मणिपुर से ताल्लुक रखने वाले 20 वर्षीय विंगर ने पिछले सीजन मोहन बागान के लिए दमदार प्रदर्शन किया।

यूट्यूब पर नोंगदंबा नाओरेम सर्च कीजिएगा तो एक वीडियो मिलेगा जिसमें आप देखेंगे कि कैसे इस खिलाड़ी ने बेहतरीन ड्रिबलिंग करते हुए अकेले अपने दम पर शिलॉन्ग लाजोंग के छह डिफेंडर्स और गोलकीपर को बीट करके शानदार गोल किया।

कुछ सीजन पहले तक नोंगदंबा नाओरेम को इंडियन फुटबॉल का हर फैन जानता था। उन्होंने 2017 में हुए फीफा अं​डर-17 वर्ल्ड कप में इंडियन टीम को रिप्रजेंट किया था और सभी को उनसे काफी उम्मीदें थी। हालांकि, वह लगातार दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाए और इंडियन एरोज के लिए महज एक सब्स्टीट्यूट बनकर रह गए।

फैन्स को लगा कि इंडियन फुटबॉल का एक और उभरता हुआ सितारा अपनी प्रतिभा को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाया लेकिन वे यह नहीं जानते थे कि एक सीजन बाद ही नोंगदंबा नाओरेम वापस आएंगे और शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेंगे।

स्काउटिंग रिपोर्ट

उम्र- 20 साल

डेट ऑफ बर्थ- 2 जनवरी 2000

पोजिशन- लेफ्ट विंग

हाइट- 170 सेंटीमीटर

2019-20 सीजन में नोंगदंबा नाओरेम का प्रदर्शन

आई-लीग डेब्यू

फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के तुरंत बाद नोंगदंबा नाओरेम को ज्यादा गेम टाइम के लिए लोन पर मिनर्वा पंजाब से इंडियन एरोज में भेजा गया। लेफ्ट विंगर ने चेन्नई सिटी एफसी के खिलाफ अपना डेब्यू किया और एरोज ने उलटफेर करते हुए उस मैच को 3-0 से अपने नाम किया। हालांकि, नाओरेम इस मुकाबले में एक सब्स्टीट्यूट के तौर पर ही उतरे थे।

पॉजिटिव

इस यंग प्लेयर की सबसे बड़ी क्षमता अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत में बदलना है। मैच के दौरान ज्यादा ड्रिबलिंग करने के कारण हमेशा से नोंगदंबा नाओरेम की आलोचना की जाती रही है, लेकिन बीते सीजन कीबू विकूना के मार्गदर्शन में मोहन बागान के लिए उन्होंने इस स्किल का बेहद सही उपयोग किया और लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

नाओरेम ने धीरे-धीरे विकूना की पासिंग और पोजेशन बेस्ड स्टाइल को अपनाया और जल्द ही उनकी अटैकिंग लाइनअप का अहम हिस्सा बन गए। विंग पर उनकी स्किल्स ने विपक्षी टीम के डिफेंडर्स को हमेशा परेशान किया है, लेकिन बीते सीजन उन्होंने फाइनल थर्ड में भी मैच्योरिटी दिखाई। कोलकाता डर्बी में पहले गोल के लिए बनाया गए बेहतरीन मूव ने यह दर्शाया कि वह एक खिलाड़ी के रूप में कितने परिपक्व हो चुके हैं।

मैच के बाद कोच नोंगदंबा नाओरेम की तारीफ किए बिना नहीं रह पाए। विकूना ने कहा, मैं नाओरेम से बहुत खुश हूं। वह एक स्पेशल टैलेंट हैं, जाहिर तौर पर उन्हें और बेहतर होने की आवश्यकता है, लेकिन एक 19 साल के खिलाड़ी के रूप में वह बेहतरीन काम कर रहे हैं। हम उनसे बहुत खुश हैं। यंग प्लेयर्स को हमेशा शांत रहना चाहिए।

नाओरेम के पास हमेशा से टैलेंट था, उन्हें बस गाइडेंस चाहिए था और विकूना ने उनपर भरोसा दिखाया जिससे उनका खेल काफी बेहतर हुआ।

कहां इम्प्रूवमेंट की जरूरत है

स्किल्स होने के बावजूद नोंगदंबा नाओरेम को गोल के सामने लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने बीते सीजन दो गोल किए और दोनों ही मुश्किल परिस्थितियों में किए गए, लेकिन अगर वह लगातार गोल करना सीख जाते हैं तो अपने गेम को नए स्तर पर ले जा सकते हैं। इंडिया में आमतौर पर विंगर ज्यादा गोल नहीं करते हैं और नाओरेम इस धारना को तोड़ सकते हैं।

इसके अलावा, उन्हें फिजिकली भी खुद को बिल्ड करना होगा ताकि वह डिफेंडर को वन ऑन वन की स्थिति में आसानी से बीट कर सकें। अगर वह शारीरिक रूप से मजबूत हो जाते हैं और इससे उनका गेम और इम्प्रूव हेागा।

फ्यूचर

फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में इंडिया को रिप्रजेंट कर चुका प्लेयर इस लेवल पर खेलने के दबाव को जानता है। अगर सही गाइडेंस मिलती रही तो नोंगदंबा नाओरेम उन नए विंगर्स की सूची में शामिल हो सकते हैं जो गोल के लिए मौके बनाने के साथ-साथ खुद गोल भी करते हैं।

बीते सीजन पांच असिस्ट और दो गोल के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े स्टेज पर खेलने का माद्दा रखते हैं। उनके 109 ड्रिबल यह दर्शाते हैं कि विकूना ने क्यों उनपर भरोसा दिखाया। उन्होंने नाओरेम को अपना नेचुरल गेम खेलने की आजादी दी और वह निखकर सामने आए।

मणिपुर से ताल्लुक रखने वाले इस खिलाड़ी को हमेशा से उनकी ड्रिबलिंग के लिए जाना जाता था, लेकिन उनकी पासिंग अच्छी नहीं थी। हालांकि, विकूना के मार्गदर्शन में वह इसमें बेहतर हुए और पिछले सीजन उनकी पासिंग एक्यूरेसी 79 प्रतिशत रही। आगामी सीजन में वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम केरला ब्लास्टर्स के लिए खेलेंगे और विकूना भी इसी टीम को कोचिंग देंगे ऐसे में नाओरेम से नए टूर्नामेंट में भी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।