इंडियन गोलकीपर ने एआईएफएफ के कोर्स में भाग लिया।

एआईएफएफ का पहला गोलकीपर इंट्रोडक्टरी सर्टिफिकेट कोर्स का आयोजन दो से चार अक्टूबर के बीच किया गया जिसमें 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इन 30 खिलाड़ियों में भारत की सीनियर टीम के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू भी शामिल थे। इस तीन दिन के कोर्स पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह अब भी हर रोज कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहते हैं और इस कोर्स में हिस्सा लेना उनके रिटायरमेंट प्लान का हिस्सा है।

पिछले साल अर्जुन अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी ने कहा, “कोरोना वायरस की महामारी के कारण यह समय काफी मुश्किल है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि वेबिनार और ऑनलाइन कोर्सों की मदद से खिलाड़ी खुद को व्यस्त रखें। इंसान सीखना कभी नहीं छोड़ता और यह सही समय है कि हम कुछ नया जानें और सीखें।”

भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी गुरप्रीत सिंह संधू ने इस कोर्स में हिस्सा लेने की वजह बताते हुए कहा, “यह मेरे लिए अच्छा मौका था कि मैं अपने कोचिंग के रास्ते पर पहला कदम उठाऊं। एक खिलाड़ी के तौर पर आप सोचते हैं कि करियर खत्म होने के बाद क्या करेंगे। यह ऐसी चीज है जिसे आप इग्नोर नहीं कर सकते। कोचिंग मेरे लिए भविष्य का विकल्प है। इसलिए मुझे लगा कि यह सही मौका है कि अब मैं शुरुआत करूं क्योंकि सारे कोर्स करने और लाइसेंस हासिल करने के बाद ही इस रास्ते पर आगे बढ़ सकता हूं।”

उन्होंने एआईएफएफ के कोच एजुकेशन के हेड कोच सैवियो को इस मौके के लिए धन्यवाद भी कहा। इसी तरह का वेबिनार जुलाई में भी आयोजित हुआ था। उस वेबिनार का हिस्सा रहे गोलकीपर सुब्रत पॉल ने कहा था कि वह खेलते हुए कोचिंग लाइसेंस के लिए भी काम कर रहे थे और इससे उनके खेल पर भी अच्छा प्रभाव पड़ा। वह चाहते हैं कि जितना हो सके उतना ज्ञान हासिल करें और आगे बढ़ें।

गुरप्रीत सिंह संधू ने भी इस बात से सहमती जताते हुए कहते हैं, “ऑनलाइन कोर्स कराने के पीछे यही उद्देशय है। यह आपको भविष्य के लिए एक विकल्प देता है और साथ ही मौजूदा समय में आपके खेल में भी सुधार करने में मदद करता है। एक खिलाड़ी के तौर पर काफी जरूरी है कि आपको पता हो कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है हमारे कोच क्या सोच रहे हैं।”

इस कोर्स को एएफसी गोलकीपिंग लेवल वन कोर्स के साथ साथ एएफसी-एआईएफएफ सी प्रमाणपत्र के लिये आधार माना जाता है। दिनेश नायर और गुम्पे रीमे इसके इंस्ट्रकटर रहे। रजत गुहा, रघुवीर खानोलकर और प्रद्युम रेड्डी ने उनकी सहायता की। इसके अलावा 12 से 16 अक्टूबर के बीच ऑनलाइन स्कॉउटिंग वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी।