18 वर्षीय यह खिलाड़ी रिलायंस फाउंडेशन यंग चैम्प्स एकेडमी से ग्रेजुएट है।

युवा खिलाड़ी मुहम्मद नेमिल ने 29 अक्टूबर 2020 को एफसी गोवा के साथ चार साल का करार किया। वह रिलायंस फाउंडेशन यंग चैम्प्स के पहले बैच से निकले हैं और ये एकमात्र एकेडमी है जिसे एआईएफएफ द्वारा फाइव स्टार सर्टिफिकेट प्राप्त है। आइए हम आपको इस आर्टिकल में मुहम्मद नेमिल के बारे में पांच चीजें बताते हैं:

5. यूरोपियन ड्रीम्स

मुहम्मद नेमिल के सपने काफी बड़े हैं और वो वर्ल्ड फुटबॉल में अपना नाम बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया, “बचपन से ही मुझे बार्सिलोना और मेसी काफी पसंद हैं और मैं यूरोप में हाईएस्ट लेवल पर खेलना चाहता हूं। क्लब इस बात को पूरी तरह से समझता है और मेरा हौंसला भी बढ़ाता हैं।”

रिलायंस फाउंडेशन यंग चैम्प्स ने पिछले साल नेमिल को हाई परफॉर्मेंस एकेडमी में ट्रेन करने के लिए स्पेन भेजा था। इस युवा खिलाड़ी ने एकेडमी में सबको प्रभावित किया और यूडीए ग्रामेनेट के लिए भी चुने गए। इस सीजन वो लोन पर ग्रामेनेट के अंडर-18 सेटअप में खेलेंगे।

4. रोनाल्डो या मेसी

मुहम्मद नेमिल एक ऐसे प्लेयर हैं जो अपने पैरों के शानदार मूवमेंट और डिसीजन मेकिंग स्किल के लिए जाने जाते हैं। जब उनसे रोनाल्डो या मेसी में से एक फेवरेट प्लेयर का नाम बताने को कहा गया तो उन्होंने मेसी का नाम लिया। उन्होंने कहा, “मेसी हमेशा फेवरेट रहेंगे। वो दुनिया के सबसे बेस्ट प्लेयर हैं। दुनिया में कई सारे महान खिलाड़ी हैं। मुझे रोनाल्डो काफी पसंद हैं और उन्होंने अपने करियर में जो कुछ भी हासिल किया है मैं उसकी सराहना करता हूं लेकिन मैं हमेशा मेसी को चुनुंगा।”

3. उभरते हुए बेहतरीन खिलाड़ी

पिछले कुछ सालों में मुहम्मद नेमिल एक जबरदस्त प्लेयर बनकर उभरे हैं। मिडफील्ड में अपने खेल के लिए उन्हें काफी तारीफ मिली है। 2018 में मुंबई डिस्ट्रिक फुटबॉल एसोसिएशन लीग के सुपर डिवीजन में उन्हें बेस्ट मिडफील्डर चुना गया था। उसी साल अंडर-17 सुब्रतो कप में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया। इसके अलावा पिछले साल वेदांता कप में भी उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। नेमिल रिलायंस फाउंडेशन यंग चैम्प्स के लिए हीरो एलीट और जूनियर लीग्स में भी लगातार खेलते आए हैं।

2. क्लब चयन का मुश्किल फैसला

जब 2014 में इंडियन सुपर लीग का आगाज हुआ तो जल्द ही युवा नेमिल इस लीग के फैन बन गए और केरला ब्लास्टर्स उनकी फेवरेट टीम बन गई। उन्हें केरला ब्लास्टर्स समेत कई टीमों की तरफ से ऑफर भी मिले लेकिन उन्होंने एफसी गोवा की टीम में जाने का फैसला किया।

इस बारे में बात करते हुए मुहम्मद नेमिल ने कहा, “ये मेरे लिए काफी मुश्किल फैसला था, क्योंकि मैं केरल का रहने वाला हूं और किसी दूसरे राज्य की टीम में जाने का निर्णय लेना थोड़ा मुश्किल जरुर था। मैंने टीम का चयन करने से पहले ना केवल क्लब के ऑफर बल्कि उनके प्लान के बारे में भी अच्छी तरह से जाना।”

उन्होंने कहा, “एफसी गोवा मुझे अपने घर की तरह लगती है। मुझे उनके विजन पर पूरा भरोसा है। मैंने पिछले सीजन में कुछ हफ्ते क्लब के डेवलपमेंट टीम के साथ बिताए थे और उनकी जो सोच है वो मेरे खेल से काफी मिलती है। स्पेन में भी टाइम बिताने के बाद मुझे क्लब का चयन करने में काफी आसानी हो गई और मेरा मानना है कि मैंने काफी अच्छा फैसला लिया है।”

1. हजारो में एक खिलाड़ी

केरल के कैलीकट के रहने वाले नेमिल को बचपन से ही फुटबॉल काफी पसंद है। वहां की गलियों में खेलते हुए महज सात साल की उम्र में ही उन्होंने मरियन मालाबार को ज्वॉइन किया। इसी क्लब के लिए उनके बड़े भाई भी खेलते थे। क्लब में छह महीने बिताने के बाद उन्होंने वहां के स्थानीय टूर्नामेंट्स में खेलना शुरु कर दिया।

मुहम्मद नेमिल ने कहा, “मैं ये कहूंगा कि मेरी शुरुआत काफी बेहतरीन तरीके से हुई थी। गली में फुटबॉल खेलने से लेकर लोकल टूर्नामेंट में खेलना जहां हम पैसों के लिए खेला करते थे। हमें लगभग हर दिन मैच खेलने होते थे। ये 3v3, 5v5 or 7v7 होता था और मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। मैं केवल खेलना चाहता था। मैंने कई सारे टूर्नामेंट्स जीते और कई में हार का भी सामना करना पड़ा।”

इसके बाद उन्होंने 11 साल की उम्र में वीपी सत्यथन सॉकर स्कूल में दाखिला लिया। इसी दौरान उनका रिलायंस फुटबॉल यंग चैम्प्स के लिए ट्रायल भी हुआ। इस बारे में युवा खिलाड़ी ने कहा, “मुझे अभी भी वो दिन याद है जब हमें ट्रायल्स के लिए बुलाया गया था और वहां पर सैंकड़ों बच्चे थे। कैलीकट में दो ट्रायल हुए थे और एक ट्रायल त्रिशूर में हुआ था। केवल 3-4 खिलाड़ी ही फाइनल कट में जगह बना पाए थे और फाइनल राउंड के लिए हमें मुंबई भेजा गया था। वहां पर पूरे देश से खिलाड़ी आए थे और 200 से ज्यादा बच्चे थे।”

ट्रायल खत्म होने के बाद 24 बच्चे रिलायंस यंग फाउंडेशन के फर्स्ट बैच के लिए चुने गए थे, जिसमें से नेमिल भी एक थे।