22 साल के खिला​ड़ी ने इंडियन फुटबॉल में अबतक के अपने सफर पर बात की।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में हर साल कुछ यंग प्लेयर स्टार बनकर सामने आते हैं। बड़े नामों की चमक के बीच वह अपने प्रदर्शन से फैंस से लेकर क्लब मालिकों को अपना मुरीद बना लेते हैं और डिफेंडर सार्थक गोलुई भी ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं।

उन्होंने बीते कुछ साल में अपने खेल से साबित किया है कि वह भारतीय फुटबॉल में लंबे समय तक टिक सकते हैं। बंगाल में अपने पिता के साथ घर के सामने बने फुटबॉल ग्राउंड से सार्थक गोलुई का सफर शुरू हुआ और आज वह मुंबई सिटी एफसी के बैकलाइन का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

सार्थक गोलुई के करियर में शुरुआत से लेकर अब तक उनके पिता का अहम रोल रहा है। बचपन में वह पास के ग्राउंड में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने जाया करते थे जहां उन्हें इस खेल से प्यार हो गया, इसके बाद उनके पिता ने घर के सामने ही फुटबॉल फील्ड तैयारी की और उनके साथ बाकी बच्चों के लिए कैंप की शुरूआत की। पहले वह एक स्ट्राइकर के तौर पर खेलते थे, लेकिन अपने पिता की तरह समय के साथ डिफेंडर बन गए। उनका कहना है कि उनके पिता ने हमेशा उनका साथ दिया और आज भी हर मैच के बाद वह उनसे अपने परफॉर्मेंस के बारे में बात करते हैं।

सार्थक गोलुई ने फुटबॉल में अबतक के अपने सफर के बारे में खेल नाओ से बात करते हुए कहा, “वह मेरा हर मैच का विश्लेषण करते हैं, मुझे मेरी गलती बताते हैं और उसे सुधारने में मदद करते हैं। कई बार मुझे याद नहीं होता लेकिन उन्हें सब याद होता है कि मैंने किस मिनट में क्या गलती की थी जिसके लिए मुझे डांट भी पड़ती है।”

मुंबई सिटी एफसी और पुणे सिटी एफसी के लिए खेलने वाले इस खिलाड़ी का सफर साल 2016 में आईलीग के क्लब मोहन बगान के साथ हुआ था। हालांकि, बड़े नामों के बीच उन्हें वहां कभी अपना जौहर दिखाने का मौका नहीं मिला और केवल दो मैच के बाद ही उन्हें लोन पर पुणे सिटी एफसी के साथ जुड़ना पड़ा। नए क्लब में उन्हें काफी मौके दिए गए और उन्होंने खुद को साबित भी किया।

साल 2017-18 के एडीशन में सार्थक गोलुई ने अपने शानदार डिफेंस के साथ-साथ कमाल के अटैकिंग खेल का प्रदर्शन किया और एक गोल के साथ तीन असिस्ट भी दिए। इसके बाद वह मुंबई सीटी से जुड़ गए और यहां भी अपने शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

मुंबई सिटी एफसी से जुड़ने की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा, “पुणे सिटी के साथ मेरा कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो रहा था. मुझे नही पता था क्या होगा न ही क्लब के मालिक इस बारे में तय कर पा रहे थे। तब मुझे मुंबई सिटी एफसी की ओर से ऑफर आया और उन्होंने मुझमें भरोसा दिखाया कि उनकी टीम को मेरी जरूरत है।”  

सार्थक को मुंबई में शामिल होना अपने सपने की ओर एक बड़ा कदम लगा और उन्होंने ऑफर मान लिया। मुंबई के साथ पहला सीजन खेलने के साथ ही वह टीम का अहम हिस्सा बन गए लेकिन घुटने की इंजरी के कारण वह पूरा सीजन खेल नहीं पाए। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि वह जल्द ही टीम के साथ आईएसएल का खिताब अपने नाम करेंगे।