इन विवादों से खेल की साख को काफी नुकसान पहुंचा है।

फुटबॉल आज के समय में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला खेल है। दुनिया के लगभग हर देश में इसके फैंस मौजूद है और इतना बड़ा खेल होने के कारण इससे जुड़े विवाद भी दुनिया भर के अखबारों की सुर्खियां बन जाते हैं। बीते कुछ वर्षों में मैदान के अंदर और बाहर फुटबॉल विवादों का केंद्र बना हुआ है। इनमें कुछ ने फैंस को हैरान कर दिया तो वहीं कुछ ने फुटबॉल जगत में भूचाल ला दिया।

आइए नजर डालते हैं फुटबॉल से जुड़े पांच सबसे बड़े विवादों पर जिन्होंने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरी हैं:

5. नेमार और रोनाल्डो पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप

पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर एक अमेरिकी महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला के अनुसार, रोनाल्डो ने उसके साथ साल 2009 में यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया था। उनके मुताबिक उस समय 24 साल के रोनाल्डो लास वेगस स्थित पब में छुट्टियां बना रहे थे और महिला से कसीनो में स्थित रेननाइट क्लब में मिले थे। इसके बाद, होटल में रोनाल्डो ने उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।

लगभग एक दशक पहले हुए इस कथित यौन हमले के बाद उनकी मुवक्किल अवसाद में चली गईं थीं और उन्होंने आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा था। हालांकि, सबूतों के आभाव में रोनाल्डो 2019 में इस मामले से बचकर निकल गए।

रोनाल्डो के अलावा ब्राजील के नेमार जूनियर पर भी यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे थे।  26 वर्षीय नजीला ट्रिंडाडे ने नेमार पर यह आरोप लगाए थे। ट्रिंडाडे मेंडेस एक मॉडल हैं और उनकी एवं नेमार की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी। ट्रिंडाडे 15 मई को नेमार से मिली थी जिसके बाद उन्होंने इस खिलाड़ी पर कथित दुष्कर्म का आरोप लगाया था। सबूतों के अभाव में यह केस बंद हो गया था।

4. इटेलियन फुटबॉल में आया था भूचाल

‘द कलसियपोली’  फुटबॉल जगत का बड़ा विवाद माना जाता है जिसने इटेलियन फुटबॉल को हिला कर रख दिया था। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लोकल आथॉरिटी ने मैच फिक्सिंग को लेकर जांच करने की शुरुआत की। उन्हें पता चला कि युवेंट्स के तब के स्पोर्टिंग डायरेक्टर लुसियानो मोग्गी ने मैच के रेफरी और बाकी ऑफिशियल्स को पैसे दिए थे ताकी वह एसी मिलान, फियोरेंटीना और लाजियो के साथ युवेंट्स के पक्ष में फैसले करें।

मोग्गी ने मैच के रेफरी और बाकी ऑफिशियल्स को पैसे दिए थे।

यह जांच धीरे-धीरे बड़ी होती गई कई और अन्य क्लब भी इसकी चपेट में आ गए। युवेंट्स को सेकेंड डिविजन में भेज दिया गया और उनसे 2004-05, 2005-06 का सीरी-ए का खिताब छीन कर इंटर मिलान को दे दिया गया। उस समय नए सीजन में उनके नौ अंक काट लिए गए थे तो वहीं एसी मिलान के आठ अंक काटे गए और उन्हें एक मैच खाली स्टेडियम में  खलेना पड़ा। वहीं पिछले सीजन से भी उनके 30 अंक काट लिए गए।

3. वर्ल्ड कप की मेजबानी में किया गया भ्रष्टाचार

साल 2014 में हुआ फीफा वर्ल्ड कप खास था क्योंकि 64 साल बाद यह टूर्नामेंट ब्राजील में लौट रहा था। हालांकि, इस वर्ल्ड कप में विवादों की शुरुआत हुई जो अंत तक जारी रही। इस वर्ल्ड कप के विवादों की शुरुआत 2012 में हुई थी जब सीएफबी प्रेसीडेंट रिकार्डो ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। टूर्नामेंट के बाद कई खबरें आने लगी कि फीफा के जनरल सेक्रेटरी जेरोम वाल्के ने रिश्वत लेकर ब्राजील और साल 2010 में साउथ अफ्रीका को मेजबानी दिलाई थी।

इस विवाद के चलते ही साल 2015 में फीफा प्रेसीडेंट सेप ब्लेटर को इस्तीफा देना पड़ा था। यह विवाद और बड़ा तब हो गया जब फीफा कमेटी के मेंबर चक ब्लेजर पर न्यूयॉर्क कोर्ट में 1998 और 2010 एडिशन की मेजबानी देने भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाए गए। इस जांच को बाद में एफबीआई को सौंप दिया गया और अबतक वर्ल्ड कप से जुड़े मामलों में नए ​खुलासे हो रहे हैं। जांच अब 2018 और 2022 वर्ल्ड कप की मेजबानी तक पहुंच चुकी है।

2. आंद्रेस एस्कोबार और उनके ओन गोल की कहानी

ओन गोल फुटबॉल की दुनिया में प्रशंसकों को बिलकुल पसंद नहीं आते हैं और कोलंबिया के एक फुटबॉलर की इसके कारण हत्या तक कर दी गई थी। एस्कोबार ने 1994 वर्ल्ड कप में खेले गए कोलंबिया के दूसरे मैच में ओन गोल किया और यह गोल उनकी टीम की हार का कारण बना। अमेरिका ने इस मैच में 2-1 से जीत दर्ज की थी।

फैंस को यह बिलकुल पसंद नहीं आया और तीन लोगों ने मैच के कुछ दिन बाद कार पार्किंग में उन्हें गोली मार दी। 1 जुलाई को वह मेडेलिन में अपने दोस्तों के साथ एक बार में गए थे और नाइट क्लब से बाहर आने के बाद वह सुबह के तीन बजे कार पार्किंग में अपने दोस्तों का इंतजार कर रहे थे। वह अपनी कार में अकेले बैठे थे कि तभी तीन लोग आए और उनसे बहस करने लगे।

इनमें से दो लोगों ने अपनी हैंडगन निकाल ली और एस्कोबार पर छह गोलियां दागी गईं। हत्यारे कथित तौर पर हर गोली चलाने के बाद ‘गोल-गोल’ चिल्ला रहे थे और मेडलिन ड्रग काट्रेल से जुड़े हुए बताए गए। एटलेटिको नेसियोनाल ने उनकी याद में एक बड़ी मूर्ति का अनावरण किया और एस्कोबार के सम्मान में हर साल लोग मैचों में उनकी तस्वीर लेकर पहुंचते हैं।

1. सेप ब्लेटर और प्लाटिनी पर लगे गंभीर आरोप

सेप ब्लेटर और माइकल प्लाटिनी के फीफा में रहते हुए कई विवादों में फंसे। ब्लेटर लगातार चार बार फीफा के प्रेसीडेंट रहे वहीं माइकल प्लाटिनी को साल 2007 में यूएफा का प्रेसीडेंट चुना गया था। ब्लेटर पर अंतरराष्ट्रीय पार्टनर आईएसएल ग्रुप को गैरकानूनी तरीके से पैसे देने का आरोप लगा। उन्हें हर आरोप से क्लीन चिट मिल गई लेकिन कई अन्य अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था।

साल 2015 में ब्लेटर पर माइकल प्लाटिनी को दो मीलियन यूरो देने का आरोप लगा था ताकी वह प्लाटिनी यूएफा चुनाव जीत सके। जांच के बाद दोनों को आरोपी पाया गया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, साथ ही दोनों पर भ्रष्टाचार के चलते आठ साल का तक फुटबॉल से जुड़े किसी भी तरह की गतिविधी से जुड़ने पर भी बैन लगा दिया गया। ब्लेटर पर साल 2103 के बैलन डी ओर अवॉर्ड के समय गोलकीपर होप सोलो ने यौन शोषण का आरोप भी लगाया था।