लीग में सभी टीमों के बीच दमदार मुकाबले देखने को मिला।

फाइनल मुकाबले तक फुटबॉल के दीवानों की सांसें चढ़ा देने वाले आई-लीग के एक और रोमांच और जुनून से भरे सीजन का समापन हो गया है। इस बार भी लीग को गोकुलम केरला के रूप में फिर से नया चैंपियन मिला है, जिसने अपना पहला खिताब जीता है।

आई-लीग के इस सीजन में फैंस को रोमांच से भरे हुए शानदार मैच तो देखने को मिले ही, साथ में कुछ नए टेलेंट्स से भी रूबरू होने का मौका मिला, जो आने वाले कुछ वर्षों में फुटबॉल की दुनिया के बड़े नाम बन सकते हैं।

गोलकीपर: मिथुन सामंत (रियल कश्मीर)

रियल कश्मीर के कस्टोडियन ने इस बार भी सभी की निगाहें अपनी तरफ खींचने में पूरी कामयाबी हासिल की। ट्राउ एफसी के साथ खेलते वक्त अपनी शानदार परफॉर्मेंस दिखाने वाले मिथुन ने यही परफॉर्मेंस रियल कश्मीर के साथ भी जारी रखी। मिथुन के रिफ्लेक्सेस काफी तेज हैं। उनका बड़ा फ्रेम उन्हें सेट-पीस के दौरान सामने वाली टीम के खिलाड़ियों पर हावी होने में मदद करता है।

अगर 28 साल का ये खिलाड़ी चोटिल नहीं होता तो जाहिर तौर पर बेस्ट गोलकीपर अवॉर्ड के लिए पंजाब के चेमजोंग को करारी टक्कर मिलती। चार क्लीन-शीट्स और कई सेव्स के साथ, रियल कश्मीर कस्टोडियन का आई-लीग का ये सीजन काफी शानदार रहा।

राइट बैक- सेबस्टियन टी (गोकुलम केरला)

एफसी पुणे के पुराने फुल बैक सेबस्टियन टी इस सीजन में गोकुलम के अटैक का एक जरूरी हिस्सा बनकर उभरे। 2019 में क्लब के साथ जुड़ने के बाद सेबस्टियन इस टीम का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। उनका सबसे घातक हथियार है उनकी रफ्तार, जिसके चलते वो कभी भी विरोधियों पर भारी पड़ सकते हैं। इस साल उन्होंने अपनी डिफेंस टेक्निक्स पर भी अच्छा काम किया है। ऐसे में तेज रफ्तार के साथ शानदार डिफेंस ने उन्हें और भी घातक बना दिया है। एनर्जी के साथ अटैक करने की उनकी क्षमता के अलावा, लेफ्ट बैक पर भी मजबूत पकड़ रखने के कारण वो और माहिर खिलाड़ी के रूप में दिखाई पड़ते हैं।

सेंटर बैक: हमजा खैर (चर्चिल ब्रदर्स)

लेबनीज सेंटर बैक हमजा खैर के चर्चिल ब्रदर्स के साथ जुड़ने के बाद से ही टीम की बैक लाइन स्ट्रैंथ बढ़ गई है। उनकी बेहतरीन डिफेंसिव परफॉर्मेंस के साथ ही उनकी लीडरशिप स्किल्स भी इस सीजन में देखने को मिली, जब वो युवा डिफेंडर्स को गाइड करते हुए दिखाई दिए। 27 साल के इस खिलाड़ी के टीम के साथ जुड़ने के बाद चर्चिल ब्रदर्स टीम खिताब की एक प्रमुख दावेदारों में से एक बन गई थी।

सेंटर बैक: दीपक देवरानी (गोकुलम केरला)

28 साल के दीपक देवरानी का ये तीसरा आई-लीग टाइटल है, ऐसे में अब कोई कहे कि दीपक के पास कोई जादूई टच है, तो इसपर संदेह करना थोड़ा मुश्किल लगेगा। दीपक डिफेंस में धीरे-धीरे एक बड़ा नाम बनते दिख रहे हैं। वो अपने निजी खेल के साथ-साथ पूरी डिफेंस लाइन को भी मजबूत करते और उन्हें गाइड करते हुए दिखे।दीपक की सबसे अच्छी खूबी ये रही है कि वो मुश्किल समय में भी संयम नहीं खोते और शारीरिक और मानसिक तौर पर विरोधी खेमे को टक्कर देते रहते हैं।

लेफ्ट बैक: सेना राल्ते (रियल कश्मीर)

इस लाइनअप में एक और दिग्गज हैं सेना राल्ते, जिन्होंने आई-लीग के इस सीजन के सहारे फिर से दमदार वापसी की है। रियल कश्मीर ने इस बार उन्हें अपने खेमे में शामिल किया ताकि उनकी डिफेंस लाइन को मजबूती मिले और इसी के साथ एक एक्स्ट्रा एनर्जी भी मिले, जो दिल्ली डायनामोज और एटीके के फुल बैक की तरफ से आमतौर पर देखी जाती है। राल्ते एक चतुर डिफेंडर हैं और वो फील्ड पर हर मूवमेंट बड़ी सोच समझकर करते हैं। इसबार उन्होंने पांच शानदार असिस्ट किए और उन्हें टीम में शामिल करने के रियल कश्मीर के फैसले को सही साबित किया।

राइट सेंट्रल मिडफील्डर: के फाल्गुनी सिंह (ट्राउ एफसी)

ये दूसरा सीजन है जब ट्राउ एफसी के लिए खेलने वाले मणिपुर के मिडफिल्डर ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। उनके शानदार खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी परफॉर्मेंस के चलते उन्हें इस बार सर्वश्रेष्ठ मिडफिल्डर के खिताब से सम्मानित किया गया है। अपने शानदार खेल के साथ ही उन्होंने विदेशी और देसी खिलाड़ियों के बीच शानदार सामनजस्य भी बैठाया।

सेंट्रल डिफेंसिव मिडफिल्डर: बेजी अरमंद (चर्चिल ब्रदर्स)

बेजी अरमंद का ये सीजन बेहद ही शानदार रहा, जहां उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ चर्चिल ब्रदर्स की बैकलाइन को कवर किया और अटैकिंग बिल्ड अप्स में भी बेहद जरूरी भूमिका निभाई। मिडफिल्डर्स के साथ उनका बहुत अच्छा तालमेल भी इस सीजन में देखने को मिला है, जिसके चलते विरोधी टीम पर लगातार दबाव बनाने में उन्हें कामयाबी मिली। चर्चिल ब्रदर्स के साथ जुड़ने के बाद 29 साल का ये अनुभवी खिलाड़ी अपने साथ-साथ भारतीय फुटबॉल में अपना शानदार अनुभव भी लेकर आया, जिसका फायदा चर्चिल ब्रदर्स को मिला। हालांकि, टीम एक समय पर काफी अच्छा खेल रही थी, लेकिन बाद में उसके परफॉर्मेंस में गिरावट देखने को मिली। हालांकि इस दौरान भी बेजी का शानदार परफॉर्मेंस जारी रहा।

लेफ्ट सेंट्रल मिडफिल्डर: एमिल बेनी (गोकुलम केरला)

इस लिस्ट में अगला नाम पहले से ही अपने चतुराई और चालाकी भरे फुटवर्क के चलते नजरों में आ चुका है। ये हैं गोकुलम के मिडफिल्डर एमिल बेनी, जो कि आई-लीग के चमकते सितारों में से एक हैं। उनकी तेजी और सही समय पर सही जगह पहुंचने की टेक्निक ने उन्हें विरोधी खेमे के लिए एक बड़ी चुनौती बना दिया है। इस सीजन में तीन गोल और दो असिस्ट करने वाले 20 साल के इस खिलाड़ी ने दिखा दिया है कि शांत स्वभाव वाला ये खिलाड़ी लंबे समय तक फैंस के जेहन में रहने वाला है।

राइट फॉरवर्ड: डेनिस एंटवी (गोकुलम केरला)

घाना के डेनिस एंटवी मैदान पर पैर जमान के लिए थोड़ा समय लेते हैं, लेकिन एक बार जब उनका तालमेल साथी खिलाड़ियों से बन जाता है तो वो सामने वाली टीम के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती का रूप ले लेते हैं। 28 साल के एंटवी आई-लीग में 11 गोल के साथ संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उनके साथ दूसरे नंबर पर लूका मैसन हैं। इसी के साथ एंटवी ने 6 असिस्ट भी किए हैं, जो उनकी ऑलराउंडर की प्रतिभा को भी दर्शाता है।

स्ट्राइकर: लूका मैसन (चर्चिल ब्रदर्स)

आई-लीग के इस सीजन में कई शानदार स्ट्राइकर्स थे, लेकिन इन सबमें अगर गोल करने की सबसे ज्यादा भूख किसी में थी तो वो थे लूका मैसन। चेन्नई सिटी के खिलाफ खेले गए मुकाबले में लूका ने आखिरी मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई और वो आखिरी दिन तक लीग में बरकरार रही। लूका लीग में 11 गोल करते हुए सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर थे। वहीं उनके गोल करने की भूख और शानदार पोचिंग स्किल के चलते इस लिस्ट में भी उनका नाम शामिल है।

लेफ्ट फॉरवर्ड: बिद्याशागर सिंह (ट्राउ एफसी)

इस लिस्ट में बिद्याशागर सिंह भले ही आखिरी नाम हो, लेकिन प्रतिभा के मामले में वो शायद ही किसी से पीछे दिखें। वाह आई-लीग के इस सीजन के गोल्डन बॉय हैं और ट्राउ की शानदार खोज भी। इस युवा फॉरवर्ड ने लीग में सबसे ज्यादा 12 गोल दागते हुए बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड अपने नाम किया है। इस प्रतिभा को देखते हुए आईएसएल के कई क्लब्स अब इस 23 साल के खिलाड़ी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।