18 वर्षीय खिलाड़ी ने इंडियन फुटबॉल में अपने सफर के बारे में बात की।

इंडियन एरोज के पूर्व फुटबॉलर विक्रम प्रताप सिंह को देश के उभरते हुए स्टार के तौर पर देखा जाता है। पिछले कुछ समय में उन्होंने अपने प्रदर्शन से फैंस और दिग्गजों के बीच अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 2018 में हुए एफसी अंडर-16 चैंपियनशिप में ब्लू कोल्ट्स को क्वार्टरफाइनल तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया था तो वहीं आई-लीग के पिछले सीजन में 14 मैचों में चार गोल करके भी लोगों की नजरों में आए थे।

विक्रम प्रताप सिंह ने अपने खेल के बारे में बात करते हुए कहा, “जब मैं ग्राउंड में खेलते हूं तब मुझे बस स्कोर करना पसंद है। जब मैं गोल करता हूं तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होती है। मैं जब भी ग्राउंड पर जाता हूं तो मेरी सोच यही होती है कि मैं गोल करूं।”

उनके खेल को देखते हुए उनकी तुलना भारत के स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री से होने लगी है। विक्रम प्रताप सिंह ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। सुनील छेत्री एक ब्रैंड हैं, उनके जैसा बनना मेरे लिए एक सपना है क्योंकि हम सभी जानते हैं कि उन्होंने हमारे देश के लिए कितना कुछ किया है। जब भी वह खेलते हैं तो उन्हें देखकर लगता है वह जरूर गोल करेंगे। मैं चाहता हूं कि मैं भी ऐसा कर सकूं।”

वह चंडीगढ़ फुटबॉल अकेडमी से ग्रेजुएट हैं और इसके बाद उन्होंने कुछ समय मिनर्वा पंजाब के साथ बिताया। साल 2018-19 के सीजन के लिए इंडियन एरोज ने उन्हें टीम में शामिल किया। उन्होंने टीम के लिए 27 मैच खेले और अपने इस अनुभव पर बात करते हुए कहा, “इंडियन एरोज का मेरे करियर में बहुत अहम रोल रहा है। वह युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे बेहतर जगह है। वह खिलाड़ियों को शानदार कोचिंग मिलती है। इस क्लब ने मुझे बड़े खिलाड़ियों और क्लबों के खिलाफ खेलने का आत्मविश्वास दिया।”

विक्रम प्रताप सिंह ने बीते समय में सीनियर और जूनियर दोनों ही स्तर पर मैच खेले हैं। दोनों के बीच फर्क के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “एज ग्रुप और सीनियर लेवल में काफी फर्क है। एज ग्रुप में हम कभी भी डिफेंडर पर अटैक कर सकते हैं पर सीनियर स्तर पर सब अलग होता है। वहां आपके खेलने के तरीके से लेकर पासिंग और कई चीजों पर काम करना होता है।”

वह फॉरर्वड लाइन में अलग-अलग पोजीशन पर खेल चुके हैं। वह काफी मजबूत और स्किलफुल फॉरवर्ड माने जाते हैं। उनकी इन्ही काबिलियतों के कारण उम्मीद की जा रही है कि वह आगे चलकर काफी नाम कमाएंगे। अपने खेल को लेकर उन्होंने कहा, “मुझे राष्ट्रीय कैंप में पहली बार डिफेंसिव मिडफील्डर के तौर के पर सेलेक्ट किया गया था। इसके बाद बिबियानो सर ने मुझे अटैकिंग मीडफील्डर पर शिफ्ट किया। इसके बाद मैं राइट विंग और फिर लेफ्ट विंग पर खेलने लगा। मुझे लगता है कि मुझे अलग-अलग पॉजीशन पर खेलना आना चाहिए ताकी भविष्य में जब भी मौका मिले तो मैं खेल सकूं। लेकिन मुझे राइ़ट विंग में खेलना ज्यादा पसंद है।”