इन महान खिलाड़ियों ने सालों तक फुटबॉल में दबदबा बनाए रखा, लेकिन वर्ल्डकप खिताब नहीं जीत सके।

एक फुटबॉलर के करियर में फीफा वर्ल्डकप जीतना सबसे उच्चतम शिखर माना जाता है। इस खेल के कुछ महान खिलाड़ियों ने इस बेहतरीन खिताब पर अपना कब्जा भी जमाया है। हालांकि, फुटबॉल के कई ऐसे महान खिलाड़ी भी हैं जिन्हें यह खिताब जीतने का मौका नहीं मिला है। एक नजर डालते हैं टॉप-10 फुटबॉलर्स पर जो अब तक फीफा वर्ल्डकप नहीं जीत सके हैं।

10. पाउलो माल्दीनी (इटली)

इटैलियन डिफेंडर पाउलो माल्दीनी को फुटबॉल के सबसे बेहतरीन डिफेंडर्स में से एक माना जाता है। गेम को सही तरीके से पढ़ने वाले माल्दीनी ने एसी मिलान को पांच बार चैंपियन्स लीग का खिताब जिताया। हालांकि, चार बार फीफा वर्ल्डकप खेलने के बावजूद उन्हें खिताब हासिल करने में निराशा ही हाथ लगी।
1994 में माल्दीनी खिताब जीतने के सबसे करीब पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार झेलनी पड़ी थी।

9. ओलिवर कान (जर्मनी)

जर्मनी के सबसे बेहतरीन गोलकीपर्स में से एक कान को उनकी स्किल के अलावा उनकी असहनशीलता के लिए भी जाना जाता था। बायर्न म्यूनिख के साथ 14 साल बिताकर कान ने आठ जर्मन टाइटल और एक चैंपियन्स लीग टाइटल जीता था।

1996 यूरोपियन चैंपियनशिप में जर्मनी के साथ सफलता हासिल करने वाले कान को फीफा वर्ल्डकप में सफलता नहीं मिली। 2002 फीफा वर्ल्डकप फाइनल में उनकी टीम को ब्राजील के खिलाफ हार मिली थी और पहला गोल कान की गलती से ही हुआ था।

8. रुड गुलिट (नीदरलैंड्स)

1990 फीफा वर्ल्डकप में नीदरलैंड्स को काफी मजबूत टीम माना जा रहा था और रुड गुलिट उस टीम के अहम सदस्य थे। ‘बैलन डे ऑर’ जीत चुके गुलिट अपनी टीम को वर्ल्डकप जिताने में सक्षम दिखाई दे रहे थे। हालांकि, ऐसा हो नहीं सका और उनकी टीम राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गई। 1994 वर्ल्डकप में एक बार फिर उनके पास मौका था, लेकिन टूर्नामेंट से कुछ हफ्तों पहले ही उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी थी।

7. रॉबर्टो बैजियो (इटली)

एसी मिलान और युवेंटस के पूर्व फारवर्ड बैजियो 1994 वर्ल्डकप में ‘बैलन डे ऑर’ विजेता के रूप में गए थे। इटली का प्रदर्शन अदभुत रहा और फाइनल में उनका मुकाबला ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट तक गया।

हालांकि, यह बैजियो के करियर का शायद सबसे खराब लम्हा रहा। उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया और उनकी टीम इटली को उपविजेता मेडल से संतोष करना पड़ा।

6. एरिक कैंटोना (फ्रांस)

एरिक कैंटोना के बारे में कोई भी बातचीत काफी पेचीदा है। फ्रेंच खिलाड़ी का क्लब करियर बेहतरीन रहा, लेकिन नेशनल टीम के साथ वह कमाल नहीं कर सके। वह फ्रांस के उस पीढ़ी के खिलाड़ी थे जिसमें फ्रेंच टीम में कई दिग्गज खिलाड़ी हुआ करते थे।

हालांकि, वह 1995 में फ्रेंच फुटबॉल एसोसिएशन से भिड़ गए और दोबारा नेशनल टीम के लिए नहीं खेल सके। बाद में उन्होंने खुलासा किया था कि यदि विवाद नहीं हुआ होता तो वह 1998 में हुए वर्ल्डकप में जरूर खेलते।

5. केविन कीगन (इंग्लैंड)

1980 के दशक में केविन कीगन इंग्लैंड के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक थे। न्यूकासल यूनाइटेड और लिवरपूल के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले केविन ने कई क्लब के लिए खेला था। अपने चरम पर उन्होंने लगातार दो बार ‘बैलन डे ऑर जीता’ और अपना महत्व बताया।

हालांकि, उनका व्यक्तिगत और क्लब प्रदर्शन नेशनल टीम में उतना कारगर नहीं रहा। 1982 फीफा वर्ल्डकप में उन्होंने इंग्लैंड की अगुवाई की थी। बैक इंजरी के कारण वह टूर्नामेंट में केवल एक ही मैच खेल सके थे।

4. फ्रेंक पुस्कास (हंगरी)

लेजेंडरी फारवर्ड खिलाड़ी हंगरी की गोल्डेन जेनरेशन टीम का हिस्सा थे और नेशनल टीम के लिए 85 अपिएरेंस में उन्होंने 84 गोल दागे हैं। अपने क्लब करियर में उन्होंने 530 मैचों में 514 गोल दागे हैं। 1954 फीफा वर्ल्डकप में वह अपनी टीम को फाइनल तक ले गए जहां उनका सामना वेस्ट जर्मनी की टीम से हुआ।

3. योहान क्रॉफ (नीदरलैंड)

योहान क्रॉफ प्लेयर और मैनेजर दोनों रोल में काफी सफल रहे। क्रॉफ ने अपने ‘टोटल फुटबॉल’ से जो कला दिखाई उसे ही हम आज मॉर्डन फुटबॉल के रूप में देख रहे हैं। मशहूर ‘क्रॉफ टर्न’ पहली बार 1974 फीफा वर्ल्डकप में देखने को मिला था। भले ही क्रुएफ बेहतरीन खिलाड़ी थे, लेकिन वह वर्ल्डकप जीतने का सौभाग्य नहीं प्राप्त कर सके।

2. क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल)

रोनाल्डो ने अपने करियर में जितने खिताब जीते हैं उनके बारे में ज्यादा फुटबॉलर्स सोच भी नहीं सकते हैं। पांच बैलन डे ऑर, पांच चैंपियन्स लीग खिताब, तीन प्रीमियर लीग, दो ला-लीगा और एक सेरी-ए खिताब अपने नाम कर चुके रोनाल्डो को फुटबॉल के सबसे महानतम खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।

उन्होंने कई बार पुर्तगाल के साथ वर्ल्डकप खिताब जीतने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें असफलता ही मिली। 2022 वर्ल्डकप करीब आ रहा है और रोनाल्डो आखिरी बार यह टूर्नामेंट जीतने की कोशिश जरूर करेंगे।

1. लियोनल मेसी (अर्जेंटीना)

लियोनल मेसी जैसी रॉ टैलेंट और स्किल वाले दुनिया में बेहद कम ही फुटबॉलर हैं। मेसी ने गोल दागने की अपनी क्षमता से लगभग हर रिकॉर्ड को अपने नाम किया है। हालांकि, छह बैलन डे ऑर, छह चैंपियन्स लीग और 10 ला-लीगा खिताब के बावजूद वह एक भी इंटरनेशनल खिताब नहीं जीत सके हैं।

2014 में मेसी वर्ल्डकप खिताब जीतने के काफी करीब पहुंचे थे, लेकिन मारियो गोट्जे ने एक्स्ट्रा-टाइम में गोल दागकर जर्मनी को जीत दिलाई थी।