इन में कुछ खिलाड़ियों ने अपने नए क्लब के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का यह सीजन एक्शन और ड्रामे से भरपूर रहा है। अब धीरे-धीरे लीग आगे बढ़ रही है  लेकिन अभी भी प्लेऑफ की स्थिति कुछ साफ नहीं हो पाई है न ही खिताब को कोई प्रबल दावेदार नजर आ रहा है। सीजन के पहले हाफ में कई क्लब परेशानियों का सामना कर रहे थे और जनवरी का विंडो टीमों के लिए अपनी कमियां दूर करने का अच्छा मौका है ताकी वह प्लेऑफ में जगह बना सके।

जनवरी के ट्रांसफर विंडो में हमेशा से ही अच्छे ट्रांसफर हुए हैं, कुछ ने उसी समय अपना असर दिखाया तो कुछ लंबी रेस के घोड़े साबित हुए। हम आपको ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं जो जनवरी के ट्रांसफर विंडो के दौरान नए क्लबों में शामिल हुए स्टार साबित हुए:

लिस्टन कोलासो

पिछले साल जनवरी में एफसी गोवा से हैदराबाद एफसी में आने के बाद लिस्टन ने आईएसएल के मौजूदा सीजन में अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। सर्जियो लोबेरा के साथ एफसी गोवा में रहते हुए उन्हें तीन मैचों में केवल नौ मिनट खेलने का समय मिला था इसी कारण उन्होंने हैदराबाद एफसी से जुड़ने का फैसला किया। लिस्टन की प्रतिभा पर किसी को कोई शक नहीं था लेकिन 22 साल के इस खिलाड़ी ने अपने नए क्लब जिस तरह प्रदर्शन किया उसने फैंस को हैरान जरूर किया है। वह अब तक दो गोल कर चुके हैं और तीन असिस्ट दे चुके हैं।

प्रीतम कोटाल

कोटाल दिल्ली डायनामोज के साथ खेलने के बाद जनवरी 2019 में एटीके लौट आए थे। एटीके ने काफी बड़ी कीमत चुका कर बीच सीजन में अनुभवी डिफेंडर को क्लब से जोड़ा था। वह साल 2016 में पहले भी इस क्लब की ओर से खेल चुके हैं, उसी सीजन में टीम ने दूसरी बार खिताब जीता था। बंगाल का रहने वाला यह खिलाड़ी एटीके के फैंस का हमेशा से पसंदीदा खिलाड़ी रहा है। बतौर सेंटर बैक उन्होंने टीम को और मजबूती दी है। वह फिलहाल टीम के कोच एंटोनियो लोपेज होबाज के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से हैं और वह हमेशा से उसपर खरे उतरे हैं।

वेलिंग्टन परिओरी

नॉर्थइस्ट यूनाइटेड की ओर से खेल चुके ब्राजील के डिफेंडर को साल जनवरी 2018 में जमशेदपुर एफसी ने टीम से जोड़ा था और उनके लिए यह सबसे सफल डील साबित हुई थी। 2018 में उन्होंने पटाया यूनाइडेट छोड़ा था। जमशेदपुर की ओर से खेलते हुए वह टीम को प्लेऑफ में नहीं पहुंचा पाए और अंकतालिका में टीम पांचवें स्थान पर ही रही। परिओरी ने मिडफील्ड से जुड़कर टीम के फॉरवर्ड खिलाड़ियों के साथ अच्छा तालमेल बिठाया और वह आज भी अपने ओवरहेड किक गोल के लिए जाने जाते हैं जो उन्होंने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के खिलाफ लगाया था।

ईदू गार्सिया

स्पेन के ईदू ने बेंगलुरु एफसी की ओर से खेलते हुए भारतीय फुटबॉल में अपना नाम बनाया था लेकिन इसके बाद उन्हें चीन के जेजियांग की ओर से अच्छा ऑफर मिला और उन्होंने बेंगलुरु एफसी का साथ छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद साल 2019 में वह आईएसएल में लौटे। एटीके के कोच कोपेल लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों के कारण परेशान थे और गार्सिया उनके लिए बड़ी राहत साबित हुए। वह सीजन एटीके के लिए परेशानियों भरा रहा था और वह लीग टेबल में छठे स्थान पर रहे थे, हालांकि गार्सिया ने अपनी भूमिका निभाते हुए मैनुअल लानजारोट के साथ तालमेल बिठाया और कुछ गोल भी किए थे। वह फिलहाल एटीके मोहन बागान के लिए ही खेल रहे हैं।

मोहम्मद नवाज

साल 2018 में एफसी गोवा ने मोहम्मद नवाज को बतौर डेवलेपमेंट खिलाड़ी टीम में शामिल किया था और फिर वह आईएसएल के सबसे शानदार गोलकीपर साबित हुए। गोवा की ओर से खेलने से पहले उन्होंने भारत का U-17 ब्रिक्स टूर्नामेंट में प्रतिनिधित्तव किया था। वहां उन्होंने ब्राजील, चीन, रूस और साउथ अफ्रीका की टीमों के खिलाफ शानदार खेल दिखाया था। मणिपुर के इस युवा खिलाड़ी को सबसे पहले सर्जियो लोबेरा ने मौका दिया था और इसके बाद वह टीम की पहली पसंद बन गए।