ब्लू टाइगर्स के स्टैंड-इन कैप्टन यंग प्लेयर्स से काफी प्रभावित हैं।

संदेश झिंगन के लिए 25 मार्च को ओमान के खिलाफ मुकाबला काफी खास रहा। उन्होंने इस मुकाबले में इंडियन फुटबॉल टीम की कप्तानी की और इस मैच में एक खास रिकॉर्ड भी बना। भारतीय टीम की तरफ से सबसे ज्यादा 10 खिलाड़िय़ों ने अपना डेब्यू किया। मैच के स्टार्ट में 6छह नए प्लेयर मैदान में उतरे और रेफरी की आखिरी सीटी बजने तक डेब्यू करने वाले प्लेयर्स की संख्या 10 हो चुकी थी।

दिलचस्प बात ये है कि जब संदेश झिंगन ने 2015 में नेपाल के खिलाफ अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेला था तो उस मैच में कुल सात प्लेयर्स ने डेब्यू किया था। उस समय ये एक रिकॉर्ड था।

इस बारे में संदेश झिंगन ने कहा, “किसी भी देश के डेवलपमेंट के लिए हर एक क्षेत्र में चाहे वो साइंस हो, स्पोर्ट्स, फुटबॉल या कुछ भी हो आपको लगातार टैलेंट की जरुरत होती है। यूथ डेवलपमेंट से ही आपको एक और संदेश झिंगन, सुनील छेत्री और गुरप्रीत सिंह संधू मिल सकता है। हर साल अगर लगातार टैलेंटेड प्लेयर आते रहेंगे तभी नेशनल टीम के परफॉर्मेंस में सुधार होगा।”

“बेल्जियम, जर्मनी, इंग्लैंड या फिर फुटबॉल में महारत हासिल करने वाला कोई और देश सब इसी फिलॉसफी पर चलते हैं। ये देखकर काफी अच्छा लग रहा है कि हमारे नए प्लेयर्स की ट्रेनिंग काफी अच्छी हुई है और फ्यूचर को लेकर मैं काफी पॉजिटिव हूं।”

वाईडीपी सेटअप की वजह से पिछले कुछ सालों से इंडियन फुटबॉल में काफी बड़ा बदलाव आया है और काफी सारे युवा प्लेयर निकलकर सामने आ रहे हैं। एआईएफएफ एडकेडमी सेटअप, यूथ नेशनल टीम, इंडियन एरोज और सभी एकेडमी के युवा प्लेयर्स की कोचिंग काफी अच्छी तरह से हो रही है। इन खिलाड़ियों के अंदर काफी कॉन्फिडेंस है।

संदेश झिंगन ने कहा, “मैं इस बैच के लिए इतना ही कह सकता हूं कि मुझे इनसे कम से कम बात करने की जरुरत है क्योंकि ये प्लेयर पहले से ही काफी मोटिवेटेड हैं और मुकाबले के लिए मानसिक तौर पर तैयार हैं। आपको बस शांत और इंटलिजेंट रहने की जरुरत होती है। वहीं आक्रामकता की भी जरुरत होती है। इन प्लेयर्स के पास ये सबकुछ है। जब इन खिलाड़ियों को बॉल मिलता है तो ये शांत भी रहते हैं। इसलिए कप्तान के तौर पर मेरा काम आसान हो जाता है।”

“जो प्लेयर मुझे जानते हैं और मेरे साथ ड्रेसिंग रूम शेयर कर चुके हैं उन्हें पता है कि मैं मैदान से बाहर अलग तरह का इंसान हूं। मैदान में आपको काफी आक्रामक होने की जरुरत होती है। मैं इसी तरह से खेलता हूं। मैच के लिए आपको हमेशा तैयार रहने की जरुरत होती है।”

उन्होंने ओमान के खिलाफ मुकाबले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्हें इस मैच के जरिए अपना डेब्यू मुकाबला याद आ गया।

झिंगन ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे कल ही की बात है कि मैंने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उस दिन मैं अपनी मां को कॉल करके बता रहा था कि आखिरकार मैंने अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया है। समय कितना जल्दी बीत जाता है। ओमान के खिलाफ मैच के दौरान मैं नए प्लेयर्स में खुद को देख रहा था। मेरे हिसाब से इन युवा खिलाड़ियों के पास जितना टैलेंट है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि टीम का फ्यूचर काफी ब्राइट है।”

उन्होंने कहा, “जब आप इस बैच को देखते हैं तो हर सुबह उठकर मुस्कुराते हैं क्योंकि इनके पास काफी क्षमता है। मेरे हिसाब से अभी हमें काफी सुधार करना है और हम काफी सुधार कर सकते हैं। इ बैच के साथ होना मेरे लिए काफी खुशी की बात है।”