इंडिया में फुटबॉल फैन्स के लिए 2020 बहुत खास होने जा रहा है। इस साल देश में कई बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे।

पिछला साल इंडियन फुटबॉल के लिए रोमांच से भरा रहा। इंडियन टीम ने एएफसी एशियन कप में भाग लिया तो वहीं एशियन चैम्पियन कतर को उसी के घर में गोल रहित ड्रॉ पर रोका। इसके अलावा, इगोर स्टीमाक के रूप में टीम को एक नया हेड कोच मिला और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) को देश की नंबर-1 लीग का दर्जा भी दिया गया।

साल 2020 के भी काफी रोमांचक होने की उम्मीद है। इस साल देश में कई बड़े टूर्नामेंट खेले जाएंगे और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव होंगे। तो चलिए नजर डालते हैं उन पांच बड़ी चीजें पर जो 2020 को खास बनाएंगी।

एआईएफएफ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में होंगे बदलाव

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स स्तर पर 2020 में बड़े बदलाव होंगे। इस साल के अंत तक एआईएफएफ के पास एक नया जेनरल सेक्रेटरी होगा। अभिषेक यादव मौजूदा जेनरल सेक्रेटरी कुशल दास की जगह लेंगे, यादव फिलहाल टेक्निकल कमेटी का भी हिस्सा हैं।

एआईएफएफ के अध्यक्ष के रूप में भी हमें नया नाम देखने को मिल सकता है। मौजूदा अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को पिछले साल फीफा काउंसिल का सदस्य चुना गया। एक अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त होने के करीब है, ऐसे में 2020 में इस पोस्ट के लिए नए चुनाव हो सकते हैं।

आईएसएल क्लबों की एएफसी चैम्पियंस लीग में एंट्री

एएफसी द्वारा आईएसएल को इं​डिया की नंबर-1 लीग का दर्जा दिए जाने के बाद इसमें खेल रहे क्लबों को काफी फायदा हुआ है। अब लीग के प्वॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहने वाली टीम को सीधा एएफसी चैम्पियंस लीग के ग्रुप स्टेज में एंट्री मिलेगी जबकि दूसरे स्थान पर फिनिश करने वाली टीम को एएफसी कप में जगह दी जाएगी।

इससे पहले, आई-लीग के विनर को चैम्पियंस लीग के प्रिलिमनरी क्वालीफायर्स में जगह मिलती थी और आईएसएल की विजेता टीम एएफसी कप के प्लेऑफ में खेलती थी। अब आई-लीग की विजेता टीम को अगले तीन साल तक एएफसी कप के ग्रुप स्टेज में जगह दी जाएगी।

इंडियन टीम के हेड कोच के रूप में स्टीमाक का दूसरा साल

इंडिया ने पिछले साल हुए एएफसी कप में बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन उसे ग्रुप स्टेज में ही टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा और इसी के साथ स्टीफन कॉन्स्टेनटीन ने हेड कोच की पोस्ट से अपना इस्तीफा भी दे दिया।

नए हेड कोच की खोज लंबी चली और अंत में क्रोएशिया के इगोर स्टीमाक को चुना गया। स्टीमाक टीम में एक नई फिलॉ​शफी लाने की कोशिश कर रहे हैं और इसका असर नतीजों पर दिखा है। इंडिया ने अबतक नए कोच की देखरेख में केवल एक जीत दर्ज की है। हालांकि, टीम अब पहले से ज्यादा पोजेशन रखकर फुटबॉल खेल रही है जोकि एक अच्छा साइन है।

बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी टीमों से ड्रॉ करने के बाद इंडियन टीम 2022 फीफा वर्ल्ड क्वॉलीफायर से लगभग बाहर हो चुकी है, लेकिन उसके पास 2023 एएफसी एशियन कप के लिए क्वॉलीफाई करने का मौका है। इस साल टीम मार्च में कतर के खिलाफ अपने इंटरनेशनल कैम्पेन की शुरुआत करेगी जो स्टीमाक की कड़ी परीक्षा लेगा।

ईस्ट बंगाल और मोहन बागान की आईएसएल में एंट्री

इंडिया के ऐतिहासिक फुटबॉल क्लब ईस्ट बंगाल और मोहन बागान को 2020-21 सीजन के अंत के बाद आईएसएल में शामिल किया जाएगा। पिछले साल एएफसी ने एआईएफएफ द्वारा इंडियन फुटबॉल के लिए रिलीज किए गए  रोडमैप को मान लिया था।

आईएसएल में इन दो क्लबों का आना लीग की लोकप्रियता के लिए बहुत अच्छा होगा क्योंकि देश में इन दोनों टीमों के फैन्स की संख्या बहुत ज्यादा है। इन दोनों क्लबों का इतिहास लंबा है और ये देश की टॉप लीग में खेलने के हकदार भी हैं। कोलकाता डर्बी में सबसे ज्यादा फैन्स स्टेडियम पहुंचते हैं और इससे आईएसएल को भी काफी फायदा होगा।

फीफा अंडर-17 वुमेन्स वर्ल्ड कप

इंडिया ने 2017 में फीफा अंडर-17 मेन्स वर्ल्ड कप का सफल आयोजन किया था और 2020 में देश में फीफा अंडर-17 वुमेन्स वर्ल्ड कप का आयोजन किया जाएगा। यह टूर्नामेंट इस साल नवंबर में खेला जाएगा।

इससे देश में वुमेन्स फुटबॉल को काफी बूस्ट मिलेगा और निवेश के बढ़ने से न केवल टैलेंट को कम उम्र में पहचाना जाएगा बल्कि भविष्य की टीम के लिए एक मजबूत नींव भी रखी जाएगी। यह देखना रोचक होगा कि हेड कोच थॉमस डेनेर्बी की देखरेख में टीम कैसा प्रदर्शन करती है।