स्पेन के कई मैनेजर्स ने इंडियन फुटबॉल पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश की है।

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के अबतक कई सीजन बीत चुके हैं और इस दौरान सभी क्लबों पर स्पेन के कोचों का काफी गहरा प्रभाव रहा है। स्पेन के जितने भी मैनेजर्स रहे हैं उन्होंने एक अलग तरह की पासिंग स्टाइल लीग में डेवलप की है। आईएसएल की अगर बात करें तो अभी तक कई स्पैनिश कोच यहां आकर काम कर चुके हैं।

2020/21 सीजन में अकेले स्पेन से सात हेड कोच हैं जो अपनी-अपनी टीमों को ट्रॉफी दिलाने के लिए अलग-अलग तरह की टैक्टिस अपना रहे हैं। स्पेन से आने वाले जितने भी कोच रहे हैं उन सबके अंदर एक कॉमन चीज रही है और वो है गेम के प्रति उनका एप्रोच।

स्पेन के कोचों की रणनीति साफ रही है। उन्होंने पासिंग और पोजेशन पर ज्यादा जोर दिया है। ये रणनीति इंडियन प्लेयर्स के लिए काफी कारगर रही है। भारतीय खिलाड़ी व्यक्तिगत तौर पर भले ही उतने स्ट्रांग ना हों लेकिन एक टीम के तौर पर वो अच्छी तरह से खेलना जानते हैं और उनके लिए ये टैक्टिस काफी अच्छी है।

हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि स्पेन से आने वाले जितने भी कोच अभी तक इंडियन सुपर लीग में हुए हैं उनमें से किस कोच ने सबसे ज्यादा सफलता हासिल की हैं:

एंटोनियो लोपेज हबास

एंटोनियो लोपेज हबास 2014 से ही आईएसएल का हिस्सा हैं और एटीके के साथ दो बार खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने आईएसएल में अपने सफर की शुरुआत एटीके से ही की थी और उनको खिताब दिलाया था। उसके बाद 2019/20 के सीजन में भी उन्होंने दूसरी बार टाइटल जीता।

वह 2016 में एफसी पुणे सिटी का हिस्सा थे लेकिन क्लब से कुछ मतभेद के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 2019 में उन्होंने वापसी की और इस सीजन एटीके मोहन बगान के कोच हैं। इस सीजन को छोड़ दें तो 67 में से 30 मुकाबलों में उन्होंने जीत हासिल की है और उनका जीत प्रतिशत 44.77 है। 2016 में केवल एक बार वो एटीके के हेड कोच नहीं रहे थे।

जोस फ्रैंसिस्को मोलिना 

2016 के इंडियन सुपर लीग सीजन में एटीके ने एंटोनियो हबास की जगह उनके ही हमवतन जोस फ्रैंसिस्को मोलिना को अपना हेड कोच नियुक्त किया था। उन्होंने भी अपनी कोचिंग में एटीके को आईएसएल का चैंपियन बनाया और पूरे सीजन में केवल दो ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इस सफलता के बावजूद फ्रैंसिस्को मोलिना की कोचिंग में एटीके को 17 में से सिर्फ छह ही मैचों में जीत मिली और नौ मुकाबले ड्रॉ रहे।

मिगुएल एंगल पोर्तुगल

2017 में दिल्ली डायनमोज ने स्पेन के मिगुएल एंगल पोर्तुगल को अपना हेड कोच नियुक्त किया। हालांकि रिजल्ट उनके फेवर में नहीं रहे। टीम उनकी कोचिंग में 19 में से केवल पांच ही मुकाबलों में जीत हासिल कर पाई और वो आठवें पायदान पर रहे।

उसके अगले सीजन मिगुएल एंगल पोर्तुगल एफसी पुणे सिटी के कोच बने लेकिन दो हार और एक ड्रॉ के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उनका विनिंग पर्संटेज 22.72 प्रतिशत रहा जो आईएसएल के स्पैनिश कोचों में सबसे कम है।

आईएसएल के 2019-20 सीजन के अंत तक लीग में आठ स्पेनिश कोच काम कर चुके थे।

सर्जियो लोबेरा

सर्जियो लोबेरा ने 2017 में आईएसएल में एंट्री ली थी। उस सीजन एफसी गोवा ने उन्हें अपना कोच नियुक्त किया था। सर्जियो लोबेरा ने अपने अटैकिंग गेमप्ले से कई सारे बेहतरीन मुकाबले जीते और एफसी गोवा को आईएसएल की सबसे जबरदस्त टीमों में से एक बनाया। उन्होंने सुपर कप का टाटइल जीता और उनकी ही कोचिंग में गौर्स ने एएफसी चैंपियंस लीग के ग्रुप स्टेज के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया। सर्जियो लोबेरा ने 59 मैचों में एफसी गोवा की कोचिंग की और इस दौरान 33 मुकाबलों में जीत हासिल की और उनका जीत प्रतिशत 55.93% रहा।

अल्बर्ट रोका

अल्बर्ट रोका 2017/18 के सीजन में बेंगलुरु एफसी के कोच बने। इससे पहले वो सफलतापूर्वक आई-लीग में बेंगलुरु की कोचिंग कर चुके थे और आईएसएल में ये उनका पहला सीजन था।

बेंगलुरुर एफसी के कोच के तौर पर अल्बर्ट रोका का रिकॉर्ड काफी बेहतरीन रहा। उन्होंने एक सीजन टीम की कोचिंग की और इस दौरान 21 में से 14 मुकाबले जीते। हालांकि प्लेऑफ में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। उनका विनिंग पर्संटेज 66.66% रहा लेकिन इसके बावजूद वो बाद में एफसी बार्सिलोना के फिटनेस कोच बन गए।

कार्ल्स कुआड्राट 

अल्बर्ट रोका के जाने के बाद एक और स्पैनिश कार्ल्स कुआड्राट को बेंगलुरु एफसी ने अपना कोच नियुक्त किया। अल्बर्ट के समय वो असिस्टेंट कोच थे। उन्होंने अपनी कोचिंग में बेंगलुरु एफसी को पहली बार आईएसएल का चैंपियन बनाया। बेंगलुरु एफसी के साथ 2020/21 का सीजन उनका तीसरा कार्यकाल है और इससे पहले के दो सीजन में उन्होंने 49 में से 23 मुकाबले टीम को जिताए थे और उनका जीत प्रतिशत 46.93% रहा।

जोसेफ गोम्बाऊ 

जोसेफ गोम्बाऊ ने दिल्ली डायनामोज और ओडिशा एफसी दोनों की कोचिंग की। उन्हें पोजेशन बेस्ट फुटबॉल खेलने के लिए जाना जाता था। हालांकि उनकी ये रणनीति आईएसएल में कारगर नहीं रही। 39 में से वो मात्र 11 ही मुकाबले जीत पाए और उनका जीत प्रतिशत 28.20% रहा। 2020/21 के सीजन से पहले उन्होंने निजी कारणों से आईएसएल से अपना नाम वापस ले लिया था।

सीजर फर्नांडो

सीजर फर्नांडो को जमशेदपुर ने 2018/19 सीजन के लिए अपना मैनेजर बनाया था। इससे पहले स्पेन में वो एटलेटिको मैड्रिड और अल्बासिटे जैसी टीमों की कोचिंग कर चुके थे। सीजर फर्नांडो केवल एक सीजन जमशेदपुर के कोच रहे और उस दौरान उनको 20 में से केवल छह ही मुकाबलों में जीत मिली, जबकि 10 मैच ड्रॉ रहे और उनका जीत प्रतिशत 30%. रहा।