फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर में सुनील छेत्री ने दो शानदार गोल दागते हुए भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत दिलाई।

भारत के लिए सुनील छेत्री महज एक फुटबॉलर नहीं, बल्कि इससे कहीं ज्यादा हैं। वो भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के आइकन हैं, टीम के संकटमोचक हैं और इंडिया के महान खिलाड़ी हैं। पिछले काफी समय से छेत्री देश में फुटबॉल का चेहरा बने हुए हैं और लगभग एक दशक से वो टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

उनके इस सफर की शुरुआत हुई थी साल 2005 में और तब से अब तक वो ब्लू टाइगर्स की तरफ से 117 मुकाबलों में रिकॉर्ड 74 गोल दाग चुके हैं। यहां ये बता दें कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो (103) के बाद सबसे ज्यादा गोल मारने वाले एक्टिव खिलाड़ियों में छेत्री दूसरे नंबर पर हैं।

पिछले काफी समय से भारतीय फुटबॉल फैंस को सुनील छेत्री खुशी के कई पल दे चुके हैं। बड़ी ही चालाकी से गोलकीपर को छकाते हुए नेट में बॉल डालना हो या कॉर्नर से मिली बॉल से गोल दागना हो, वह ये सब कर चुके हैं, जिससे टीम को जीत मिली और फुटबॉल प्रेमियों को खुशी। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ भी उन्होंने ऐसा ही कमाल किया। अब खेल नाओ आपको ऐसे ही कुछ पलों के बारे में बता रहा है, जब छेत्री ने भारत को अपने बूते जीत दिलाई।

5. भारत 1-0 म्यांमार – एएफसी चैलेंज कप (अगस्त 2008)

उस साल सुनील छेत्री ने भारत के लिए खेलते हुए अपनी पहली ट्रॉफी जीती थी। हालांकि उस समय तक उन्होंने अपना कद काफी ऊंचा कर लिया था और 23 मुकाबलों में वो 11 गोल दाग चुके थे। लेकिन उनका बेहतरीन प्रदर्शन अभी आना बाकी था, जो उन्होंने दिया 2008 एएफसी चैलेंज कप में।

एएफसी चैलेंज कप के आयोजक म्यांमार ने इस टूर्नामेंट में ग्रुप स्टेज आसानी से क्लियर करते हुए सेमी-फाइनल्स में जगह बना ली थी। म्यांमार की टीम काफी मजबूत थी और मैच एकस्ट्रा टाइम की तरफ बढ़ रहा था। यहां एंट्री हुई छेत्री की, जिन्होंने मैच के 82वें मिनट में बेहतरीन गोल दागते हुए भारत की झोली में जीत डाल दी और ब्लू टाइगर्स फाइनल में पहुंच गए। फाइनल्स में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन हैट्रिक दागी और भारत ने ताजिकिस्तान को 4-1 से करारी शिकस्त दी।

4. भारत 3-1 वियतनाम – अंतरराष्ट्रीय फ्रैंडली (अक्टूबर 2010)

2008 एएफसी चैलेंज ट्रॉफी जीतने के महज दो साल बाद ही सुनील छेत्री ने दूसरी हैट्रिक दागी। भारत, हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ करारी शिकस्त के बाद वियतनाम के खिलाफ फ्रैंडली मुकाबला खेल रहा था और टीम को एक बड़ी जीत की दरकार थी। इस जीत की जरूरत को समझते हुए छेत्री ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और विरोधियों पर कहर बनकर टूटे।

उन्होंने एक के बाद एक लगातार दो गोल दागते हुए टीम को बढ़त दिलाई। वू न्हू थान ने एक गोल दागकर मुकाबले को रोचक बना दिया और वियतनाम की संभावनाओं को बरकरार रखा। लेकिन छेत्री के इरादे कुछ और ही थे और उन्होंने एक और बेहतरीन स्ट्राइक के साथ अपनी हैट्रिक पूरी की और टीम को महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।

3. भारत 2-0 नेपाल – फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स (मार्च 2015)

भारत को अगले राउंड में पहुंचने के लिए फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स के पहले राउंड में जीत की दरकार थी। इंडियन टीम के सामने विरोधी था नेपाल, जिसे 2-0 से टीम ने शिकस्त दी। इस मैच के भी हीरो रहे थे सुनील छेत्री। मुकाबले का पहला हाफ काफी रोचक रहा और दोनों टीमें गोल नहीं दाग सकीं, इस दौरान स्कोरशीट 0-0 रही। दूसरे हाफ में छेत्री ने बैक टू बैक दो गोल दागते हुए टीम को जीत दिला दी और इस मुकाबले के हीरो बन गए।

2. भारत 2-0 केन्या – इंटरकॉन्टिनेंटल कप (जून 2018)

इंडियन फुटबॉल टीम के आखिरी इंटरकॉन्टिनेंटल कप में सुनील छेत्री का अच्छा खासा दबदबा दिखा। वह टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे और उन्हें बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड भी मिला। छेत्री टूर्नामेंट के सभी चार मुकाबलों में बेहतरीन फॉर्म में दिखे। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में उन्होंने ताइवान के खिलाफ हैट्रिक दागी और केन्या के खिलाफ फाइनल मुकाबले तक अपना फॉर्म बरकरार रखा।

फाइनल मुकाबले में केन्या के खिलाफ शुरुआती मिनटों में ही अनिरुद्ध थापा की फ्री किक को बड़ी ही आसानी से छेत्री ने नेट तक पहुंचा दिया। हालांकि केन्या ने जल्द ही मुकाबले में वापसी कर ली, लेकिन भारत ने अपना अटैकिंग खेल बरकरार रखा। मैच का आधा समय खत्म होने के पहले छेत्री ने एक और शानदार गोल दागते हुए भारत को महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।

1. बांग्लादेश 0-2 भारत – फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स (जून 2021)

कतर के खिलाफ पिछले मुकाबले में भारत की हार के साथ ही टीम की फीफा वर्ल्ड कप में क्वालिफाई करने की संभावनाएं खत्म हो गईं। लेकिन एशियन कप में पहुंचने की संभावनाएं बरकरार थीं। इसके लिए भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीतना अनिवार्य था, ताकि टीम प्लेऑफ्स के बिना ही एशियन कप में क्वालिफाई कर सके।

इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन सराहनीय रहा, जहां टीम ड्रॉ की ओर बढ़ रही थी। लेकिन छेत्री के इरादे कुछ और ही थे। बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन कर रहे बांग्लादेश के खिलाड़ियों को छेत्री ने 10 मिनट में दो बार छकाते हुए दो बेहतरीन गोल दागे और टीम को जीत का तोहफा दिया। इस जीत के साथ ही अब भारतीय टीम ग्रुप ई में तीसरे पायदान पर पहुंच गई है।