क्लब उम्मीद करेगा कि ये खिलाड़ी आगामी सीजन में उसके लिए बेहतरीन प्रदर्शन करें।

​पिछले सीजन इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में टॉप पर रहने के बाद एफसी गोवा ने अपनी पूरी टीम का हूलिया ही बदल दिया। उन्होंने नए कोच की नियुक्ति की और ट्रांसफर विंडो के दौरान छह नए विदेशी प्लेयर्स और कई सारे डोमेस्टिक प्लेयर्स को अपनी टीम में शामिल किया। गोवा के पिछले तीन सीजन के प्रदर्शन को देखते हुए नए प्लेयर्स के ऊपर उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

ये खिलाड़ी कुछ ऐसे प्लेयर्स को रिप्लेस करने वाले हैं जिन्होंने इंडियन फुटबॉल में अपनी एक अलग पहचान बनाई है और इस सीजन इनकी तुलना जरुर होगी। युआन फेरांडो की टीम इस सीजन जरुर ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगी। हालांकि, इसके लिए उनके कुछ खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। हम आपको इस आर्टिकल में एफसी गोवा के उन पांच खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिनकी भूमिका 2020-21 सीजन काफी अहम रहने वाली है:

5. अल्बर्टो नोगुएरा

पिछले आईएसएल सीजन में हूगो बोउमोस ने एफसी गोवा के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उनके जाने से टीम में एक बड़ा गैप हो गया है और इसको भरने की कोशिश स्पेनिश मिडफील्डर अल्बर्टो नोगुएरा के साथ की जाएगी। 31 साल का ये खिलाड़ी इससे पहले रायो वैलेकानो, एटलेटिको मैड्रिड और ब्लैकपूल के लिए खेल चुका है। नोगुएरा को एक टेक्निकल प्लेयर माना जाता है जो अपने जबरदस्त पासिंग स्किल से डिफेंस को तोड़ने में सक्षम हैं।

उनका खेल गोवा की स्टाइल से काफी मैच करता है और वो इस सीजन एक जबरदस्त भूमिका निभा सकते हैं। फॉरवर्ड में इस सीजन वो टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हो सकते हैं। अल्बर्टो का टीम के साथ कॉन्ट्रैक्ट दो साल का है और इससे पता चलता है कि क्लब उनके ऊपर काफी भरोसा कर रही है। उनके बारे में अभी तक ज्यादा किसी को पता नहीं है, ऐसे में टीमों को उनके बारे में काफी रिसर्च करना होगा और इसका फायदा खिलाड़ी उठा सकता है। वो सीजन की शुरुआत में बेहतरीन प्रदर्शन करके पूरे टूर्नामेंट के लिए मोमेंटम सेट कर सकते हैं।

4. सेवियर गामा

मंदार राव देसाई 2014 से ही एफसी गोवा के लेफ्ट बैक के तौर पर खेल रहे थे और उन्होंने इस स्लॉट को अपना बना लिया था। इस सीजन वो टीम का हिस्सा नहीं हैं लेकिन क्लब ने उनकी जगह किसी दूसरे प्लेयर को शामिल नहीं किया क्योंकि सेवियर गामा उनके पास पहले से ही मौजूद थे। पिछले कुछ साल से गामा देसाई के अंडर में खेल रहे थे। हालांकि, इस सीजन उन्हें ज्यादा बड़ी भूमिका निभानी होगी।

गामा इस सीजन लगभग हर मुकाबले में टीम का हिस्सा होने वाले हैं और ऐसे में उनके पास अपना टैलेंट दिखाने का पूरा मौका है। आईएसएल 2019 में उन्होंने 11 मैच खेले थे लेकिन मैदान में केवल 186 मिनट ही रह पाए थे। 11 में से 10 मुकाबलों में वो सब्सीट्यूट के तौर पर आए थे। मंदार राव देसाई ना केवल बेहतरीन लेफ्ट बैक प्लेयर थे बल्कि टीम के कप्तान भी थे। हालांकि, अभी ये कहना कि गामा लीडरशिप की जिम्मेदारी ले सकते हैं थोड़ी जल्दबाजी होगी।

3. ईदू बेदिया

ईदू बेदिया 2017 से 2019 तक सर्जियो लोबेरा के सेटअप का अहम हिस्सा थे। हालांकि, ज्यादातर वो बेंच पर ही रहते थे और 13 मुकाबलों में उन्होंने 9 बार सब्सीट्यूट के तौर पर खेला था। अहमद जोहू के जाने के बाद बेदिया डिफेंसिव मिडफील्ड में खेल सकते हैं। अपने बेहतरीन पासिंग स्किल की वजह से वो पेस को काफी अच्छा कंट्रोल कर लेते हैं।

वह लॉन्ग पास खेल सकते हैं और इससे विरोधी टीमों का डिफेंस ध्वस्त हो सकता है। एफसी गोवा के खेलने के स्टाइल को नया डाइमेंशन भी मिल सकता है। बेदिया टीम के डिफेंस को अटैक से जोड़ने का काम बखूबी कर सकते हैं। 51 आईएसएल मुकाबलों में उनके नाम 9 गोल हैं।

2. ब्रैंडन फर्नांडीज

आईएसएल में किसी भी क्लब की सफलता के लिए भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन करना जरुरी हो जाता है। एफसी गोवा के पास कुछ बेहतरीन भारतीय खिलाड़ी हैं और ब्रैंडन फर्नांडीज उनमें से एक हैं। फर्नांडीज के पास स्किल्स की कमी नहीं है।

उन्होंने 2019-20 के आईएसएल सीजन में 17 मुकाबलों में दो गोल और 7 असिस्ट दिए थे। इसके अलावा, उन्होंने 79 टैकल और 24 ब्लॉक भी किए। चर्चिल ब्रदर्स के इस पूर्व खिलाड़ी को एफसी गोवा ने इस सीजन रिटेन किया है और अब फर्नांडीज के ऊपर ये जिम्मेदारी है कि वो क्लब द्वारा दिखाए गए भरोसे पर खड़ा उतरें।

1. इगोर एंगुलो

57 मैचों में 48 गोल और 16 असिस्ट, ये आंकड़े हैं फेरान कोरोमिनास के जो एफसी गोवा के साथ तीन साल रहे। गौर्स ने उनको फॉरवर्ड इगोर एंगुलो के साथ इस सीजन रिप्लेस किया है। इगोर ने 2016 से ही पॉलिश फुटबॉल में काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने इस लीग में 138 मैचों में कुल 80 गोल किए।

वह 36 साल का होने के बावजूद एक बेहतरीन रिकॉर्ड के साथ इंडिया आए। एंगुलो अब एफसी गोवा के फैंस को ये दिखाना चाहेंगे कि वो फेरान कोरोमिनास से ज्यादा बेहतर खेल सकते हैं। गौर्स ने कई बार ये कहा है कि एक अलग कोचिंग स्टाफ होने की वजह से इस बार उनके खेलने का स्टाइल काफी अलग होगा। निश्चित तौर पर जब गोवा की टीम इस सीजन अपने पहले मुकाबले में बेंगलुरु एफसी के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो सबकी निगाहें इगोर के ऊपर होंगी।