बीता साल इस लोकप्रिय खेल के लिए मिला-जुला रहा।

साल 2020 समाप्त हो चुका है। बीता साल काफी चुनौतियों और मुश्किलों भरा रहा। कोरोना वायरस की वजह से 2020 में लोगों को काफी मुसीबतें झेलनी पड़ीं और उनके जीवन जीने के तरीके में भी काफी बदलाव आया। लॉकडाउन और कोविड-19 की पाबंदियों का वर्ल्ड फुटबॉल पर भी बड़ा असर पड़ा।

लंबे समय तक कोई भी फुटबॉल मैच नहीं हुआ और उसके बाद धीरे-धीरे कुछ पाबंदियों के साथ खेल की शुरुआत हुई। हालांकि, इन सबके बावजूद काफी सारी चीजें इस साल वर्ल्ड फुटबॉल में हुईं।

हम आपको इस आर्टिकल में 2020 में वर्ल्ड फुटबॉल के टॉप 10 मोमेंट्स के बारे में बताएंगे:

कोविड-19 लॉकडाउन

कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया थम सी गई और हर सेक्टर पर इसका काफी असर पड़ा। वर्ल्ड फुटबॉल भी इससे अछूता नहीं रहा और दुनिया भर की टॉप लीगों को बंद करना पड़ा। लॉकडाउन की वजह से क्लबों को फाइनेंसियली काफी नुकसान उठाना पड़ा और लोगों को अपनी नौकरियां तक गंवानी पड़ी। कई क्लबों को भी पे-कट करना पड़ा।

ना केवल फुटबॉल बल्कि हर स्पोर्ट्स के लिए लॉकडाउन काफी मुश्किलों भरा रहा। हालांकि खेल जगत इस मुश्किल हालात में एकसाथ खड़ा रहा और उसके बाद शानदार वापसी की।

फुटबॉल की दोबारा शुरुआत

कहावत है कि हर अंधेरी रात के बाद सुबह जरुरी होती है। ठीक यही चीज फुटबॉल के साथ भी हुई। लॉकडाउन हटने के बाद धीरे-धीरे काफी सारे गाइडलाइंस के साथ फुटबॉल की दोबारा शुरुआत हुई। मैचों को बंद दरवाजे के पीछे बिना फैंस के आयोजित किया गया।

बुंडेसलीगा पहली लीग रही जिसने मैचों की शुरुआत की और उसके बाद प्रीमियर लीग और अन्य लीग्स ने भी धीरे-धीरे टूर्नामेंट्स का फिर से आयोजन करना शुरु कर दिया। बायो-बबल समेत कई सारी पाबंदियां इस दौरान लगाई गईं। टीवी पर व्युअरशिप भी काफी बढ़ गई। स्पोर्ट्स के दोबारा शुरुआत होने से एक अलग तरह की पॉजिटिविटी लोगों के अंदर आई।

लिवरपूल ने 30 साल बाद प्रीमियर लीग का खिताब जीता

लिवरपूल एफसी के सपोटर्स ने अपनी टीम के ट्रॉफी जीतने का इंतजार काफी लंबे समय तक किया और उनका ये इंतजार इस साल जाकर खत्म हुआ। हालांकि, जब कोरोना वायरस की वजह से सारी दुनिया में स्पोर्ट्स बंद हो गया तब लिवरपूल समर्थकों का इंतजार भी बढ़ गया।

जैसे ही स्पोर्ट्स की दोबारा शुरुआत हुई लिवरपूल ने एवर्टन के खिलाफ ड्रॉ खेला और क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ जीत हासिल की। चेल्सी के खिलाफ मैनचेस्टर सिटी की हार के बाद लिवरपूल चैंपियन बन गई। 1990 के बाद पहली बार उन्होंने प्रीमियर लीग का खिताब जीता और ये उनका 19वां टाइटल था।

बेलोन डी’ओर अवॉर्ड को कैंसिल करना पड़ा

ऐतिहासिक बेलोन डी’ओर अवॉर्ड सेरेमनी इस सीजन नहीं हुई। कुछ महीने पहले ही फ्रांस फुटबॉल एसोसिएशन ने इसका ऐलान किया था। अब फैंस को अगले सीजन तक इंतजार करना पड़ेगा कि इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को कौन हासिल करता है। इससे पहले फ्रांस फुटबॉल ने ऐलान किया था कि कोरोना वायरस की वजह से बीते साल अवॉर्ड सेरेमनी नहीं होगी। हालांकि इस फैसले की काफी आलोचना भी हुई थी।

पेले का शर्ट कैंपेन

कोविड पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए पेले।

अपने 80वें जन्मदिन पर महान फुटबॉलर पेले ने एक बेहतरीन इनीशिएटिव लिया। उन्होंने “पेलेगेसी जर्सी एक्सचेंज” नाम से एक कैंपेन चलाया। दुनिया भर के खिलाड़ियों ने पेले के सम्मान में अपनी जर्सी भेजी और इस कैंपेन के जरिए जो फंड इकट्ठा हुआ उसे कोरोना वायरस से लड़ने के काम में लगाया गया।

“पेलेगेसी जर्सी एक्सचेंज” की शुरुआत इस साल अक्टूबर में हुई थी और इसमें किलियन एम्बापे, थियागो सिल्वा, उसेन बोल्ट और डेविड गुएटा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। भारत की तरफ से संदेश झिंगन ने अपनी जर्सी भेजी थी।

बायर्न म्यूनिख ने चैंपियंस लीग का खिताब जीता

नवंबर में बायर्न म्यूनिख ने निको कोवाक को मैनेजरपद से हटा दिया और उनकी जगह शॉर्ट टर्म के लिए हांसी फ्लिक आए। उनके आते ही टीम के परफॉर्मेंस में काफी सुधार देखने को मिला और धीरे-धीरे टीम ने एक मोमेंटम हासिल कर लिया। हांसी फ्लिक ने एक अलग तरह का कॉन्फिडेंस प्लेयर्स के अंदर भरा और इसका असर उनके खेल पर भी देखने को मिला। बायर्न ने चैंपियंस लीग का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।

डिएगो मैराडोना का निधन

Diego Maradona
आर्जेंटीना को वर्ल्ड कप दिलाने में मैराडोना का बड़ा योगदान था।

कोरोना वायरस की वजह से दुनिया पहले ही काफी परेशान हो चुकी थी। ऐसे में साल खत्म होते-होते एक और बुरी खबर सामने आई। महान फुटबॉलर डिएगो मैराडोना का 60 साल की उम्र में निधन हो गया और इसके बाद वर्ल्ड फुटबॉल शोक में डूब गया।

मैराडोना फुटबॉल के सबसे बड़े एंबेसेडर माने जाते थे और अर्जेंटीना का होने के बावजूद उन्हें पूरी दुनिया से प्यार मिला। उनके निधन के बाद नापोली के प्रेसिडेंट औरिलियो डी लॉरिंटिस ने उनके सम्मान में अपने स्टेडियम का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया।

मैराडोना के बाद इटली के महान फुटबॉलर पाओलो रॉसी का भी निधन

वर्ल्ड फुटबॉल मैराडोना के निधन का शोक मना ही रहा था कि इटली के लीजेंडरी फुटबॉलर पाओलो रॉसी ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 1982 के वर्ल्ड कप में वो इटली के गोल मशीन थे। उन्होंने टूर्नामेंट में ब्राजील के खिलाफ हैट्रिक गोल दागा था। पाओलो ने युवेंटस टीम के साथ कई सारे खिताब जीते थे जिसमें सीरी ए और यूरोपियन कप भी शामिल था। उन्होंने एसी मिलान के लिए भी खेला था।

रॉबर्ट लेवानडॉस्की ने फीफा का “बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर” का अवॉर्ड जीता

2019-20 के सीजन में रॉबर्ट लेवानडॉस्की ने बायर्न म्यूनिख के दूसरी बार चैंपियंस लीग का टाइटल जीतने में अपनी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हर कंपटीशन में जर्मन क्लब के लिए गोल दागा और टीम को अलग ऊंचाई तक लेकर गए। उनके बेहतरीन परफॉर्मेंस को देखते हुए उन्हें “बेस्ट प्लेयर ऑफ द् ईयर” के अवॉर्ड से नवाजा गया। ये पहली बार था जब आखिरी तीन प्लेयर्स में लेवानडॉस्की को नॉमिनेट किया गया था और उन्होंने जीत भी हासिल की।

लियोनल मेसी ने बार्सिलोना के लिए 644वां गोल करके पेले का रिकॉर्ड तोड़ा

लियोनल मेसी दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर हैं और अभी तक अपने करियर में वो कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। इसी कड़ी में उन्होंने महान फुटबॉलर पेले का भी एक रिकॉर्ड ब्रेक किया। मेसी ने बार्सिलोना की तरफ से खेलते हुए इस साल 644वां गोल किया और पेले का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पेले ने सांतोस के लिए 643 गोल दागे थे। इस मौके पर मेसी के सम्मान में अमेरिका की एल्कोहल कंपनी बडवाइजर ने उन सभी गोलकीपर्स को बीयर की बोतलें भेजी जिनके खिलाफ मेसी ने बार्सिलोना की तरफ से गोल दागे थे।