अभी तक कई बेहतरीन कोच लीग का हिस्सा रह चुके हैं।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की शुरुआत से ही कई जबरदस्त और टॉप कोच हमें इस टूर्नामेंट में देखने को मिले हैं। इनमें से कुछ कोच काफी सफल रहे हैं तो कई उतने बेहतरीन साबित नहीं हुए। अगर हम आईएसएल के टॉप कोचों की बात करें तो जीको और रॉबर्ट कार्लोस जैसे दिग्गज नाम इस लिस्ट में हैं। वहीं एंटोनियो हबास, अल्बर्ट रोका और सर्जियो लोबेरा जैसे कम मशहूर कोच ने भी यहां आकर काफी नाम कमाया।

आईएसएल अभी अपने शुरुआती चरण में ही है लेकिन जितने कोच यहां पर आए हैं उनकी संख्या काफी ज्यादा है। हालांकि, इनमें से कुछ ही कोच सफल हो पाए और कुछ टैक्टीशियन ऐसे भी रहे जिन्होंने एक से ज्यादा टीमों की भी कोचिंग की। हम आपको उन 5 कोचों के बारे में बताते हैं जिन्होंने लीग में कई टीमों को कोचिंग दी:

5. मिगुएल एंजल पोर्तुगल

पोर्तुगल जब इंडियन सुपर लीग में आए तो उनके पास कोचिंग का काफी अनुभव था। 2017 के आईएसएल सीजन में दिल्ली डायनामोज ने उन्हें अपना हेड कोच नियुक्त किया था। पोर्तुगल ने पोजेशन बेस्ड फुटबॉल पर ज्यादा जोर दिया, लेकिन इससे दिल्ली डायनामोज की टीम को कोई फायदा नहीं हुआ और वो प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकामयाब रहे।

इसके बाद दिल्ली डायनामोज ने उन्हें कोच पद से हटा दिया लेकिन एफसी पुणे सिटी ने मिगुएल को अपनी टीम का कोच नियुक्त कर लिया। हालांकि, यहां पर भी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और महज 3 मैच के बाद ही उन्हें कोचिंग से हटा दिया गया।

4. एल्को शैटोरी

आईएसएल की शुरुआत से पहले ही एल्को शैटोरी कोचिंग की दुनिया में काफी बड़ा नाम थे। वो यूनाईटेड एसी और ईस्ट बंगाल जैसी टीमों की कोचिंग कर चुके थे, इसलिए उन्हें इंडियन फुटबॉल के बारे में काफी बेहतरीन नॉलेज थी। उनके एक्सपीरियंस को देखते हुए नॉर्थईस्ट यूनाईटेड ने उन्हें अपना कोच नियुक्त किया।

एल्को शैटोरी की कोचिंग में नॉर्थ ईस्ट का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा और 2018-19 के सीजन में वो पहली बार प्लेऑफ तक पहुंचे। शैटोरी के इस परफॉर्मेंस को देखकर केरला ब्लास्टर्स ने अगले सीजन के लिए उन्हें अपना कोच नियुक्त किया। हालांकि, केरला ने शैटोरी की कोचिंग में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और टीम 7वें पायदान पर रही। इसके बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया।

3. नेलो विंगाडा

पुर्तगाल के नेलो विंगाडा ने 2016 में कोच के तौर पर नॉर्थ ईस्ट यूनाईटेड क्लब को ज्वॉइन किया था। उनसे इंडियन फैंस को काफी ज्यादा उम्मीदें थीं। विंगाडा पूरी तरह से फैंस की उम्मीदों पर तो खरे नहीं उतर सके लेकिन उनकी कोचिंग में टीम का प्रदर्शन इतना खराब भी नहीं रहा। सिर्फ 2 प्वॉइंट्स की वजह से नॉर्थईस्ट की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई थी।

2019 के आईएसएल सीजन के मध्य में केरला ब्लास्टर्स ने उन्हें अपना कोच नियुक्त किया। अपने एक्सपीरियंस से उन्होंने टीम में एक पॉजिटिविटी लाने की कोशिश की लेकिन उनके नेतृत्व में केरल की टीम 7 में से केवल एक ही मैच जीत सकी।

2. स्टीव कोपेल

स्टीव कोपेल ने भी कोच के तौर पर इंडिया में काफी बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया है। वो आईएसएल के एकमात्र हेड कोच हैं जिन्होंने तीन टीमों की कोचिंग की। 2016 में केरला ब्लास्टर्स ने सबसे पहले उन्हें अपना कोच नियुक्त किया था। ये उनका इस टूर्नामेंट में पहला और सबसे बेस्ट सीजन था। केरला की टीम को भी उन्होंने फाइनल तक पहुंचाया।

इसके बाद स्टीव कोपेल जमशेदपुर एफसी के कोच बने और उनकी कोचिंग में मेन ऑफ स्टील प्वॉइंट्स टेबल में पांचवे पायदान पर रही। ये जमशेदपुर का आईएसएल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। 2018 के सीजन में कोपेल एटीके के कोच बने और ये सीजन उनके लिए काफी उतार-चढाव भरा रहा। एटीके की टीम छठे पायदान पर रही लेकिन सुपर कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही। हालांकि, कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद वो एटीके से अलग हो गए।

1. एंटोनियो लोपेज हबास

एंटोनियो लोपेज हबाज आईएसएल इतिहास के सबसे सफल कोच हैं। उन्होंने लीग के पहले सीजन में एटीको को अपनी कोचिंग में चैंपियन बनाया था। इसके बाद दूसरे सीजन में उनकी कोचिंग में टीम दूसरे पायदान पर रही। हालांकि प्लेऑफ में उन्हें उस सीजन की चैंपियन चेन्नईयन एफसी से हार का सामना करना पड़ा था।

एटीके के साथ दो सफल सीजन के बाद हबास एफसी पुणे सिटी को कोच बने लेकिन इस टीम के साथ उन्हें उतनी सफलता नहीं मिली और टीम प्वॉइंट्स टेबल में छठे पायदान पर रहे। 2019 के सीजन में एक बार फिर उन्होंने कोच के तौर पर एटीके टीम के साथ वापसी की और दोबारा इतिहास रच दिया। हबास की अगुवाई में एटीके ने दूसरी बार लीग का खिताब जीता। इसके साथ ही वो दो आईएसएल टाटइल जीतने वाले पहले कोच बन गए।