19 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि केरला ब्लास्टर्स के फैंस क्लब की तरफ से बेहतरीन परफॉर्मेंस डिजर्व करते हैं।

​केरला ब्लास्टर्स का परफॉर्मेंस इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के 2020-21 सीजन में अच्छा नहीं रहा। उन्हें 20 में से केवल तीन ही मैचों में जीत मिली। एक टीम के तौर पर वो अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब नहीं रहे। केवल कुछ ही प्लेयर्स ने टीम की तरफ से बेहतर खेल दिखाया और जीक्सन सिंह उनमें से एक रहे।

जीक्सन सिंह 2017 के फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में इंडियन टीम का हिस्सा थे। उन्होंने भारतीय टीम की तरफ से फीफा वर्ल्ड कप में पहला गोल कर इतिहास रच दिया था। मिनर्वा पंजाब और इंडियन एरोज की तरफ से खेलने के बाद 2018-19 सीजन के लिए केरला ब्लास्टर्स ने उन्हें साइन किया।

उसी साल उन्होंने अपना आईएसएल डेब्यू भी किया था। वो इस वक्त टीम के सबसे अहम प्लेयर्स में से एक हैं। उनकी उम्र भले ही अभी 19 साल है लेकिन वो टीम के प्रमुख खिलाड़ी बन चुके हैं। खेल नाओ के साथ खास बातचीत में उन्होंने कई टॉपिक को लेकर अपनी राय दी।

जीक्सन सिंह के जेहन में अभी भी अंडर-17 वर्ल्ड कप की यादें ताजा हैं। वो फीफा वर्ल्ड कप के किसी भी इवेंट में इंडियन टीम की तरफ से एकमात्र गोल करने वाले प्लेयर हैं। हालांकि वो टीम के खराब परफॉर्मेंस से निराश हैं और उनका कहना है कि टीम और बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।

उन्होंने कहा, “जिन तीन टीमों के खिलाफ हमने खेला उनके खिलाफ कड़ा मुकाबला किया लेकिन सच्चाई ये है कि हम और कड़ी मेहनत कर सकते थे। इवेंट के बाद हमारे अंदर और खेलने की इच्छा थी। हम सीनियर वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट में खेलना चाहते थे। हमारे सपने बड़े थे और शायद यही वजह है कि उसके बाद से ज्यादातर प्लेयर्स ने बेहतरीन खेल दिखाया है।”

20 अक्टूबर 2019 को जीक्सन सिंह ने अपना आईएसएल डेब्यू किया था। उन्होंने एटीके के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेला था और 81 मिनट के खेल में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उनकी टीम को उस मुकाबले में 2-1 से जीत मिली थी।

अपने डेब्यू मुकाबले को लेकर भी खिलाड़ी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं पहले कुछ आईएसएल मुकाबलो में थोड़ा नर्वस था। मैं यही सोच रहा था कि अगर मेरा परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा तो फिर फैंस क्या कहेंगे। मैं काफी ज्यादा इस बारे में सोचने लगा था। लेकिन जैसे ही मैंने खेलना शुरू किया वैसे – वैसे मानसिक दबाव कम होता गया। उसके बाद चीजें और ज्यादा सही हो गईं। हालांकि टीम का परफॉर्मेंस उतना अच्छा नहीं रहा। केरला ब्लास्टर्स ने काफी खराब प्रदर्शन किया।”

“दोनों ही सीजन (2019-20 और 2020-21) में हमें उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट नहीं मिला। क्लब के साथ मेरे पहले सीजन में टीम को काफी सारे प्लेयर्स की इंजरी से जूझना पड़ा था। दोनों ही साल परफॉर्मेंस के तौर पर काफी अच्छे रहे। हमारे ज्यादातर मुकाबले ड्रॉ रहे। हमें मैच जीतने पर ध्यान देना चाहिए था और आगे हमारा यही लक्ष्य रहेगा।”

जीक्सन को आईएसएल में अपना पहला गोल करने के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ा था। हालांकि उनका ये गोल काफी बेहतरीन समय पर आया था। 20 दिसंबर 2020 को एससी ईस्ट बंगाल के खिलाफ उन्होंने गोल करके केरला ब्लास्टर्स को हार से बचाया था।

उन्होंने अपने पहले आईएसएल गोल को लेकर भी प्रतिक्रिया दी, “शानदार गोल था। मैं सही समय पर सही जगह पर था। मुझे सेकेंड हाफ में परफॉर्म करने का मौका मिला था और मैं खुश हूं कि खुद को मिले मौके का फायदा उठाने में कामयाब रहा। हमने जीत नहीं हासिल लेकिन जीत जरूरी है भले ही आप गोल करें या ना करें। हालांकि उस मुकाबले में टीम को प्वॉइंट दिलाकर मैं खुश था।”

एक मिडफील्डर होने के बावजूद अपनी वर्सैलिटी की वजह से जीक्सन सिंह औरों से काफी अलग प्लेयर रहे। उन्होंने आईएसएल में सेंट्रल मिडफील्डर, डिफेंसिव मिडफील्डर और सैंटर बैक के तौर पर खेला। हालांकि वो इन पोजिशंस में ज्यादा अंतर नहीं देखते हैं और उनका कहना है कि कोच के डिमांड की हिसाब से वो खेलते रहेंगे।

उन्होंने कहा, “मुझे दोनों पोजिशंस पसंद हैं। डिफेंसिव मिडफील्डर और सेंटर बैक में ज्यादा अंतर नहीं है। बस यही अंतर है कि सेंट्रल मिडफील्डर के तौर गोलकीपर मेरे पीछे होता है, जबकि डिफेंसिव के तौर पर मेरे पास चार और डिफेंडर होते हैं। कोच जहां चाहेंगे मैं वहीं खेलूंगा।”