ये प्लेयर्स इंडियन फुटबॉल का भविष्य साबित हो सकते हैं।

गोवा प्रो लीग हमेशा से टैलेंट स्काउट और युवा प्रतिभाओं की खोज में लगे क्लबों के लिए एक बड़ा अड्डा रहा है। हर साल आई-लीग और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के क्लब गोवा में खेलने वाले खिलाड़ियों पर नजर रखते हैं और उनका चयन करते हैं।

आज हम गोवा प्रीमियर लीग में खेल रहे एफसी गोवा डेवलेपमेंट टीम के ऐसे पांच खिलाड़ियों के बारे में बात करेंगे जिनपर लोगों की नजरें होंगी:

5. कपिल होबले

साल 2018 में कपिल को डेंपो एससी के साथ शानदार सीजन के बाद साइन किया गया था। इस दौरान वह गोवा प्रो लीग और हीरो सेकंड डिजिवन लीग में टीम के शुरुआती इलेवन में लगातार बने रहे। इसके बाद अपनी चोट के कारण वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे। कपिल फ्लैंक से शानदार ड्रिबलिंग और फुटवर्क से विरोधियों को चकमा देने के लिए जाने जाते हैं। वह सटीक क्रॉस भी देते हैं और अपने नाम कई गोल भी कर चुके हैं। वह अब अपनी चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और एक बार फिर गोवा प्रो लीग में कमाल दिखाने को तैयार हैं।

4. नेस्टर डियास

नेस्टर डियास को भी एफसी गोवा ने साल 2018 में साइन किया था। डेंपो एससी में समीर नाइक के कोचिंग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। 22 साल के इस खिलाड़ी ने नियमित रूप से अच्छा प्रदर्शन किया और सबसे ज्यादा 18 मैच खेले। नेस्टर शानदार डिफेंडर हैं और उनके रहते बॉल को आगे बढ़ाना मुश्किल होता है। वह हर मैच में औसतन 12-13 किलोमीटर दौड़ते हैं और इससे उन्होंने अपना स्टेमिना और एंडयूरेंस साबित किया है।

वहीं उन्होंने अपने ताकतवर ऑन टारगेट शॉर्ट्स से गोलकीपर्स को हैरान भी किया है। कोच मिरांडा के साथ काम करते हुए उनके खेल में काफी सुधार हुआ है और अब वह सीनियर टीम के लिए खेलने के तैयार हैं। गोवा प्रो लीग उनके लिए काफी अहम है क्योंकि इसके दम पर वह प्रमोशन हासिल कर सकते हैं।

3. डिलन डी सिल्वा

पिछले सीजन में जब शुभमन धास को सीनियर टीम के लिए प्रमोट किया गया तब गोलकीपिंग की जिम्मेदारी डिलन पर आ गई। इस युवा डिफेंडर ने डुरंड कप 2019 में अपने प्रदर्शन से खास प्रभाव छोड़ा था। वह प्रो लीग में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी थे। उनका विजन काफी शार्प है और वह भी अपने सटीक पास के लिए जाने जाते हैं। वह कभी-कभी कुछ छोटी गलतियां करते हैं हालांकि, पिछले सीजन में अपने प्रदर्शन के बाद वह बेशक सबसे उम्दा गोलकीपर्स में शामिल है।

2. क्रिस्टी डेविस

क्रिस्टी डेविस जबसे एफसी केरला से गोवा में आए हैं तभी से शानदार खेल दिखा रहे हैं। 21 साल का यह सेंटर मिडफील्डर सटीक लॉन्ग बॉल्स देने और मूव बनाने में माहिर है। नए क्लब की ओर खेलते हुए उन्होंने जीपीएल और हीरो सेकंड डिविजन लीग में 21 मैच खेले हैं। बतौर डिफेंडर उनके खेल की बात करें तो वह साफ टैकल करते हैं और जरूरत के समय डिफेंस में मदद करते हैं, साथ ही वह एक अटैकिंग मिडफील्डर भी हैं। उन्होंने पिछले सीजन में दो गोल अपने नाम किए थे।

1. लालमानगाईसंगा

मिजोरम में पैदा हुआ यह डिफेंडर साल 2018-19 के सीजन में टीम से जडा और तबसे गोवा की टीम के सबसे नियमित खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने हीरो सेकंड डिविजन लीग में 13 मैच खेले वहीं जीपीएल के पिछले सीजन में 14 मुकाबले खेले हैं। लालमानगाईसंगा बेहद सफाई से टैकल करते हैं और बैक से खेलने में काफी सहज हैं। वह लॉन्ग पास करने में माहिर हैं और पिछले कुछ मैचों में उन्होंने इसका सबूत भी दिया है। बतौर डिफेंडर उनके नाम हर मैच में औसतन 5-6 कामयाब इंटरसेप्शन हैं जो उनके गेम की समझ को दिखाता है।