कोलकाता स्थित क्लब पहली बार इंडियन सुपर लीग में खेलेगी।

पूर्व आई-लीग क्लब ईस्ट बंगाल अब आईएसएल में अपने डेब्यू सीजन के लिए पूरी तरह से तैयार है। खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम ने पूरा कोचिंग स्टाफ भी तय कर लिया है। लिवरपूल एफसी के दिग्गज और पूर्व खिलाड़ी रॉबी फाउलर को हेड कोच नियुक्त किया गया है।

वह इससे पहले ऑस्ट्रेलियन क्लब ब्रिसबेन रोर के भी हेड कोच रह चुके हैं। आईएसएल में पहली बार खेलने वाली ईस्ट बंगाल की टीम ने रॉबी के साथ दो साल का करार किया है, साथ ही उनके पास इस करार को आगे बढ़ाने का विकल्प भी है। देश का सबसे पुराना क्लब मोहन बागान, एटीके के साथ जुड़ने के बाद आईएसएल का हिस्सा बन गया था और सितंबर में श्री सीमेंट्स के साथ करार के बाद ईस्ट बंगाल भी अब आईएसएल में शामिल हो गया है।

आइए जानते हैं किन दिग्गजों को ईस्ट बंगाल को आईएसएल चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

हेड कोच – रॉबी फाउलर

फाउलर इंग्लिश प्रीमियर लीग के शानदार गोल स्कोरर में शामिल रहे हैं। लिवरपूल के इस पूर्व दिग्गज ने 163 गोल किए हैं और ऑल टाइम गोल स्कोरर की लिस्ट में सातवें स्थान पर काबिज हैं। वहीं उनके कोचिंग करियर की बात करें तो वह थाईलैंड के मुअंथोंग यूनाईटेड के लिए खिलाड़ी और कोच की भूमिका निभा चुके हैं। इसके बाद से वह लिवरपूल की अकेडमीज में एंबेसडर और मेंनटॉर रहे हैं।

साल 2019 में उन्हें ए-लीग के क्लब ब्रिसबेन रोर का हेड कोच बनाया गया था। उनके कोच रहते 10वें स्थान पर रहने वाली यह टीम चौथे स्थान पर पहुंच गई थी जो फाउलर की कबिलियत को साबित करती है।

असिस्टेंट कोच – एनथनी ग्रांट

इंग्लैंड के पूर्व फुटबॉलर एनथनी ग्रांट अपने देश में मैनचेस्टर सिटी, एवर्टन और बर्नली जैसे कई बड़े क्लबों के लिए खेल चुके हैं। खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद उन्होंने कोचिंग का रास्ता चुना। कोच के तौर पर उनकी पहली टीम थी ब्लैकपूल जहां उन्होंने टेरेंट मैकफिलिप के हेड कोच रहते असिस्टेंट के तौर पर काम किया था।

इंडियन असिस्टेंट कोच – रेनेडी सिंह

इंडियन टीम के लिए काफी फुटबॉल खेल चुके हैं रेनेडी सिंह।

ईस्ट बंगाल के पूर्व कप्तान रेनेडी सिंह भारतीय फुटबॉल में एक जाना-माना नाम है। रेनेडी ने ईस्ट बंगाल के लिए कई सीजन खेले हैं और वह क्लब को उसके फैंस को भी अच्छी तरह समझते हैं। कोचिंग अनुभव की बात करें तो आईएसएल में रेनेडी एफसी पुणे सिटी में डेविड प्लाट के हेड कोच रहते असिस्टेंट कोच के तौर पर काम कर चुके हैं। वहीं वह नेरोका एफसी के हेड कोच और क्लासिक फुटबॉल अकेडमी के टेक्निल डायरेक्टर का पद भी संभाल चुके हैं।

सेट पीस कोच – टेरेंस मैकफिलिप्स

मैकफिलिप्स का बहुत छोटा करियर रहा है जिसमें वह ज्यादातर समय इंग्लैंड में लोअर लीग के क्लबों में खेले। कोच बनने के बाद वह क्रयू एलेक्जेंडर के मैनेजर बने और वहां लगभग दस साल यूथ कोच के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने अकेडमी स्टाफ के तौर पर ब्लैकबर्न रोवर्स जॉइन किया और इसके बाद गैरी बोअर के हेड कोच बनने के बाद असिस्टेंट केयरटेकर मैनेजर बने।

साल 2016 में जब बोअर ने ब्लैकबर्न छोड़ा और ब्लैकपूल से जुड़े तो मैकफिलिप्स भी उनके साथ गए और क्लब के चीफ स्काउट और असिस्टेंट मैनेजर बने। बोअर के ब्लैकपूल छोड़ने के बाद मैकफिलिप्स को क्लब का केयरटेकर मैनेजर बना दिया गया। दो साल बाद वह इस क्लब के हेड कोच बने। मैकफिलिप्सअब ईस्ट बंगाल में फाउलर और ग्रांट के साथ काम करने को तैयार हैं जिनके साथ वह ब्लैकपूल में भी काम कर चुके हैं।

गोलकीपर कोच – रॉर्बट मिम्स

रॉर्बट मिम्स अपने लंबे अनुभव के साथ इंडियन क्लब से जुड़े हैं। वह एर्वटन, टॉटेनहम हॉटस्पर्स और ब्लैकबर्न रोवर्स जैसे क्लबों के लिए खेल चुके हैं। एलन शिएरर, केविन ग्लैटर और कैनि डाग्लिश के साथ बतौर मैनेजर काम कर चुके मिम्स उस दिग्गज ब्लैकबर्न्स टीम का भी हिस्सा रहे हैं जो लीग में चौथे स्थान पर रही थी।

कोच के तौर पर उनके अनुभव की बात करें को मिम्स ईस्ट बंगाल के कोचिंग स्टाफ में सबसे अनुभवी शख्स हैं। वह वोल्वरहैंप्टन वंडर्ररस, ओलडहैम एथलेटिक्स और वेस्ट हैम यूनाईटेड जैसे क्लबों के गोलकीपर कोच रह चुके हैं। वहीं वह बाहरेन की राष्ट्रीय टीम के अलावा ब्लैकपूल, बोल्टन और हल सिटी के लिए भी खेल चुके हैं। वह भारत में पहले भी काम कर चुके हैं। साल 2017 में उन्होंने स्टीव कोपेल के हेड कोच रहते हुए जमशेदपुर एफसी के साथ गोलकीपर कोच के तौर पर काम किया था।

जमशेदपुर के बाद कोपेल के साथ ही वह आईएसएल क्लब एटीके के साथ जुड़े। हालांकि, जब साल 2019 में सुपर कप से बाहर हो जाने के कारण कोपेल को क्लब से बाहर का रास्ता दिखाया गया तो उन्होंने भी टीम का साथ छोड़ दिया। एटीके के बाद वह बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम से जुड़ें उनके कोच रहते ही बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालिफायर में 1-1 से ड्रॉ खेला था।

फिजियोथेरेपिस्ट – माइकल हार्डिंग

माइकल हार्डिंग टीम के नए फीजियो हैं और यह पिछले एक दशक से न्यूकासल यूनाइटेड के लिए काम कर रहे थे। इनपर टीम को मैच फिट बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।

स्पोर्ट्स साइंटिस्ट – जैक इनमैन

फुटबॉल और अन्य खेलों में लगातार हुए बदलावों के कारण हर मौजूदा समय में टीम को स्पोर्ट्स साइंटिस्ट की जरूरत पड़ती है और आईएसएल में खेलने जा रही ईस्ट बंगाल ने भी इस जरूरत को समझ लिया है। क्लब ने जैक इनमैन को यह जिम्मेदारी दी है। भारत आने से पहले वह ब्यूरी एफसी और मैक्सफील्ड टाउन जैसे क्लबों के लिए काम कर चुके हैं।

एनालिस्ट – जोसेफ वाल्म्स्ले

वाल्म्स्ले पहली बार आईएसएल में किसी क्लब के साथ जुड़े हैं। उनके पास स्पोर्ट्स एंड परफॉर्मेंस में डिग्री है और इंग्लिश क्लब प्रेस्टन नॉर्थ एंड के साथ दो साल तक काम करने का अनुभव है।