इंडिया के पूर्व स्टार डिफेंडर ने कहा कि नेशनल फुटबॉल टीम इस वक्त सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

इंडियन फुटबॉल टीम के नेहरु कप जीतने की 8वीं वर्षगांठ पर पूर्व कप्तान गौरामांगी सिंह ने अपनी यादें सभी के साथ शेयर की। 2012 में खेले गए उस फाइनल मुकाबले में उन्होंने भारत के लिए पहला गोल किया था। उन्होंने भारतीय फुटबॉल टीम के एशिया कप में खेलने समेत पूर्व कोच कोवरमन्स के बारे में भी बात की और उन्हें एक जबरदस्त कोच बताया।

2012 नेहरु कप के फाइनल मुकाबले को याद करते हुए गौरामांगी सिंह ने कहा, “वो एक ऐसा दिन था जिसे मैं आज तक याद करता हूं। वो हमारे लिए काफी बड़ी जीत थी। मेरे हिसाब से जो भी फैंस भारतीय फुटबॉल को करीब से फॉलो करते हैं वो उस मैच को याद रखेंगे। वो हमारी टीम के लिए ना केवल एक बड़ी जीत थी बल्कि कोच विम कोवरमन्स के लिए एक बेहतरीन शुरुआत भी थी।”

गौरामांगी सिंह ने इंडियन नेशनल फुटबॉल टीम के 2000 से 2014-15 तक के फेज को याद किया। उस समय एक बड़ी चीज इंडियन फुटबॉल में हुई थी और वो था विम कोवरमान्स का भारतीय फुटबॉल टीम का कोच बनना। इंडिया के पूर्व डिफेंडर के मुताबिक कोवरमन्स इंडियन फुटबॉल में कई नई चीजें लेकर आए जिसके बारे में प्लेयर्स पहले नहीं जानते थे।

उन्होंने एआईएफएफ से कहा, “विम ने एकदम अलग तरह से कोचिंग दी। उसी स्टाइल से आप फुटबॉल खेलना चाहते हैं। कई सारी चीजें जो उन्होंने उस वक्त की वो हमारे लिए नई थीं लेकिन हमने जल्द ही उनको अपना लिया। उनकी कोचिंग काफी कुछ वीडियो एनालिसिस और आंकड़ों पर निर्भर करती थी जिससे हमें काफी फायदा हुआ।”

गौरामांगी सिंह का मानना है कि भारतीय फुटबॉल टीम का कॉन्फिडेंस उस दौरान काफी बढ़ गया था। टीम ने हर टूर्नामेंट में बेहतर करना शुरु कर दिया था।

उन्होंने कहा, “23 साल के बाद हमने 2011 के एएफसी एशियन कप के लिए क्वालीफाई किया था और ये हमें नींद से जगाने के लिए काफी था कि हम भी जीत सकते हैं। हमारे अंदर ये भरोसा आया कि हम टॉप 20-25 टीमों का हिस्सा हो सकते हैं और सबकुछ वहीं से शुरु हुआ।”

पूर्व कप्तान ने कहा कि इस वक्त के जो भारतीय खिलाड़ी हैं उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए ताकि इंडियन टीम एशिया की बेस्ट टीम बन सके। उन्होंने कहा कि इंडियन टीम के पास भविष्य में फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने का मौका रहेगा।

गौरामांगी सिंह ने कहा, “अब हमें टॉप 8-10 टीमों में आने की जरुरत है और हर 4 साल पर होने वाले एशिया कप के लिए क्वालीफाई करना होगा और उसमें खेलना होगा। फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने की अगर बात करें तो उसमें अभी समय लगेगा। हमारे पास जो इस वक्त इंफ्रास्ट्रक्चर और फैसिलिटी है उसकी वजह से टीम काफी अच्छा कर रही है और हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमें अपना फोकस इसी पर रखना होगा। हर 4 साल में एशिया कप और टॉप 10 टीमों में लगातार बने रहना ही पहला गोल होना चाहिए।”