दिग्गज डिफेंडर ने इंजरी के बाद इंडियन टीम में वापसी की है।

वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में संदेश झिंगन की वापसी से इंडियन फुटबॉल टीम काफी मजबूत होगी। इंजरी की वजह से वो फीफा वर्ल्ड क्वालीफायर्स के आखिरी तीन मैचों में हिस्सा नहीं ले पाए थे। उनके लीडरशिप की कमी टीम को साफ तौर पर खली थी।

एआईएफएफ के साथ खास बातचीत में संदेश झिंगन ने कई मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक इंजरी से वापसी करना उनके लिए काफी राहत की बात है।

उन्होंने कहा “ये काफी राहत वाली बात है। मैं काफी खुश हूं कि इंजरी के बाद वापसी करने में कामयाब रहा। किसी भी प्लेयर के लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात होती है। इसीलिए मुझे मौका मिला इसके लिए मैं काफी आभारी हूं। हम कभी भी चीजों को हल्के में नहीं ले सकते हैं। टीम को अपना फोकस बनाए रखने की जरूरत है।”

“जिस तरह से हमें खेलना चाहिए था वैसा हम नहीं खेले। मैं सबसे पहले अपना हाथ उठाकर कहूंगा कि हम अपने पोटेंशियल के हिसाब से नहीं खेल पाए। जिस तरह से हम चाहते थे वैसा नहीं हुआ। खासकर इतनी अच्छी शुरूआत का फायदा नहीं उठा पाए। हमें खुद आगे आकर खराब परफॉर्मेंस की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मैं दोबारा कहता हूं कि हमने अपने पोटेंशियल के हिसाब से नहीं खेला है।”

कोरोना वायरस की वजह से इंडियन टीम प्रैक्टिस नहीं कर पाई। टीम को कैंप लगाने का मौका नहीं मिला और इस दौरान बहुत सा वक्त बर्बाद भी हुआ। हालांकि, संदेश झिंगन के मुताबिक कैंप लगे या ना लगे लेकिन लोग सिर्फ रिजल्ट याद रखते हैं।

उन्होंने कहा, “जिन्हें फुटबॉल के बारे में अच्छी तरह से पता है वो प्री ट्रेनिंग कैंप की अहमियत समझते होंगे। इसके अलावा किसी प्रमुख टूर्नामेंट की तैयारी के लिए फ्रेंडली मैच की भी अहमियत काफी होती है। कोरोना वायरस की वजह से दुबई में हम फ्रेंडली मुकाबले नहीं खेल सके। हालांकि किसी भी चीज को देखने के दो पहलू होते हैं। आप हार तो आसानी से मान सकते हैं लेकिन हम यहां पर फाइट करने के लिए आए हैं।”

“किसी को भी ये याद नहीं रहेगा कि हमारा ट्रेनिंग कैंप नहीं लगा था या हमने फ्रेंडली मुकाबले नहीं खेले थे। सबको सिर्फ रिजल्ट के बारे में याद रहता है। अगर आप सिस्टम का हिस्सा हैं तो फिर टीम के लिए अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे। लेकिन कुछ चीजें आपके हाथ में नहीं होती हैं।”

कोच इगीर स्टीमाक ने हमेशा संदेश झिंगन की काफी तारीफ की है। झिंगन के मुताबिक इससे उन्हें काफी मोटिवेशन मिलता है। उन्होंने कहा “एक व्यक्तिगत प्लेयर के तौर पर जब कोच से आपको इतना सपोर्ट मिलता है तो फिर ये आपके लिए काफी बड़ी बात होती है। जब भी मैंने प्लेयर के तौर पर इम्प्रूव करने की कोशिश की उन्होंने हमेशा मेरी मदद की। इससे मुझे कड़ी मेहनत करने का मोटिवेशन मिलता है। लेकिन मुझे दुख भी है कि इन मैचों में हिस्सा नहीं ले सका। ऐसा नहीं है कि मैं होता तो स्कोरलाइन कुछ और होता क्योंकि जो भी प्लेयर टीम में थे वो उतने ही टैलेंटेड थे। हालांकि अब आगे के मुकाबले काफी अहम हैं।”