एएफसी के नियमों का पालन करने के लिए यह फैसला लिया गया।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) की टेक्निकल कमेटी ने श्याम थापा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंन्सिंग के जरिए शुक्रवार को मीटिंग की और उसमें कई बड़े फैसले लिए।

इस मीटिंग में थापा के अलावा, डिप्टी चेयरमैन हेनरी मेनेजेस, प्रशांत बनर्जी, गणपति पलगुना, प्रदीप कुमार दत्ता, इश्फाक अहमद, सुंदर रमण और अभिषेक यादव शामिल थे। एआईएफएफ के जेनरल सेक्रेर्टी कुशल दास ने भी इसमें हिस्सा लिया।

कमेटी ने लंबी चर्चा की और फिर सर्वसम्मति से 2021 सीजन के बाद से इंडिया की ​डोमेस्टिक लीग में 3 (विदेशी खिलाड़ी) +1 (एशियन खिलाड़ी) नियम को लागू करने की सिफारिश की। इसका मतलब यह है कि लीग के मैचों में एक टीम की ओर से एक बार में ज्यादा से ज्यादा चार विदेशी खिलाड़ी ही मैदान पर उतर सकते हैं और उसमें से एक प्लेयर एशियन होना चाहिए। पहले लीग में पांच विदेशी खिलाड़ियों को पिच पर उतारने की अनुमति थी और पांचों खिलाड़ी ​किसी भी देश के हो सकते थे।

एशिया के विभिन्न क्लब प्रति​योगिताओं में भाग लेने के लिए एएफसी के मौजूदा नियमों के मुताबिक यह फैसला लिया गया। हालांकि, अगर एएफसी इस नियम में बदलाव करती है तो उसे डोमेस्टिक लीग में होने वाले मैचों में भी लागू किया जाएगा।

कमेटी ने यह भी महसूस किया कि पीआईओ/ओसीआई नियम पर चर्चा करने का यह सही समय नहीं है। यह नियम भारतीय मूल के खिलाड़ियों का इंडियन नेशनल टीम के लिए फुटबॉल खेलने से जुड़ा हुआ है और कमेटी ने निर्णय लिया की इस मुद्दे पर बाद में बात की जाएगी।

फीफा द्वारा इस साल भारत में होने वाले अंडर-17 वुमेन्स वर्ल्ड कप को स्थगित किए जाने से जुड़ी बातें भी कमेटी को बताई गई। उसे जानकारी दी गई कि टूर्नामेंट के नए तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है।

इसके अलावा, यह भी फैसला​ लिया गया कि इंडियन फुटबॉल को बेहतर बनाने के लिए चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन एआईएफएफ-साई की सभी तकनीकी चर्चाओं में हिस्सा लेंगे।