कई टीमों को ट्रांसफर फीस के रूप में काफी ज्यादा रकम मिली है।

इंडियन फुटबॉल में ट्रांंसफर मार्केट का डायनेमिक्स धीरे-धीरे बदल रहा है। कुछ समय तक क्लबों ने बहुत कम फीस में प्लेयर्स के ट्रांसफर को अंजाम दिया। अभी भी जिन खिलाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाता है उन्हें आगामी सीजन के लिए कम पैसों में टीम में शामिल किया जाता है।

हालांकि, धीरे-धीरे क्लब अब प्रतिभाशाली प्लेयर्स को ज्यादा से ज्यादा फीस में भी साइन कर रहे हैं। इन्वेस्टर्स ने इंडियन फुटबॉल में काफी निवेश किया है और क्लबों के पास काफी पैसा भी आया है। यही वजह है कि अब सभी क्लब ज्यादा पैसे खर्च करने में हिचकिचाते नहीं हैं। हूगो बोउमोस का एफसी गोवा से मुंबई सिटी जाना इसका सबसे एक बड़ा उदाहरण है।

इस आर्टिकल में हम आपको इंडियन फुटबॉल क्लबों को मिले टॉप-5 ट्रांसफर फीस के बारे में बताएंगे:

5. आशिक कूरुनियन (एफसी पुणे सिटी से बेंगलुरु एफसी) – 70 लाख

2019 के एएफसी एशियन कप में शानदार प्रदर्शन के बाद आशिक कूरुनियन का महत्व काफी ज्यादा बढ़ गया। 2018-19 के सीजन में एफसी पुणे सिटी के लिए आशिक कूरुनियन ने दो गोल किए और तीन असिस्ट किए।

ओनरशिप में बदलाव होने के बाद क्लब ने अपना बेस हैदराबाद शिफ्ट कर लिया। इसके बाद, आशिक 70 लाख की ट्रांसफर फीस में बेंगलुरु एफसी चले गए। हालांकि, उनको ज्यादातर लेफ्ट विंग बैक की पोजिशन पर खिलाया गया और इसकी वजह से वो ज्यादा दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाए। जिस तरह के वो खिलाड़ी हैं उसे देखते हुए कह सकते हैं कि आने वाले सीजन में वो टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

4. मानवीर सिंह (एफसी गोवा से एटीके मोहन बगान) – 80 लाख

इस समय इंडियन फुटबॉल में ज्यादा ऐसे फुटबॉलर नहीं हैं जो लगातार गोल करने की क्षमता रखते हों। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि सुनील छेत्री हाल फिलहाल में बेंगलुरु एफसी की टीम को छोड़कर नहीं जाने वाले हैं, सभी टीमों को एक बेहतरीन इंडियन फॉरवर्ड की तलाश रहती है।

इसी कड़ी में मनवीर सिंह 80 लाख की ट्रांसफर फीस में एफसी गोवा से एटीके मोहन बगान की टीम में गए। वह गोवा के लिए तीन आईएसएल सीजन खेले लेकिन 47 मैचों में सिर्फ तीन ही गोल कर पाए और मात्र एक असिस्ट किया। हालांकि, इन तीन सालों के दौरान उन्हें मैदान में ज्यादा समय बिताने का भी मौका नहीं मिला।

कोलकाता की टीम इंडियन टैलेंट को मौका देकर अपनी टीम को मजबूत करने में लगी हुई है। उन्होंने मोहम्मडन स्पोर्टिंग के पूर्व खिलाड़ी पर पूरा भरोसा जताया है और अब मानवीर सिंह के ऊपर है कि वो अच्छा प्रदर्शन करें।

3. माइकल सूसाईराज (जमशेदपुर एफसी से एटीके) – 90 लाख

माइकल सूसाईराज को सबसे ज्यादा सफलता 2017-18 के आई-लीग सीजन में चेन्नई सिटी एफसी की तरफ से खेलते हुए मिली थी। हालांकि, अगले सीजन वो महज 25 लाख की ट्रांसफर फीस में जमशेदपुर की टीम में चले गए।

जमशेदपुर एफसी के साथ उनका प्रदर्शन अच्छा रहा लेकिन इसके बाद एटीके एफसी ने उन्हें 90 लाख की ट्रांसफर फीस में हासिल कर लिया। स्पोर्टस्टार की खबर के मुताबिक चेन्नई सिटी एफसी को सेल-ऑन फीस के रूप में इस ट्रांसफर फीस का 10 प्रतिशत मिला था क्योंकि वो आई-लीग का भी हिस्सा थे। इस तरह से दो पेड ट्रांसफर वाले वो पहले इंडियन खिलाड़ी बन गए। एटीके के लिए माइकल ने 20 मैचों में तीन गोल किए। उन्होंने अपने बेहतरीन फुटवर्क से सबको प्रभावित किया।

2. ईदू गार्सिया (बेंगलुरु एफसी से झेजियांग लूशेंग) और पेड्रो मान्जी (चेन्नई सिटी से एलबिरेक्स नीगाटा) – 1 करोड़

फरवरी 2018 में स्पेनिश मिडफील्डर ईदू गार्सिया ने बेंगलुरु एफसी को रिक्वेस्ट किया कि वो चाइनीज क्लब झेजियांग लूशेंग में जाना चाहते हैं। काफी बातचीत के बाद बेंगलुरु एफसी की टीम 1 करोड़ की ट्रांसफर फीस पाने में कामयाब रही।

काफी कम देखने को मिलता है कि एक इंटरनेशनल क्लब इंडियन फुटबॉल से जुड़े किसी खिलाड़ी के लिए इतनी ट्रांसफर फीस दे। इससे ये भी पता चलता है कि बेंगलुरु एफसी का थिंक-टैंक कितना बढ़िया है जिसकी वजह से उन्हें इतनी बड़ी ट्रांसफर फीस मिली और यही उनकी सफलता का कारण भी है।

इस साल की शुरुआत में चेन्नई सिटी एफसी ने अपने स्ट्राइकर पेड्रो मान्जी को जैपनीज लीग के क्लब एलबिरेक्स नीगाटा को 1 करोड़ की फीस में ट्रांसफर किया। 2018-19 के सीजन में जब चेन्नई ने आई-लीग का खिताब जीता था तो उसमें पेड्रो ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने क्लब के लिए 18 मैचों में 21 गोल किए और कई गोल में असिस्ट भी दिया था।

ये ट्रांसफर इसलिए भी काफी अहम था क्योंकि आई-लीग को इंडियन फुटबॉल में सेकेंड टियर कम्पटीशन करार दे दिया गया था। इसलिए चेन्नई सिटी एफसी का इतनी बड़ी रकम हासिल करना काफी बड़ी बात है।

1. हूगो बोउमोस (एफसी गोवा से मुंबई सिटी एफसी) – 1.6 करोड़

मुंबई सिटी एफसी ने ट्रांसफर मार्केट में कई बेहतरीन प्लेयर्स को साइन किया है। एफसी गोवा के बार-बार मना करने के बावजूद मुंबई सिटी एफसी ने हूगो बोउमोस के लिए 1.6 करोड़ की ट्रांसफर फीस देकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। इंडियन फुटबॉल में किसी भी प्लेयर के लिए ये सबसे ज्यादा ट्रांसफर फीस है।

बोउमोस का एफसी गोवा के साथ मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट 2022 तक था। हालांकि, जब उन्होंने 27 जुलाई को टीम का साथ छोड़ने का फैसला किया तब ई-मेल के जरिए मुंबई सिटी एफसी ने उन्हें अपनी टीम में आने के लिए कहा। 25 वर्षीय खिलाड़ी को आईएसएल ‘प्लेयर ऑफ द सीजन’ चुना गया था। उन्होंने 15 मुकाबलों में 11 गोल और 10 असिस्ट किए थे।

एफसी गोवा बीते सीजन आईएसएल प्वॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर रही थी और इसमें बोउमोस का काफी बड़ा योगदान था। इसी वजह से वो एएफसी चैंपियंस लीग 2021 के ग्रुप स्टेज में जगह बनाने में कामयाब रहे।