ब्लू टाइगर्स एक भी मुकाबले में जीत नहीं हासिल कर सकी।

इंडियन फुटबॉल टीम ने हाल ही में दो इंटरनेशनल फ्रेंडली मुकाबले खेले और इस दौरान दोनों ही मैचों में टीम का परफॉर्मेंस काफी अलग रहा। ओमान के खिलाफ मैच में जहां युवा प्लेयर्स ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा, वहीं यूएई के खिलाफ हुए मैच में टीम को 6-0 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में बेहतरीन परफॉर्मेंस करने वाले कई प्लेयर्स ने इस दौरान डेब्यू किया।

टीम को इन दो मैचों के दौरान कई सारी चीजें सीखने को मिलीं:

5. मानवीर सिंह को लगातार ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने की जरुरत है

मानवीर सिंह इन दोनों फ्रेंडली मैचों के दौरान इंडियन फुटबॉल टीम के लिए एक पॉजिटिव पहलू बनकर उभरे। एटीके मोहन बगान के इस खिलाड़ी ने दिखाया कि वो टॉप डिफेंडर्स का काफी अच्छी तरह से सामना कर सकते हैं। ओमान के खिलाफ उनका गोल काफी शानदार रहा था। इससे पता चलता है कि आईएसएल का उनका फॉर्म यहां भी जारी रहा।

वह एक ऐसे प्लेयर हैं जिन्हें अगर लगातार मौका मिला तो वो और बेहतर होते जाएंगे। उनकी गोलस्कोरिंग क्षमता में काफी इजाफा हुआ है जो इंडियन टीम के लिए एक बड़ा बोनस है। इगोर स्टीमाक को चाहिए को वो मनवीर को ज्यादा से ज्यादा मौके दें ताकि वो अपने साथी खिलाड़ियों को काफी अच्छी तरह से समझ सकें और विरोधी डिफेंडर्स को छका सकें।

4. लालेंगमाविया इंडियन टीम के नियमित सदस्य बन सकते हैं

इंडियन फुटबॉल टीम के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव शायद लालेंगमाविया रहे। उन्होंने दिखाया कि वो भारतीय टीम के मिडफील्ड में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं। यूएई के खिलाफ मुकाबले में ब्लू टाइगर्स के पास पोजेशन काफी कम रहा लेकिन इसके बावजूद इस युवा प्लेयर ने अपना क्लास दिखाया। वहीं ओमान के खिलाफ उनके मैदान में आने के बाद ही इंडियन टीम ने गोल के मौके बनाने शुरु किए। वो मिडफील्ड में काफी अच्छी तरह से बॉल को कंट्रोल कर रहे थे और पोजेशन हासिल कर रहे थे।

लालेंगमाविया अभी काफी युवा प्लेयर हैं और उन्हें काफी कुछ सीखना है। हालांकि जिस तरह से उन्होंने स्टार्ट लिया है वो शानदार है।

3. इगोर स्टीमाक के पास इंडिया की बेस्ट स्टार्टिंग इलेवन का कोई आइडिया नहीं है

Igor Stimac

इगोर स्टीमाक लगभग दो साल से भारतीय टीम के कोच हैं लेकिन अभी भी उनको ये नहीं पता चल पाया है कि टीम की बेस्ट स्टार्टिंग इलेवन क्या है। ये अच्छी बात है कि उन्होंने आईएसएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कई प्लेयर्स को मौका दिया लेकिन उनको ये नहीं आइडिया है कि वो बेस्ट रिजल्ट कैसे ला सकते हैं और किन प्लेयर्स पर भरोसा कर सकते हैं।

वह जब से कोच बने हैं तब से उन्होंने लगातार एक जैसी स्टार्टिंग इलेवन नहीं उतारी है और बेस्ट कॉम्बिनेशन को लेकर अभी भी संशय की स्थिति उनके मन में है। टीम सेलेक्शन में निरंतरता काफी जरुरी होती है। इससे प्लेयर्स को एक दूसरे की गेम समझने का ज्यादा मौका मिलता है। जब प्लेयर्स के आपस के बीच की केमिस्ट्री अच्छी होती है तो फिर विपरीत परिस्थितियों में वो ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते हैं। आगामी मुकाबलों में चाहिए कि कोच स्टीमाक एक जैसी स्टार्टिंल इलेवन मैदान में उतारें।

2. भारत को ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले खेलने की जरुरत

ब्लु टाइगर्स ने एक साल से कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला था। जब वो दो क्वालिटी टीमों के खिलाफ मैदान में उतरे तो टीम की कमजोरी सामने आ गई। भले ही एक मैच टीम ने ड्रॉ कराया हो लेकिन प्लेयर्स को और ज्यादा एक्सपोजर की जरुरत है।

इंडियन फुटबॉल टीम को अपने से ऊंची रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ टेस्ट करने की जरुरत है। इससे ही टीम और बेहतर हो सकेगी। अभी भारतीय खिलाड़ियों को ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले खेलने का मौका नहीं मिलता है। इससे प्लेयर्स के बीच तालमेल की कमी साफतौर पर दिखती है।

1. क्या 2019 एएफसी एशियन कप के बाद से इंडियन टीम में सुधार हुआ है ?

इंडियन नेशनल टीम ने 2019 के एएफसी एशियन कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। टीम ने थाइलैंड को 4-1 से हराकर अपने कैंपेन की शानदार शुरुआत की थी। ब्लू टाइगर्स ने यूएई को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन दुर्भाग्यपुूर्ण तरीके से उन्हें 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं ग्रुप स्टेज के फाइनल मुकाबले में बहरीन से हारकर टीम को बाहर होना पड़ा था।

इगोर स्टीमाक की कोचिंग में भारतीय टीम ने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन निरंतरता की कमी साफतौर पर दिखी है। टीम ने बांग्लादेश, अफगानिस्तान, कुराकाओ, ओमान, थाइलैंड और यूएई के खिलाफ मैच खेले लेकिन केवल एक ही मैच में जीत हासिल कर पाए।

एशियन चैंपियन कतर के खिलाफ टीम ने गोलरहित ड्रॉ खेला था जो अपने आप में ऐतिहासिक प्रदर्शन था। हालांकि, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ मैच ड्रॉ होने से टीम के इस अच्छे प्रदर्शन पर पानी फिर गया। इंडियन फुटबॉल टीम 2022 फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में अभी तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है और प्वॉइंट्स टेबल में चौथे पायदान पर है। वहीं इस खराब फॉर्म को देखते हुए टीम के 2023 एएफसी एशियन कप के क्वालीफिकेशन पर भी सवाल उठने लगे हैं।