पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों को कई शानदार मुकाबले देखने को मिले है।

फुटबॉल जगत में भारत एक विकासशील देश है। हम अभी भी इस खेल में एक उभरती हुई टीम हैं और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को आयोजित करने में हमें अभी और समय लग सकता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में फुटबॉल फैंस को कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट भारत द्वारा आयोजित करते हुए देखने को मिले हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर में बेहतरीन सुधार के चलते भारत को हाई लेवल टूर्नामेंट आयोजित कराने और मजबूत टीमों को बुलाने का मौका मिला है। 2017 फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप से लेकर एएफसी चैंपियंस लीग तक, फुटबॉल फैंस को भारतीय जमीन पर कई बड़े मुकाबले देखने को मिले हैं। ऐसे ही पांच बड़े टूर्नामेंट हम आपको बता रहे हैं, जिन्हें पिछले कुछ वर्षों में भारत में आयोजित किया गया:

5. एएफसी चैलेंज कप 2008

साल 2008 में भारत में एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) द्वारा एएफसी चैलेंज कप आयोजित किया गया था। 30 जुलाई से 13 अगस्त तक ये टूर्नामेंट चला था। ताइवान, थाइलैंड और फिलीपींस के विफल होने के बाद भारत को इस टूर्नामेंट को आयोजित करने के अधिकार मिले थे। इस टूर्नामेंट में सिर्फ एएफसी के इमरजिंग क्लास के देश ही हिस्सा ले सकते थे।

इस दौरान भारत ग्रुप ए में ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ था। भारत ने सेमीफाइनल में म्यांमार को हराते हुए फाइनल में ताजिकिस्तान से मुकाबला किया और जीत हासिल की। टूर्नामेंट जीतने के साथ ही भारत 1984 के बाद पहली बार एएफसी एशियन कप 2011 के लिए क्वालिफाई भी हुआ।

4. इंटरकॉन्टिनेंटल कप 2018

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने आगामी एएफसी एशियन कप 2019 की तैयारी के लिए 2018 में इंटरकॉन्टिनेंटल कप आयोजित किया था। इस टूर्नामेंट में केन्या, ताइवान और न्यूजीलैंड जैसी दिग्गज टीमों से भारत का मुकाबला हुआ।

भारत और केन्या टॉप-2 पोजिशन पर रहते हुए फाइनल में पहुंचे। सुनील छेत्री के शानदार 2 गोलों के बूते भारत ने केन्या को फाइनल मुकाबले में 2-0 से हराया था। कप्तान छेत्री इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा आठ गोल दागने वाले खिलाड़ी भी बने थे।

3. 1982 एशियन गेम्स में फुटबॉल

साल 1982 के एशियन गेम्स दिल्ली में हुए थे। इन गेम्स में फुटबॉल भी शामिल था और इस टूर्नामेंट में एशिया की दिग्गज टीमों ने हिस्सा लिया था। हिस्सा लेने वाली सभी 16 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया था और हर ग्रुप में चार टीमें थीं। भारत के ग्रुप में चीन, मलेशिया और बांग्लादेश थे और भारत ने ग्रुप स्टेज पार करने में सफलता हासिल की थी। हालांकि क्वार्टरफाइनल में भारत को सऊदी अरब के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 1982 एशियन गेम्स में ईराक को गोल्ड, कुवैत को सिल्वर और सऊदी को ब्रॉन्ज मैडल मिला था।

2. एएफसी चैंपियंस लीग के ग्रुप स्टेज मुकाबले

भारत में अभी एएफसी चैंपियंस लीग ग्रुप स्टेज के मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। एफसी गोवा इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों में से एक है। इसी के साथ आईएसएल की ये टीम पहला भारतीय क्लब है जो एशियन क्लब फुटबॉल के इस महामुकाबले में हिस्सा ले रही है।

गौर्स, पर्सेपोलिस एफसी, अल वहादा और अल रय्यान के साथ ग्रुप साझा कर रहे हैं। एफसी गोवा ने अपने दोनों शुरुआती मुकाबले ड्रॉ खेले और तीसरे मुकाबले में उन्हें पर्सेपोलिस के हाथों हार का सामना करना पड़ा। पर्सेपोलिस ने 2-1 से एफसी गोवा को तीसरे मुकाबले में हराया है। एडू बेदिया एएफसी चैंपियंस लीग में किसी भारतीय क्लब की ओर से गोल दागने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

1. फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप 2017

फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप 2017 भारत में आयोजित किया गया था। अंडर-17 एज ग्रुप की सर्वश्रेष्ठ टीमों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। आयोजनकर्ता देश के तौर पर भारत ने भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। ऐसे में इन युवा खिलाड़ियों के कंधों पर देश की काफी उम्मीदें थीं, क्योंकि उनके ग्रुप में घाना, कोलंबिया और अमेरिका जैसी दिग्गज टीमें थीं।

भारत अपने तीनों मुकाबले हार गया और टूर्नामेंट में उनका सफर ग्रुप स्टेज पर ही खत्म हो गया। हालांकि, भारत के जिक्सन सिंह ने कोलंबिया के साथ हुए मुकाबले में हैडर करते हुए शानदार गोल दागा और वो वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से पहला गोल दागने वाले खिलाड़ी बन गए। इस टूर्नामेंट को इंग्लैंड ने अपने नाम किया। भारत ने अपने इतिहास में फुटबॉल का इससे बड़ा टूर्नामेंट कभी भी आयोजित नहीं किया है।