इंडिया के हेड कोच ने 4-2-3-1 के फॉर्मेशन के महत्व के बारे में भी बताया।

इगोर स्टीमाक जब से इंडियन फुटबॉल टीम के हेड कोच बने हैं तब से टीम नए तरीके से फुटबॉल खेलने का प्रयास कर रही है है। उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने कई मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और टीम के कई खिलाड़ियों की स्किल में भी काफी फर्क पड़ा है।

उन्होंने हाल ही में इंडियन फुटबॉल टीम को लेकर बड़ा बयान दिया है। इंटरनेशनल वर्चुअल कोचिंग कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि एक कोच के तौर पर आने वाले समय में उनका क्या गोल है।

इगोर स्टीमाक ने कहा, “भारतीय फुटबॉल टीम के साथ जो लोग भी जुड़े हुए हैं वो टीम के बेहतर परफॉर्मेंस के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। शॉर्ट टर्म के लिए हमारा गोल अगले एएफसी एशियन कप के लिए क्वालीफाई करना है। अगर हम ऐसा करने में कामयाब रहते हैं तो फिर इससे हमारा कॉन्फिडेंस काफी बढ़ जाएगा। आगे जाकर लॉन्ग टर्म में हमारा लक्ष्य निश्चित तौर पर फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करना है। गोल्डन बेबी लीग्स और ग्रासरूट लेवल पर जिस तरह का काम चल रहा है उसे देखते हुए हम कह सकते हैं कि इंडियन फुटबॉल टीम का फ्यूचर काफी ब्राइट है।”

उन्होंने भारतीय कोचों को भी अहम सलाह दी। स्टीमाक ने कहा कि इंडियन कोच लगातार अपनी जानकारी बढ़ाएं और प्लेयर्स के माइंडसेट में बदलाव लाएं ताकि उनके खेल में और सुधार हो सके।

इगोर स्टीमाक ने कहा, “एक कोच के तौर पर आपको अपना नॉलेज बढ़ाने की जरुरत है, ताकि आप खिलाड़ियों की मदद कर सकें। आप अपने फ्री टाइम का पूरा उपयोग कीजिए, ज्यादा से ज्यादा पढ़िए और स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के बारे में जानकारी जुटाइए। हमें माइंडसेट डेवलप करने की जरुरत है।”

उनके मुताबिक युवा खिलाड़ियों को एक बेहतर माहौल में तैयार करने की जरुरत है और उसके लिए जरुरी है कि आपके पास ज्यादा से ज्यादा नॉलेज हो। क्रोएशिया के पूर्व कोच ने कहा, “आपको युवा टैलेंटेड खिलाड़ियों को अच्छी तरह से संभाल कर रखना चाहिए और ड्रेसिंग रूम के अंदर पॉजिटिव माहौल बनाए रखने की जरुरत होती है। जब तक आपके पास पूरी जानकारी नहीं होगी तब तक खिलाड़ी आपको फॉलो नहीं करेंगे।”

ब्लु टाइगर्स के कोच ने बताया कि इंडियन फुटबॉल में 4-2-3-1 के फॉर्मेशन का क्या महत्व है। उनके मुताबिक इंडियन फुटबॉल के लिए ये सिस्टम ज्यादा सही है। उन्होंने कहा, “हमें उस सिस्टम को अपनाना पड़ा था जहां पर प्लेयर्स गेंद के साथ ज्यादा खेलते थे और फैंस को ये पसंद भी काफी आता था। इसके बाद हमने 4-2-3-1 की रणनीति अपनाई जहां पर गेम गोलकीपर से स्टार्ट होता है और उसके बाद सेंटर बैक की भूमिका काफी अहम हो जाती है।”