10वें मिनट में पहला गोल किया और 19वें मिनट में बराबरी का गोल कर दिया। जर्मनी ने 3-2 से ये मैच अपने नाम किया और पहली बार वर्ल्ड कप का टाइटल जीता।

2. ऑस्ट्रिया 6-0 जर्मनी (1931)

जर्मनी को 1931 में भी फुटबॉल में एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। एक इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच में उनके पड़ोसी देश ऑस्ट्रिया ने उन्हें 6-0 से हरा दिया था। एंटोन स्कॉल की हैट्रिक और कार्ल जिस्चेक, एडोल्फ वोगेल और फ्रिट्ज गिस्वेटी के गोल की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने जर्मनी के ऊपर एक जबरदस्त जीत हासिल की थी।

1. स्पेन 6-0 जर्मनी (2020)

जर्मनी को हाल में हुए इंटरनेशनल ब्रेक में एक करारी हार झेलनी पड़ी। 2014 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम को स्पेन से 6-0 से बुरी तरह शिकस्त का सामना करना पड़ा। स्पेन ने पूरे मैच में विपक्षी टीम बिल्कुल भी मौका नहीं दिया। मैनचेस्टर सिटी के विंगर फेरान टोर्स के हैट्रिक, अल्वारो मोराटा, टोरेस, रोड्री और माइकल ओयरजाबाल के गोल की बदौलत स्पेन ने ये मुकाबला जीतकर यूएफा नेशंस लीग के सेमीफाइनल में पहली बार जगह बनाई।

ये पहली बार था जब जर्मनी के खिलाफ स्पेन की टीम ने 45 मिनट में ही तीन गोल कर दिए। इस मुकाबले में 70 प्रतिशत पोजेशन स्पेन के पास रहा और उन्होंने कुल 23 शॉट लिए। दूसरी तरफ जर्मनी की टीम केवल दो ही शॉट ले पाई। जर्मनी का 2018 वर्ल्ड कप से जारी खराब फॉर्म का सिलसिला यहां भी जारी रहा।