खेलमंत्री ने देशभर के करीब 700 फुटबॉल प्रशिक्षकों से बात की।

भारत के खेल मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को देशभर के करीब 700 फुटबॉल कोच को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि देश में फुटबॉल को बढ़ावा देने को सबसे अच्छा तरीका ग्रासरूट स्तर पर खेल को डेवलप करने की जरूरत है।

मंत्री ने जिन प्रशिक्षकों को संबोधित किया उसमें इंडियन फुटबॉल टीम के कोच इगोर स्टीमाक और क्रोएशिया के कोच ज्लाटको डालिक भी शामिल थे। डालिक की कोचिंग में ही क्रोएशिया की टीम 2018 में हुए फीफा विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया था।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने संयुक्त रूप से इस आनलाइन सेशन का आयोजन काराया था।

किरण रिजिजू ने कहा,”स्कूल स्तर पर फुटबॉल की शुरुआत और स्थानीय फुटबॉल लीग का आयोजन करना, देश भर के बच्चों में खेल के प्रति रुचि पैदा करने का एक तरीका है। एक बार जब हम खेल को बड़े पैमाने पर आधार बनाते हैं, तो हम प्रतिभा की खोज शुरू कर सकते हैं और एलीट फुटबॉल खिलाड़ियों को सामने ला सकते हैं।”

उन्होंने राज्य एवं जिला स्तर पर मजबूत फुटबॉल संघों की स्थापना करने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि सरकार भी इसमें अपना योगदान देगी।

खेल मंत्री ने कहा, “सरकार के रूप में, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और पर्याप्त वित्तीय सहायता दी जाएगी, लेकिन हमें राज्य और जिला स्तर पर फुटबॉल को लोकप्रिय बनाने और अधिक प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए अधिक से अधिक टूर्नामेंटों के आयोजन करने की आवश्यकता है। हमें सभी स्तरों पर प्रायोजकों की भी आवश्यकता है।”

“कोराना वायारस की स्थिति से निपटने के बाद मैं राज्य संघों, टापॅ कोच और टेक्निकल अधिकारियों से मिलना चाहूंगा ताकि हम एक योजना बना पाए। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया स्कीम को लॉन्च किया है जिसने सभी को प्रभावित किया है और यह देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका दे रहा है। हम खेलो इंडिया के जरिए अभी और एथलीटों को फंड देंगे।”

कोराना वायरस महामारी के कारण फिलहाल, देशभर में लॉकडाउन है और सभी स्पोर्टिंग इवेंट्स भी बंद हैं।