अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर झिंगन इंडिया के सबसे पॉपुलर खिलाड़ियों में से एक बन चुके हैं।

पिछले साल इंडियन फुटबॉल टीम की एफसी एशियन कप में शानदार प्रदर्शन के पीछे सेंटर बैक संदेश झिंगन का बड़ा रोल रहा था। पिछले साल इंडियन टीम ने 35 सालों में दूसरी बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। उन्होंने इंडियन टीम के सुपरस्टार सुनील छेत्री के मौजूद नहीं रहने पर टीम की कैप्टेंसी भी की है।

फील्ड से बाहर संदेश झिंगन बिल्कुल अलग इंसान हैं और वह एक कवि और शॉर्ट स्टोरी राइटर भी हैं। पिछले साल सितंबर में गंभीर घुटने की चोट के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से खेल से दूर होना पड़ा था, लेकिन अन्य सभी फुटबॉलर्स की तरह उन्होंने भी लॉकडाउन में अपने समय का पूरी तरह से इस्तेमाल किया है।

26 वर्षीय डिफेंडर ने भारत के फीफा वर्ल्डकप 2022 के बचे हुए क्वॉलीफायर मैचों के लिए टीम में वापसी के लिए काफी कड़ी मेहनत की थी, लेकिन फिलहाल वे गेम अनिश्चित समय के लिए स्थगित हो चुके हैं।

संदेश झिंगन ने ‘फीफा डॉट कॉम’ से कहा, “मैंने हमेशा लिखे हुए शब्दों से प्यार किया है। जब भी मैं किसी किताब या फिर गाने की सुंदर लाइन को पढ़ता हूं तो मेरे रोएं खड़े हो जाते हैं। जब मैं खेल से संन्यास लूंगा तो मेरा सपना है कि मैं अपनी किताब रिलीज करूं।”

फिलहाल उनका मकसद इंडियन फुटबॉल की प्रोग्रेस को आगे बढ़ाने का है और वह इसके लिए आइडल खिलाड़ी हैं।

उन्होंने कहा, “अन्य एशियन लड़के मैनचेस्टर यूनाइटेड या रियल मैड्रिड के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन एक बच्चे के तौर पर मैंने हमेशा भारत के लिए खेलने का सपना देखा है। मुझे याद है कि जब मैं 14-15 साल का था तो नेशनल टीम को देखते हुए मैं स्कूल में भी रणनीति बनाता था कि हमें किस फॉर्मेशन के साथ खेलना चाहिए और अपने दोस्तो के साथ मैं इसे शेयर करता था।”

पूर्व केरला ब्लास्टर्स कैप्टन ने आगे यह भी कहा कि उन्होंने जब 2010 में टीनएजर के रूप में नेशनल टीम का कैंप छोड़ा था तभी खुद से वादा किया था कि जब तक वह इंडियन टीम में नहीं आ जाते तब तक राष्ट्रगान नहीं गाएंगे।

संदेश झिंगन ने आगे कहा, “12 मार्च, 2015 को मैंने इंडियन टीम के लिए अपना डेब्यू किया और मुझे राष्ट्रगान गाने का मौका मिला और मैंने इससे पहले इतनी जोर से इसे नहीं गाया था। मैंने उस दिन को याद रखने के लिए एक टैटू बनवाया है। आज भी जब मुझे नेशनल टीम से बुलावा आता है तो मैं छोटा सा प्रेयर करता हूं। 1.3 अरब लोगों के लिए खेलना और अपना बेस्ट देना अदभुत है।”

इंडिया को रिप्रजेंट करते हुए पिछले पांच सालों में झिंगन ने अपना रोल बखूबी निभाया है। कॉन्टिनेंटल चैंपियन कतर के खिलाफ कठिन अवे मुकाबले में ड्रॉ हासिल करने के बावजूद भारतीय टीम का 2022 वर्ल्डकप क्वॉलीफायर के तीसरे राउंड में पहुंचने का सपना मैथमेटिकली खत्म हो चुका है। हालांकि, 2023 एशियन कप के लिए क्वॉलीफायर करने की उम्मीदें अभी जिंदा हैं।