इस सीजन लीग में हाइलैंडर्स का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है।

खालिद जमील इंडियन फुटबॉल में कोई नया नाम नहीं है। उनके मार्गदर्शन में आइजोल एफसी ने 2016-17 सीजन में आई-लीग का खिताब जीता था और फिलहाल, वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के क्लब नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के इंटरिम हेड कोच हैं।

उनका मानना है कि आईएसएल से इंडियन फुटबॉल को बहुत फायदा हुआ है और लीग में खेलने से इंडियन प्लेयर्स का लेवल भी ऊपर गया है। जमील को रॉबर्ट जार्नी के सैक होने के बाद क्लब का इं​टरिम हेड कोच बनाया गया था।

नॉर्थईस्ट के लिए मौजूदा सीजन बेहद खराब रहा है। पिछले सीजन टीम चौथे पायदान पर थी, लेकिन इस सीजन प्लेऑफ के आसपास भी नहीं पहुंच पाई। टीम अबतक इस सीजन लीग में 17 मैचों में केवल दो जीत ही दर्ज कर पाई है। प्वॉइंट्स टेबल में टीम नौवें स्थान पर काबिज है और उसका सीजन का ​आखिरी मुकबला शानदार फॉर्म में चल रही चेन्नइयन एफसी के खिलाफ होगा।

जमील ने मैच से पहले कहा, “इस सीजन का यह आखिरी मैच है, हमारा आखिरी होम गेम और सभी इसमें अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे। टीम में इंजरी है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों का सस्पेंड होना हमारे लिए बड़ी समस्या है। यंग प्लेयर्स को जितना मौका मिला उतने अच्छा, खेलने का अनुभव लेना मुश्किल है।”

जमील ने कहा, “चेन्नइयन के लिए सीजन की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन उनके पास इंडियन और फॉरन प्लेयर्स की अच्छी टीम है। हां, इंडियन फुटबॉल प्लेयर्स का लेवल ऊपर गया है। कई सारे टैलेंटेड प्लेयर्स आए हैं और उनका स्तर भी बेहतर हुआ है।”

उन्होंने माना कि टीम में कुछ परेशानियां है, लेकिन सीजन का आखिरी मैच होने के कारण सभी खिला​ड़ी अपना 100 परसेंट देने का प्रयास करेंगे।

जमील ने कहा, “मौजूदा स्थिति के अंदर प्लेयर्स को मोटिवेट करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन यह सीजन का आखिरी गेम है। हमने सीजन का अच्छा समापन करना चाहते हैं, अ​च्छा खेलना चाहते हैं और फिर हमे अच्छे कॉनट्रेक्ट मिलेंगे। इससे पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा।”

दोनों टीमों के बीच अबतक आईएसएल में 11 मुकाबले हुए हैं जिसमें से नॉर्थईस्ट ने छह मैच जीते हैं और तीन चेन्नइयन के नाम रहे हैं। बाकी के मैच ड्रॉ रहे।