कई सारी टीमों के युवा प्लेयर्स ने काफी प्रभावित किया है।

​नए साल के साथ ही आई-लीग की भी वापसी हो गई है। आई-लीग का ये सीजन पूरी तरह से वेस्ट बंगाल में खेला जा रहा है। सभी टीमें इस वक्त बायो-बबल में हैं और इस बार नए फॉर्मेट के तहत खेलेंगी।

इस सीजन की शुरुआत मोहम्मडेन एससी और सुदेवा एफसी के बीच मुकाबले से हुई। इसके अलावा राउंडग्लास पंजाब एफसी ने भी पूर्व चैंपियन ऐजवाल एफसी को मात दी, वहीं गोकुलम केरला को चेन्नई सिटी एफसी ने हराया। रियल कश्मीर और ट्राउ के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा।

हम आपको इस आर्टिकल में आई-लीग 2020-21 के पहले हफ्ते के अहम चीजों के बारे में बताएंगे:

5. मोहम्मडन एससी की युवा ब्रिगेड ने जबरदस्त शुरुआत की

मोहम्मडन एससी की टीम ने सुदेवा को हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। दोनों ही टीमें ज्यादा लय में नहीं दिखी और काफी सावधानीपूर्वक खेला। हालांकि, मोहम्मडन एससी के लिए उनके युवा प्लेयर्स फैजल अली और सूरज रावत ने प्रभावित किया। फैजल ने मैच का एकमात्र गोल दागा तो सूरज रावत काफी बेहतरीन तरीके से खेलते हुए दिखे।

कोलकाता के इस क्लब में युवा और अनुभव का अच्छा-खासा मिश्रण है। रफीक सरदार, अली और रावत जैसे यंग प्लेयर्स इस सीजन टीम के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं।

4. क्या राउंडग्लास पंजाब टाइटल की प्रमुख दावेदार है ?

आई-लीग 2020-21 के सीजन की सबसे खास बात ये है कि सभी टीमें लगभग बराबरी की हैं। हालांकि इनमें से कुछ टीमें ज्यादा अच्छी हैं और राउंडग्लास पंजाब की टीम भी उन्हीं में से एक है। पंजाब की इस टीम ने अपने अभियान की शुरुआत ऐजवाल एफसी के खिलाफ जीत के साथ की है और आने वाले मुकाबलो में वो और बेहतर होते जाएंगे।

इस सीजन पंजाब एफसी के पास संजू प्रधान, अनवर अली, बिक्रमजीत सिंह जैसे दिग्गज प्लेयर हैं। इसके अलावा जोसेबा बेतिया और चेंचो गिल्टशेन जैसे दिग्गज विदेशी प्लेयर भी हैं। वहीं रुईवाह हार्मिपन, बिकास युमनाम और अफाओबा सिंह जैसे यंगस्टर्स टीम को और मजबूत बनाते हैं। इस वक्त राउंडग्लास पंजाब टाइटल की प्रमुख दावेदार है और अगर उन्होंने टीम के हिसाब से प्रदर्शन किया तो फिर खिताब जीत सकते हैं।

3. क्या गोकुलम केरला के लिए विनसेंजो अनीसे कारगर साबित होंगे ?

गोकुलम केरला की टीम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई है। आईएफए शील्ड के क्वार्टरफाइनल में उन्हें मोहम्मडेन एससी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। ये एक ऐसा मैच था जिसमें विनसेंजो अनीसे की टीम सिर्फ नौ खिलाड़ियों तक सिमट कर रह गई थी और उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी। गोकुलम केरला के लिए ये हार किसी बड़े झटके से कम नहीं था और आई-लीग में आने से पहले उन्होंने अपनी टीम में कुछ बदलाव किए। हालांकि इसके बावजूद चीजें उनके पक्ष में नहीं गईं और पहले मुकाबले में उन्हें चेन्नई सिटी से हार का सामना करना पड़ा।

अभी सीजन की शुरुआत ही हुई है और गोकुलम केरला को लंबा सफर तय करना है। हालांकि अगर टीम का प्रदर्शन ऐसा ही रहा तो फिर हेड कोच विनसेंजो अनीसे के चयन पर भी सवाल उठेंगे। गोकुलम ने सैनटियागो वारेला के कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया था जिनकी अगुवाई में टीम ने केरला प्रीमियर लीग और डूरंड कप का खिताब जीता था। लेकिन अब अनीसे के ऊपर काफी बड़ी जिम्मेदारी है।

2. ट्राउ के कोमरोन तुरसुनोव ने सबसे तेज गोल का रिकॉर्ड बनाया

ट्राउ ने अपने कैंपेन की शुरुआत रियल कश्मीर के खिलाफ 1-1 की ड्रॉ के साथ की और उनके स्टार विदेशी प्लेयर कोमरोन तुरसुनोव ने इस मैच में इतिहास रच दिया। उन्होंने आई-लीग इतिहास का सबसे तेज गोल दागकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया। तजाकिस्तान के इस खिलाड़ी ने सिर्फ नौ सेकेंड के अंदर ही गोलकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।

डिफेंडर हेल्डर लोबाटो की लॉन्ग बॉल को रियल कश्मीर के डिफेंडर जोहिफ अमीरी ने इंटरसेप्ट किया लेकिन दबाव में आकर पोजेशन गंवा दिया। इसके बाद तुरसुनोव ने गोल करने में देर नहीं लगाई। तुरसुनोव ने पिछले सीजन मोहन बगान के साथ आई-लीग का टाइटल जीता था और इस बार वो ट्राउ की टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले लीग में सबसे तेज गोल का रिकॉर्ड कतसुमी यूसा के नाम था जिन्होंने 2018-19 के सीजन में चर्चिल ब्रदर्स के खिलाफ सिर्फ 13 सेकेंड में गोल किया था।

1. इंडियन एरोज लगातार टैलेंटेड प्लेयर्स तैयार कर रही है

सालों से इंडियन एरोज के प्रोजेक्ट ने कई जबरदस्त इंडियन प्लेयर तैयार किए हैं। आकाश मिश्रा और हेंड्री एंटोनी जैसे प्लेयर्स जो पिछले सीजन एरोज का हिस्सा थे अब काफी मैच्योर हो गए हैं और रेगुलर तौर पर आईएसएल का हिस्सा होते हैं। इंडियन एरोज के पास कभी भी टैलेंट की कमी नहीं रही है और इस सीजन भी रिकी शाबोंग, गुरकीरत सिंह और लालचानहिमा सायलो जैसे खिलाड़ियों पर सबकी नजरें रहेंगी।

पिछले सीजन बेहतरीन प्रदर्शन के बाद शाबोंग पहले ही अपना नाम बना चुके हैं और इस सीजन भी वो नए उत्साह और उमंग के साथ वही परफॉर्मेंस दोहराना चाहेंगे। सायलो एक ऐसे टैलेंटेड प्लेयर हैं जो इंडियन एरोज से निकलने के बाद एक बड़े स्टार बन सकते हैं। इंडियन एरोज टीम से यही उम्मीद की जाती है कि वो आने वाले सालों में ऐसे ही बेहतरीन और टैलेंटेड प्लेयर बनाते रहें।