ये यंगस्टर्स इस सीजन जरुर अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे।

आई-लीग में हमेशा से ही युवा प्लेयर्स को बेहतरीन मौके मिलते रहे हैं और कई सारे यंग इंडियन प्लेयर्स ने सफलता की पहली सीढ़ी इसी टूर्नामेंट में चढ़ी है। हालांकि ईस्ट बंगाल और मोहन बगान के नहीं होने से इस सीजन आई-लीग के रेपुटेशन में थोड़ा-बहुत बदलाव जरुर देखने को मिलेगा।

टूर्नामेंट के सारे मुकाबले कोलकाता में ही खेले जाएंगे। इसी वजह से काफी तेजी से मुकाबले होंगे और यंगस्टर्स को खुद को साबित करने के ज्यादा से ज्यादा मौके मिलेंगे। कई सारे बेहतरीन युवा खिलाड़ी इस सीजन अपना स्किल और टैलेंट दिखाने के लिए तैयार हैं। हम आपको इस आर्टिकल में उन 10 युवा प्लेयर्स के बारे में बताएंगे जिनका प्रदर्शन इस सीजन देखने लायक होगा।

10. सेमिनमांग मानचोंग (ट्राउ एफसी)

ओडिशा एफसी के पूर्व खिलाड़ी सेमिनमांग मानचोंग इस सीजन आई-लीग में ट्राउ एफसी की टीम का हिस्सा हैं। पिछले सीजन आईएसएल में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था लेकिन आई-लीग में वो जरुर अपना इम्पैक्ट डालना चाहेंगे। सेकेंड डिवीजन लीग 2017-18 के सीजन में ओडिशा के रिजर्व साइड की तरफ से मानचोंग ने नौ मैचों में चार गोल किए थे। वो ट्राउ एफसी के लिए आई – लीग में काफी अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

9. गुरकीरत सिंह (इंडियन एरोज)

पिछले कुछ सीजन से गुरकीरत सिंह इंडियन एरोज के लिए केवल सात ही मुकाबले खेल पाए हैं। हालांकि इस सीजन वो विक्रम प्रताप सिंह, आकाश मिश्रा और गिव्सन सिंह जैसे बेहतरीन प्लेयर्स के रास्ते पर चलना चाहेंगे। इस बार वो जरुर अपने आपको साबित करने की कोशिश करेंगे। गुरकीरत सिंह एक ऐसे युवा प्लेयर हैं जो डिफेंडर और स्ट्राइकर दोनों तरह खेल सकते हैं। हालांकि वो ज्यादातर स्ट्राइकर के तौर पर खेलते हुए नजर आएंगे।

8. लाल्हमैनगाईहिकमा (ऐजवाल एफसी)

पिछले सीजन इस युवा खिलाड़ी ने ऐजवाल एफसी के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। यही वजह रही कि टीम ने एक्साइटिंग फुटबॉल खेली था। लाल्हमैनगाईहिकमा की ताकत है कि वो अटैक में कई सारे रोल निभा सकते हैं और ये चीज उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। 21 वर्षीय इस प्लेयर के पास बेहतरीन क्रिएटिविटी और बॉल के साथ रनिंग की बेहतरीन क्षमता है। वो कई सारे मौके अपनी टीम के लिए पैदा कर सकते हैं।

7. लवप्रीत सिंह (सुदेवा एफसी)

लवप्रीत सिंह लोन करार के तौर पर केरला ब्लास्टर्स से सुदेवा एफसी की टीम में गए हैं और आई-लीग के अपने पहले सीजन में वो सबको प्रभावित करना चाहेंगे। लवप्रीत सिंह लंबे कद के खिलाड़ी हैं और मैच के दौरान इसका एडवांटेज उठा सकते हैं। वो लॉन्ग बॉल को कलेक्ट करने में माहिर हैं और केरला ब्लास्टर्स से पहले इंडियन एरोज की तरफ से खेलते हुए सबको काफी प्रभावित किया था। इस सीजन लवप्रीत सिंह जरुर कुछ बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

6. सैय्यद सुहेल पाशा (चेन्नई सिटी एफसी)

सैय्यद सुहेल पाशा पूर्व दिग्गज भारतीय फुटबॉलर सैय्यद सबीर पाशा के बेटे हैं और उनके ऊपर अपनी फैमिली की रेपुटेशन को बनाए रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। सैय्यद सुहेल ने चेन्नई सिटी एफसी के लिए अपने डेब्यू सीजन में शानदार परफॉर्मेंस किया था। उन्होंने कुछ गोल में अपनी अहम भूमिका अदा की थी और फाइनल थर्ड में अपने मूवमेंट से काफी खतरनाक दिखे थे। अब वो और भी अच्छा प्रदर्शन इस सीजन करना चाहेंगे। चेन्नई की टीम को अगर अपना टाइटल रिटेन करना है तो फिर सुहेल पाशा को बेहतर खेल दिखाना होगा।

5. रुइवाह हॉर्मिपम (राउंडग्लास पंजाब एफसी)

अपने डेब्यू सीजन में इंडियन एरोज के लिए रुइवाह हॉर्मिपम ने काफी इम्पैक्ट छोड़ा था। हालांकि इस सीजन वो राउंडग्लास पंजाब एफसी की टीम का हिस्सा हैं और आगे बढ़कर वो टीम का नेतृत्व कर सकते हैं। ये युवा खिलाड़ी बैक में एक लीडर है जो खुद जिम्मेदारी लेकर समय पर इंटरसेप्शन करता है। पिछले सीजन अपने डेब्यू मैच में गोकुलम केरला के खिलाफ उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था। इस सीजन भी उनसे उसी तरह के परफॉर्मेंस की उम्मीद रहेगी।

4. मानवीर सिंह (सुदेवा एफसी)

मानवीर सिंह को सुदेवा एफसी ने केरला ब्लास्टर्स से साइन किया है और खुद पर दिखाए गए इस भरोसे के ऊपर वो जरुर खरा उतरना चाहेंगे। उनके अंदर पूरी क्षमता है कि वो आई-लीग में अपना नाम कमा सकें। मानवीर एक मेहनती प्लेयर हैं जो अपने मूवमेंट से डिफेंडर्स को काफी परेशान कर सकते हैं। इसके अलावा वो अपनी टीम के खिलाड़ियों के लिए जगह बनाने में भी माहिर हैं। सुदेवा एफसी के लिए इस सीजन वो काफी अहम प्लेयर साबित हो सकते हैं।

3. मनोज मोहम्मद (मोहम्मडन एफसी)

2018-19 का सीजन मनोज मोहम्मद के लिए काफी शानदार साबित हुआ था। ईस्ट बंगाल की टीम के साथ वो टाइटल जीतने के काफी करीब आ गए थे। हालांकि पिछले सीजन उन्हें ज्यादा मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला और इसके बाद उन्होंने मोहम्मडन एफसी की टीम के साथ करार कर लिया।

कुछ साल महले मनोज मोहम्मद ने एक डिस्पिलिन और हार्ड वर्किंग डिफेंडर के तौर पर खुद को पेश किया था और उनके अंदर वो स्पार्क है। बस उन्हें अपने परफॉर्मेंस में निरंतरता लाने की जरुरत है।

2. रिकी शाबोंग (इंडियन एरोज)

पिछले सीजन रिकी शाबोंग ने इंडियन एरोज के लिए एक पिलर की तरह काम किया था। यही वजह है कि इस बार उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ सकती हैं। इंडियन एरोज के कई सारे स्टार प्लेयर टीम का साथ छोड़कर जा चुके हैं और ऐसे में अब रिकी शाबोंग ही इस युवा टीम के सबसे सीनियर प्लेयर हैं। वो आगे बढ़कर टीम की अगुवाई करना चाहेंगे।

रिकी के पास अटैक को ब्रेक डाउन करने की बेहतरीन क्षमता है और पोजेशन हासिल करने में भी उन्हें महारत हासिल है। उनकी पासिंग रेंज भी काफी बढ़िया है और इसी वजह से वो डिफेंस से अटैक में काफी जल्दी मूव कर जाते हैं। हालांकि इस सीजन सफल होने के लिए उन्हें मेंटली और फिजिकली काफी स्ट्रांग होना होगा।

1. बिद्यासागर सिंह (ट्राउ एफसी)

बिद्यासागर सिंह को आई लीग में ईस्ट बंगाल की तरफ से मौके नहीं मिले और इसी वजह से उन्होंने इस टीम को छोड़कर नई टीम ज्वॉइन करने का फैसला किया। इस सीजन वो ट्राउ एफसी की टीम का हिस्सा हैं। बिद्यासागर एक ऐसे प्लेयर हैं जो डिफेंडर्स को तितर-बितर कर सकते हैं। 2019 के डूरंड कप में रेड और गोल्ड ब्रिगेड के लिए उन्होंने पांच गोल किए थे और आई लीग में भी वो उसी तरह का प्रदर्शन करना चाहेंगे।