19 वर्षीय सेंटर-बैक हैदराबाद एफसी की ओर से खेलने के लिए तैयार है।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के आगामी सीजन के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं। इस बार न सिर्फ कई स्टार विदेशी खिलाड़ी लीग का हिस्सा होंगे बल्कि कई युवा चेहरे भी इस लीग में अपना कमाल दिखाते नजर आएंगे। इन नए खिलाड़ियों को लेकर फैंस में काफी उत्सुकता हैं और इन्हीं खिलाड़ियों में शामिल हैं निखिल प्रभु।

हैदराबाद एफसी के उभरते हुए सितारे ने अबतक अपने खेल से कई दिग्गजों को अपना मुरीद बना लिया है। खेल नाओ के साथ खास बातचीत के दौरान आईएसएल में खेलने जा रहे निखिल ने बताया कि किस तरह उनके फुटबॉल के सफर की शुरुआत हुई और उनके क्या सपने हैं।

पिछले साल शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें रिजर्व के तौर पर टीम में शामिल किया गया था। निखिल के फुटबॉल के सफर की शुरुआत नौ साल की उम्र में सूरत में हुई थी और मुंबई आने से पहले उन्होंने जूनियर लेवल पर फुटबॉल खेला था। स्कूल के समय में वह क्रिकेट और फुटबॉल दोनों खेला करते थे। उन्होंने बताया, “एक दिन मेरे पापा ने मुझे दोनों में से एक को चुनने को कहा, मैंने तब फुटबॉल को चुना और वहीं से सब शुरू हुआ।”

उन्हें साल 2017 में हुए फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिए कैंप में चुना गया था लेकिन वह फाइनल टीम में जगह नहीं बना पाए थे। उन्होंने कहा, “कैंप के बाद मैं अपने खेल में सुधार पर ध्यान देने लगा। मुझे फाइनल राउंड में रिजेक्ट किया गया था लेकिन मैंने इसे पॉजीटिव तौर लिया और आगे बढ़ा।”

एफसी पुणे सिटी की अंडर-18 साइड में खेलने के बाद वह साल 2019 में हैदराबाद चले गए जहां वह सेकंड डिविजन लीग में खेल रही रिजर्व टीम के कप्तान थे। हैदराबाद एफसी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “हैदराबाद एफसी के लिए रिजर्व में खेलते हुए मुझे कोच अंशुल काटियार से काफी कुछ सीखने को मिला। इसके बाद मैं सीनियर टीम के साथ ट्रेन करने लगा जिससे मुझे ग्रो करने में मदद मिली और आखिरकार कॉन्ट्रैक्ट भी मिला।”

हैदराबाद एफसी में निखिल अब थांगबोई सिंगटो के साथ काम करेंगे जो टीम के सहायक कोच हैं और टेक्निल डायरेक्टर (यूथ) भी हैं। निखिल ने कहा, ‘”युवा खिलाड़ी के तौर पर हमें उनके जैसे कोच की जरूरत हैं जो टॉप लेवल पर गाइड कर सकें। वह हमें बताते हैं कि किस तरह उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को ट्रेन किया जो आगे जाकर काफी कामयाब हुए और आईएसएल में भी खेल रहे हैं। वह हमें भी वही सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं।”

“एक युवा खिलाड़ी के तौर पर मैं हैदराबाद एफसी के साथ खेलने के लिए उत्साहित हूं। मैं आगे चलकर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनकर देश के सबसे कामयाब सेंटर-बैक खिलाड़ियों में शामिल होना चाहता हूं।”

निखिल इंडियन डिफेंसर संदेश झिंगन और सर्जियो रैमोस को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा, “झिंगन और सार्जियो रैमोस पिच पर काफी अग्रेसिव रहते हैं पर साथ ही शांत भी होते हैं। मैं उन्हें (झिंगन) राष्ट्रीय टीम और नेशनल टीम के लिए खेलते हुए देखता हूं। उनमें और मुझमें काफी कुछ एक जैसा है, हमारी हाइट एवं बॉडी बराबर है और एक दिन मैं उनके जैसा ही बनकर उनके साथ खेलना चाहता हूं।”

अपने अबतक के करियर में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले निखिल का आईएसएल में सफर भी काफी दिलचस्प रहने वाला है।