दोनों टीमों के बीच दमदार मुकाबला देखने को मिला।

स्टीफन ईजे ने 85वें मिनट में एक बेहतरीन गोल करते हुए जमशेदपुर एफसी को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन में दूसरी हार से बचा लिया। 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुए इस मैच में हैदराबाद एफसी ने कप्तान एरिडाने सेंटाना द्वारा 50वें मिनट में किए गए गोल की मदद से टेबल टॉपर बनने की पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन ईजे ने उनके इस इरादे पर पानी फेर दिया।

दोनों टीमों का आईएसएल में इस सीजन यह तीसरा मैच था। हैदराबाद हालांकि अब भी अजेय है। उसे एक मैच में जीत मिली है जबकि दो मैच ड्रॉ रहे हैं। उसके खाते पांच अंक हैं और वह 11 टीमों की अंक तालिका में चौथे स्थान पर है। दूसरी ओर, सीजन का दूसरा ड्रॉ खेलने के बाद जमशेदपुर एफसी दो अंकों के साथ आठवें स्थान पर है।

हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थीं। दूसरे हाफ की शुरुआत हैदराबाद ने गोल के साथ की। उसके लिए मैच का पहला गोल कप्तान सेंटाना ने 50वें मिनट में किया। हैदराबाद को पहले हाफ में लगातार प्रयास करने का फल आखिरकार मिल ही गया।

इस गोल में हालीचरण नारजारे की भी भूमिका रही। लेफ्ट फ्लैंट से नारजारे ने ही हमले की शुरुआत की थी। वह गेंद लेकर बाक्स में घुसे और एक अच्छा शाट लिया लेकिन जमशेदपुर के गोलकीपर पवन कुमार सावधान थे। पवन हालांकि हाफ स्टाप ही कर सके। लूज गेंद वहीं अनमाकर्ड खड़े सांटाना के पास गई, जिन्होंने गोल करने में कोई गलती नहीं की।

63वें मिनट में जमशेदपुर के अनिकेत जाधव को पीला कार्ड मिला। इसकी परवाह किए बगैर अनिकेत ने 64वें मिनट में एक अच्छा हमला किया लेकिन हितेष शर्मा ने उसे ब्लॉक कर दिया। 67वें मिनट में हैदराबाद ने पहला बदलाव करते हुए आशीष राय को बाहर कर निखिल पुजारी को अंदर लिया।

निखिल ने आते ही जाधव का एक अच्छा प्रयास नाकाम किया। मुकाबले के 71वें मिनट में रेफरी ने जमशेदपुर के एक गोल को नकार दिया। यह गोल वैनमालसावमा ने फ्रीकिक पर किया था। गोलकीपर लक्ष्मीकांत ने अपने लाइन से परे जाकर गेंद को ​बॉक्स के बाहर पंच किया था लेकिन इसके बावजूद इसे गोल नहीं माना गया। इस फैसले को लेकर जमशेदपुर के खिलाड़ियों के चेहरों पर नाराजगी साफ देखी जा सकती थी।

एसा लग रहा था कि बदकिस्मती से जमशेदपुर के हाथों से यह मैच निकल जाएगा और उसे इस आईएसएल सीजन की दूसरी हार झेलनी पड़ेगी लेकिन तभी स्टीफन ईजे ने 85वें मिनट में गोल करते हुए समीकरण बदल दिया। इस गोल में सब्सीट्यूट विलियम लालनुनफेला का एसिस्ट था।