स्टार गोलकीपर ने कहा कि भारतीय टीम की तरफ से खेलने जैसी फीलिंग कुछ और नहीं हो सकती।

इंडियन फुटबॉल टीम के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू इस वक्त ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हैं और वहीं पर अपनी ट्रेनिंग कर रहे हैं। लॉकडाउन के पहले से ही वह वहां पर हैं और अपनी ट्रेनिंग में बिजी हैं। एआईएफएफ टीवी के साथ उन्होंने भारतीय फुटबॉल समेत कई मुद्दों पर बात की।

उन्होंने कहा, “देश के लिए खेलने जैसी फीलिंग कुछ और नहीं हो सकती है। आप अपने देश के लिए जितना हो सके खेलना चाहते हैं। अपनी कंट्री के लिए खेलना काफी स्पेशल होता है।”

गुरप्रीत सिंह संधू नेशनल फुटबॉल टीम के अहम खिलाड़ी हैं। उनका मानना है कि इंडियन फुटबॉल टॉप पर जाने के काबिल है और दूसरी टीमों जितना सम्मान उन्हें भी मिलना चाहिए। इससे कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है।

उन्होंने कहा, “इंडियन फुटबॉल सबसे ऊपर पहुंचने के काबिल है। दूसरी टीमों जितना सम्मान पाने का हक हमें भी है। हमें इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है। सभी खिलाड़ी काफी कड़ी मेहनत करते हैं और रिजल्ट चाहते हैं। हमें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और जो भी विरोधी टीम हमारे खिलाफ खेलती है उतना ही सम्मान हमें भी मिलना चाहिए। इसके लिए ही हम खेलते हैं।”

वह सिडनी में एसी मिलान के पूर्व खिलाड़ी जेलको कलाक की निगरानी में कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं। कलाक एसी मिलान के साथ यूएफा चैंपियंस लीग का खिताब भी जीत चुके हैं। इससे पहले वह बैंगलुरु एफसी के एरिक पारतालू के साथ ट्रेनिंग कर रहे थे जो सिडनी के ही रहने वाले हैं।

गुरप्रीत सिंह संधू ने बताया, “लॉकडाउन से पहले मैं सिडनी आया था और उसके बाद सभी बॉर्डर बंद हो गए। मैं कहीं जा नहीं सकता था इसलिए कई महीनों तक घर पर ही ट्रेनिंग की। जब लॉकडाउन में थोड़ी ढील मिली तो मैं एरिक के पास पहुंचा और हफ्ते में कई बार उनके साथ ट्रेनिंग करता था। हालांकि, अब लगभग एक महीने से मैं सिडनी यूनाइटेड 58 टीम के गोलकीपिंग कोच जेलको कलाक के साथ ट्रेनिंग कर रहा हूं। वो एसी मिलान के लिए भी खेल चुके हैं और उन्होंने मुझे क्लब के साथ ट्रेनिंग की इजाजत दे दी। मुझे काफी अच्छा एक्सपोजर भी मिल रहा है और मैं फैमिली टाइम भी इंज्वॉय कर रहा हूं।”

इंडियन गोलकीपर ने बताया कि पहले और अबके प्लेयर्स में क्या बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि अब प्लेयर्स के पास काफी जानकारी होती है लेकिन पहले ऐसा नहीं था। उन्होंने दिग्गज भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री का भी जिक्र किया और बताया कि कैसे वो लगातार अपने गेम में बदलाव लाते रहते हैं।

गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा, “पहले के मुकाबले अब प्लेयर्स के पास ज्यादा जानकारी होती है और उनके पास एक्सपोजर भी होता है। ये एक काफी बड़ा बदलाव है। अब अहम जानकारियां इकट्ठा करना आसान है। सुनील छेत्री जैसा प्लेयर अभी भी टॉप पर है क्योंकि उन्होंने लगातार खेल के हिसाब से बदलाव किया है। युवा प्लेयर उनको देखकर काफी कुछ सीख सकते हैं या फिर वो संदेश झिंगन और मेरा भी उदाहरण ले सकते हैं।”

उन्होंने इसके अलावा पिछले साल दोहा में कतर के खिलाफ हुए जबरदस्त मुकाबले को भी याद किया। उस मैच में गुरप्रीत ने कई जबरदस्त सेव करके कतर जैसी टीम को गोल नहीं करने दिया था। भारत ने एशियन चैंपियन कतर के साथ गोलरहित ड्रॉ खेला था जो कि एक बड़ी उपलब्धि थी।

गुरप्रीत ने कहा, “वो एक बहुत ही यादगार मैच था। हम सभी बेहतर करने की कोशिश कर रहे थे और कोई गलती नहीं करना चाहते थे। आप एशिया की बेस्ट टीम के खिलाफ खेल रहे हैं और अगर आप जरा सा भी चांस उन्हें देंगे तो फिर वो चूकेंगे नहीं। मैच के रिजल्ट से हम सभी काफी खुश थे। मैं काफी इमोशनल था, क्योंकि मैच से पहले सब यही कह रहे थे कि हमें बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ेगा। मैं खुश हूं कि स्टैंड में बैठे लोगों के साथ मैं उस मोमेंट को शेयर कर सका। हमने ये साबित कर दिया कि मैदान में सभी टीमें बराबर हैं।”