इंडियन टीम के डिफेंस में ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका परफॉर्मेंस पिछले साल काफी बेहतरीन रहा है।

फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स के लिए इंडिया तैयार है। टीम को इस कैंपेन के दौरान करारी टक्कर मिलने वाली है। जून में इंडियन फुटबॉल टीम का मैच कतर के खिलाफ होगा, इसके बाद टीम बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगी।

क्वालिफायर्स के अगले राउंड में पहुंचने का भारत का सपना भले ही साकार न हो सके, लेकिन टीम ग्रुप में तीसरे नंबर पर आने की कोशिश जरूर कर सकती है और एएफसी एशियन कप 2023 क्वालिफायर्स के अगले राउंड में पहुंच सकती है। इसके लिए भारत को आने वाले मुकाबलों में ज्यादा से ज्यादा पॉइंट्स हासिल करने होंगे, वहीं अफगानिस्तान के परफॉर्मेंस का भी इसमें अहम रोल रहेगा।

भारत को अगर अपने कैंपने को सफल बनाना है तो इसमें सबसे अहम किरदार निभाएगी टीम की डिफेंस लाइन। इसमें गुरप्रीत के कंधों पर बेहद बड़ी जिम्मेदारी है और उन तक गेंद को पहुंचने से रोकने का काम करेंगे टीम के बैक-फोर। यानी डिफेंस लाइन के चार खिलाड़ियों का मजबूती से खड़ा होना बहुत जरूरी है।

28 खिलाड़ियों के स्क्वॉड में आठ डिफेंडर्स शामिल हैं, ऐसे में ये तो साफ है कि जो फाइनल चार खिलाड़ी मुकाबले के लिए चुने जाएंगे वो तो इगोर स्टीमाक ही तय करेंगे। लेकिन खेल नाओ ऐसे संभावित खिलाड़ियों के बारे में आपको बता रहा है, जो मौजूदा स्क्वॉड में से आने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स मुकाबलों के लिए बिल्कुल सटीक बैठते हैं।

राइट बैक- प्रीतम कोटाल

इंडिया में राइट बैक के लिए प्रीतम कोटाल ही सबकी पहली पसंद हैं और मौजूदा स्क्वॉड के हिसाब से सबसे बेहतर विकल्प भी। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में एटीके मोहन बगान के लिए प्रीतम राइड साइड सेंटर बैक खेले थे, लेकिन प्राकृतिक तौर पर वो राइट बैक ही हैं। इस पोजिशन पर अगर उन्हें किसी से कॉम्पटिशन मिल सकता है तो वो हैं राहुल भेके।

हालांकि कोटाल का परफॉर्मेंस लीग के आखिरी सीजन में काफी अच्छा था और रिकॉर्ड्स के मामले में भी वो भेके से आगे हैं। उन्होंने आखिरी सीजन के 22 मुकाबलों में 75 टैकल्स, 81 क्लियरेंस और 46 इंटरसेप्शन किए थे। वहीं भेके ने 15 मुकाबलों में 47 टैकल्स, 20 इंटरसेप्शन और 23 क्लियरेंस किए थे। ऐसे में कोटाल को अगर मौका मिलता है तो वो विरोधी फॉरवर्ड खिलाड़ियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

कोटाल बनाम भेके।

सेंटर बैक- चिंग्लेनसाना सिंह

सेंटर बैक के लिए कोच स्टीमाक के पास पांच विकल्प हैं। ऐसे में पिछले सीजन की परफॉर्मेंस को देखा जाए तो चिंग्लेनसाना सिंह इंडिया की टीम में शामिल किए जा सकते हैं, खासतौर पर कतर के खिलाफ। चिंग्लेनसाना ने हैदराबाद एफसी के लिए पिछले सीजन में बेहतरीन परफॉर्म किया और वो लीग में तीसरे सबसे बेहतरीन डिफेंडर थे। 24 साल के इस खिलाड़ी ने 18 मुकाबलों में 76 क्लियरेंस, 26 टैकल्स और 26 इंटरसेप्शन किए थे।

खेल को समझने की काबिलियत के बूते वो टीम के लिए अहम कड़ी बन सकते हैं। हालांकि इस पोजिशन के लिए नरेंद्र गहलोत एक विकल्प बन सकते हैं। लेकिन गहलोत अभी बड़े मुकाबले के लिए इतने परिपक्व नहीं दिखते हैं।

सेंटर बैक- संदेश झिंगन

संदेश झिंगन ने उनके पहले आईएसएल सीजन में ही अपनी क्षमता लोगों को दिखा दी थी। हालांकि इसके बाद वो चोट से जूझते रहे, लेकिन जब उन्होंने वापसी की तो वो किसी दीवार की तरह ही मजबूत दिखे। वो विरोधी अटैकर्स को परेशान करने के लिए सबसे सटीक हैं और ऐसे में वो इंडिया की डिफेंस लाइन में सबसे पहली पसंद होंगे। पूरे स्क्वॉड में फिलहाल उनसे बेहतर सेंटर बैक नहीं है। उनके जैसे ही दिखने वाले आदिल खान अभी बड़े मुकाबलों के लिए उनसे बेहतर विकल्प नहीं बने हैं।

झिंगन और चिंग्लेनसाना की जोड़ी अपनी काबिलियत के बूते सामने वाली टीम के डिफेंडर्स को परेशान कर सकती है। अगर झिंगन का सपोर्ट मिला तो चिंग्लेनसाना और अटैकिंग होकर खेल सकते हैं।

लेफ्ट बैक- आकाश मिश्रा

डिफेंस लाइन पर सिर्फ लेफ्ट बैक ही एक ऐसी पोजिशन है, जिसको लेकर संशय बना हुआ है। कतर जाने वाले स्क्वॉड में सुभाशिष बोस सबसे अनुभवी लेफ्ट बैक हैं। हालांकि आईएसएल के पिछले सीजन की परफॉर्मेंस देखी जाए तो आकाश मिश्रा का प्रदर्शन कहीं ज्यादा बेहतर रहा है।

19 साल के इस युवा खिलाड़ी ने हैदराबाद एफसी के लिए 20 मुकाबलों में 80 टैकल्स, 55 इंटरसेप्शन और 48 क्लियरेंस किए। बोस का भी एटीकेएमबी के लिए परफॉर्मेंस अच्छा रहा और उन्होंने 79 टैकल्स, 28 इंटरसेप्शन और 59 क्लियरेंस किए। हालांकि सुभाशिष ने मिश्रा के मुकाबले ज्यादा फाउल भी किए। मिश्रा की औसतन पासिंग एक्युरेसी 68.56 फीसदी है और वो अपनी तेजी के चलते कई मौके बनाने की काबिलियत भी रखते हैं। युवा लेफ्ट बैक होने के साथ वो काफी तेज और साहसी भी हैं। ऐसे में कतर के खिलाफ टीम को उनकी जरूरत हो सकती है।