हेड कोच सर्जियो लोबेरा अपनी पूर्व टीम के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन में बुधवार को फातोर्दा के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जब मेजबान एफसी गोवा का सामना मुम्बई सिटी एफसी से होगा, तो एक चीज की गांरटी है कि दोनों टीमों के बीच काफी पासेस देखने को मिलेंगे।

मुम्बई सिटी के कोच लोबेरा को लंबे समय से अपने खिलाड़ियों से पिच के चारों ओर स्प्रे पासेस दिलवाने के लिए जाना जाता है। जब वह गोवा के कोच थे तो टीम ने प्रति मैच करीब औसतन 535 पासेस दिए थे। नॉर्थईस्ट युनाइटेड के खिलाफ मिली 0-1 की हार वाले मैच में अपने 10 खिलाड़ियों से खेलने के बावजूद मुम्बई ने 60 फीसदी बॉल पोजेशन के साथ अपने प्रतिद्वंद्वी के 217 के मुकाबले 451 पासेस किए थे। किसी भी टीम ने अब तक लीग में इतने पासेस नहीं किए हैं।

एक टीम है, जोकि मुम्बई के करीब है और वह है जुआन फेरांडो की एफसी गोवा। बेंगलुरु एफसी के खिलाफ खेले गए 2-2 के ड्रॉ वाले मैच में गोवा ने 448 पासेस किए थे, जोकि अपने प्रतिद्वंद्वी से दोगुना पास है। हारने के बावजूद, जिस तरह से टीम खेल रही है, उससे लोबेरा काफी खुश हैं और उनका मानना है कि जल्द ही गोल होने वाले हैं।

लोबेरा ने कहा, “हम उस टीम के साथ, जिसने अब तक सबसे ज्यादा पास किए हैं। आप केवल टारगेट पर लिए गए शॉट्स पर विचार नहीं कर सकते। फारुख चौधरी और सार्थक गोलूई गोल करने के करीब थे। हमने कुछ चीजें बहुत अच्छे से कीं है। हम 10 खिलाड़ियों के साथ खेले और इसके बावजूद खेल में हावी थे। लेकिन फिर भी हमें सुधार करने की जरूरत है।”

मुम्बई सिटी को इस मैच में अहमद जोहू की सेवाएं नहीं मिल पाएगी, जिन्हें पिछले मैच में रेड कार्ड दिखाया गया था। लोबेरा ने कहा, “एक कोच के रूप में मेरे पास अच्छे खिलाड़ी है और मैं किसी एक खिलाड़ी के न होने से घबराता नहीं हूं।”

एफसी गोवा ने पिछले मैच में बेंगलुरू के खिलाफ दो गोलों से पिछड़ने के बाद इगोर एंगुलो द्वारा तीन मिनट के अंदर किए गए दो गोलों के दम पर खुद को हार से बचा लिया था। कोच फेरांडो का मानना है कि इस बात के बारे में सोचना कि प्रतिद्वंद्वी क्या कर सकते हैं, समय की बर्बादी है।

फेरांडो ने कहा, “मेरा ध्यान अपनी टीम पर है और मैं विपक्षी टीम के बारे में नहीं सोच रहा हूं। सकारात्मक, प्रतिस्पर्धात्मक और तीन अंक लेना रहना सबसे महत्वपूर्ण बात है। चाहे मुम्बई सिटी हो या कोई और टीम, हमारी मानिसकता तीन अंक लेना है।”