ये खिलाड़ी इंडिया के की टॉप फ्लाइट लीग में कई वर्षों से खेल रहे हैं।

साल 2014 में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की शुरुआत के बाद से ही कई शानदार खिलाड़ी इस लीग से निकले हैं। इनमें से कई खिलाड़ियों की प्रतिभा को देखते हुए, क्लब्स ने इनका भरपूर इस्तेमाल किया और लीग के ज्यादातर मुकाबलों में ये खेलते हुए दिखाई दिए।

कई घरेलू खिलाड़ी सातों सीजन में लगातार खेलते हुए दिखे हैं, भले ही ये अलग-अलग टीमों से मैदान पर उतरे हों। ये खिलाड़ी विदेशी और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ टीम के लिए लगातार मैदान पर दिखे। इस दौरान कई विदेशी खिलाड़ी आए और गए, लेकिन घरेलू खिलाड़ी लगातार इस लीग के केंद्र में बने रहे और मैदान पर खेलते दिखे।

आइए इनमें से टॉप पांच खिलाड़ियों पर नजर डालते हैं, जो आईएसएल के ज्यादातर मुकाबलों में खेलते हुए दिखे।

5. संदेश झिंगन

एटीके मोहन बगान के डिफेंडर संदेश झिंगन लीग की शुरुआत से ही लगातार बेहतरीन प्रदर्शन बरकरार रखने वाले भारतीय खिलाड़ी रहे हैं। आईएसएल में सबसे ज्यादा मुकाबलों में टीम का प्रतिनिधित्व करने के मामले में झिंगन पांचवे नंबर पर हैं। उन्होंने अब 98 मुकाबलों में अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया है।

2014 में इस सेंटर बैक खिलाड़ी ने केरला ब्लास्टर्स से लीग का आगाज किया था। इसके बाद वो बेंगलुरु एफसी के साथ जुड़ गए। 2020-21 सीजन के पहले झिंगन एटीके मोहन बगान के साथ जुड़ गए। अपने इस करियर के दौरान झिंगन अक्सर चोटिल होते रहे, ऐसा नहीं होता तो वो कई और मुकाबलों में खेलते हुए दिखाई दे सकते थे।

4. हरमनजोत खाबरा

बेंगलुरु एफसी का ये सितारा आईएसएल के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक है, जो कि सबसे ज्यादा मुकाबलों के मामले में चौथे नंबर पर है। लीग में हरमनजोत ने 102 मुकाबलों में अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया है। हरमनजोत अब तक दो क्लब्स- चेन्नईयन एफसी और बेंगलुरु एफसी की ओर से मैदान पर उतरे हैं और दोनों के साथ टाइटल जीत चुके हैं।

33 साल का ये खिलाड़ी यूं तो मिडफिल्डर है, लेकिन डिफेंसिव पोजिशन पर भी इन्होंने बखूबी प्रदर्शन किया है। मैदान पर उनका ज्यादातर समय विरोधियों को गोल दागने से रोकने में बीतता है. हरमनजोत ने लीग में अब तक भले ही एक भी गोल नहीं दागा हो, लेकिन 11 बार वो बेहतरीन असिस्ट जरूर कर चुके हैं।

3. लेनी रॉड्रिगेज

लेनी रॉड्रिगेज Lenny Rodrigues and Hugo Boumous post match reaction Vs Mumbai City
गोवा के लिए काफी खेले हैं लेनी रॉड्रिगेज।

भारत के सबसे ज्यादा अनुभवी डिफेंसिव मिडफिल्डर्स में से एक लेनी इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। लीग में ये 34 साल का खिलाड़ी अब तक 106 मुकाबले खेल चुका है। लेनी इस दौरान एफसी पुणे सिटी, बेंगलुरु एफसी, एफसी गोवा और एटीके मोहन बगान के साथ जुड़े रह चुके हैं।

लेनी ने 106 मुकाबलों में चार गोल दागे हैं और दो असिस्ट किए हैं। गोल दागने का ये आकंड़ा कम इसलिए है, क्योंकि उनका टीम में रोल मिडफील्ड की जंग को जीतते हुए डिफेंडर्स को कवर मुहैया कराने का रहता है।

2. नारायण दास

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं ईस्ट बंगाल के नारायण दास। आईएसएल में सबसे ज्यादा बार मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों में से एक दास ने लीग में 107 मुकाबले खेले हैं। ये फुल बैक खिलाड़ी एफसी गोवा, एफसी पुणे सिटी और ओडिशा एफसी और ईस्ट बंगाल जैसी टीमों के साथ जुड़े रह चुके हैं।

ये लेफ्ट बैक खिलाड़ी उन घरेलू खिलाड़ियों में से एक है, जिसने इस प्लेटफॉर्म का भरपूर इस्तेमाल किया है। वो एक अच्छे परफॉर्मर रहे हैं, लेकिन अभी भी उनसे कहीं ज्यादा उम्मीदें हैं। हालांकि लीग में उन्होंने अब तक एक भी गोल नहीं दागा है, लेकिन वो साल गोल असिस्ट जरूर कर चुके हैं।

1. मंदार राव देसाई

मुंबई सिटी एफसी के मंदार राव देसाई आईएसएल के इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी हैं। इसी के साथ वो लीग में 100 मुकाबले खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं। डिफेंडर मंदार राव एफसी गोवा और मुंबई सिटी एफसी के साथ जुड़े रह चुके हैं। 114 मुकाबलों में मंदार ने 6 गोल दागे हैं और 12 असिस्ट दिए हैं।

देसाई मुंबई सिटी के उस स्क्वॉड के अहम खिलाड़ी भी रहे हैं, जिसने 2020-21 के सीजन में इकलौता टाइटल अपने नाम किया था। 29 साल के इस खिलाड़ी ने अपने आप को देश के सबसे बेहतरीन लेफ्ट बैक्स में से एक साबित किया है। हालांकि अभी इनका सफर जारी है और ये कई और मुकाबलों में खेलते हुए दिखेंगे।